स्वर्ग से परे यात्रा (शब-ए-मिराज) 🌌✨🌃 🌙 🐎 ✨ 🌌 🔓 🌟 🌳 🕊️ 💬 🌬️ 🤲 🕌 🕯️

Started by Atul Kaviraje, January 25, 2026, 08:00:38 PM

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Atul Kaviraje

शब्ब-ए-मिराज-
शब-ए-मेराज: मुस्लिम भाई-बहनों के लिए यह महत्वपूर्ण त्योहार इसी दिन पड़ता है।

17 जनवरी, 2026 (शनिवार) को 'शब-ए-मिराज' के पवित्र त्योहार के मौके पर पैगंबर मुहम्मद (PBUH) की दिव्य यात्रा पर आधारित एक दिल को छू लेने वाली और रसीली मराठी कविता यहाँ है।

कविता: स्वर्ग से परे यात्रा (शब-ए-मिराज) 🌌✨

तारीख: 17.01.2026 | दिन: शनिवार

कड़वी कविता 1:
पवित्र रात का यह खूबसूरत समारोह आया है,
मिराज का संदेश, लोगों और लोगों को छू गया है।
मक्का से यरूशलेम तक, यात्रा बहुत बड़ी है,
स्वर्ग से परे, दिव्य घाट। 🌃 🌙 🐎 ✨

मतलब: शब-ए-मिराज की यह रात बहुत पवित्र है और पैगंबरों ने मक्का से यरूशलेम और फिर स्वर्ग से परे यात्रा की।

कड़वे 2:
बुराक पर सवार होकर पैगंबर निकल पड़े,
आसमान भी अल्लाह से मिलने को बेताब था।
सातों आसमानों के दरवाज़े एक के बाद एक खुल गए,
पैगंबर की चमक से चांद भी बंद हो गया। 🐎 🌌 🔓 🌟

मतलब: जब पैगंबर मुहम्मद अल्लाह से मिलने के लिए 'बुराक' गाड़ी पर सवार हुए, तो उनके लिए सातों आसमानों के दरवाज़े खुल गए।

कदवे 3:
सिदरतुल मुंतहा, सरहद का वह पेड़,
पैगंबरों को वहां पहुंचकर इज्जत मिली।
अल्लाह से वह बातचीत, रहस्यमयी और बेहद पवित्र,
वहां भक्ति की ठंडी हवा चली। 🌳 🕊� 💬 🌬�

मतलब: पैगंबर ब्रह्मांड की सरहद पर 'सिदरतुल मुंतहा' पेड़ पर पहुंचे और वहां उनका भगवान से दिव्य संवाद हुआ।

कदवे 4:
पांचों रोज़ की नमाज़ों का मिलन,
वहां, इंसान का रिश्ता खुदा से, सीधा जुड़ता है।
पवित्र शब की रात, इबादतों से सजी,
मुस्लिम भाइयों के दिलों में ईमान की लौ जलाई। 🤲 🕌 🕯� ❤️

मतलब: इस सफ़र में, पांचों रोज़ की नमाज़ें मुस्लिम समुदाय के लिए एक तोहफ़े के तौर पर मिलीं, जो बंदे को सीधे खुदा से जोड़ती हैं।

कदवे 5:
पैगंबर ने इंसानियत और शांति का मंत्र दिया,
ज़िंदगी के राज़ बताए, सभी खुदा की तरकीबें बताईं।
मुश्किल वक्त में सब्र, और अल्लाह पर भरोसा,
यही मेराज की रात की खास और खास बात है। 🤝 🕊� 📖 🛐

मतलब: इस रात, पैगंबर ने शांति और सच्चाई का पैगाम दिया और कहा कि खुदा पर भरोसा ही असली ताकत है।

कड़वे 6:
रात को जागकर इबादत करें,
गुनाहों की माफ़ी मांगें, और नेकियों को थामे रहें।
हर घर में रोशनी होगी, इस रोशनी की रात,
पूरी दुनिया के लिए, भलाई का यही एक ज़रिया मांगें। 🕯� 🤲 🌍 ✨

मतलब: इस रात जागकर इबादत की जाती है, अपनी गलतियों की माफ़ी मांगते हुए और सबकी खुशी के लिए दुआ की जाती है।

कड़वे 7:
शब-ए-मेराज का त्योहार खुशहाली लाए,
सभी धर्मों में भाईचारा हमेशा बना रहे।
आइए हम सब रोशनी के इस रास्ते पर चलें,
आइए इंसानियत को संजोएं, दिलों में हमेशा गर्व रखें। 🌈 🤝 🕌 💖

मतलब: यह त्योहार सबकी ज़िंदगी में खुशियां और भाईचारा लाए, हम सब इंसानियत की राह पर चलें।

सिर्फ़ इमोजी समरी
🌃 🌙 🐎 ✨ 🌌 🔓 🌟 🌳 🕊� 💬 🌬� 🤲 🕌 🕯� ❤️ 🤝 📖 🛐 🌍 🌈 💖

सिर्फ़ शब्द समरी
मिराज • पैगंबर मुहम्मद • बुराक • सात नभ • अल्लाह का संदेश • पाँच सलात • इबादत • शांति • भाईचारा • पवित्र रात • इंसानियत.

--अतुल परब
--दिनांक-17.01.2026-शनिवार.
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