अंजनवती का ज्ञानप्रकाश - संत तुकविप्र 🚩🙏🚩 ✨ 🕉️ 🙏 📖 🕯️ 👣 ❤️ 🎶 🌬️ 🤲 🏛️

Started by Atul Kaviraje, January 25, 2026, 08:04:54 PM

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Atul Kaviraje

संत तुकाविप्र समाधी दिन-अंजनवती, तालुका-जिल्हा-बिड-

बीड ज़िले के अंजनवती के महान संत श्री तुकविप्र महाराज की पुण्यतिथि/समाधि दिवस (17 जनवरी, 2026) के मौके पर पेश है एक बहुत ही इमोशनल और रसीली मराठी कविता।

कविता: अंजनवती का ज्ञानप्रकाश - संत तुकविप्र 🚩🙏

तारीख: 17.01.2026 | दिन: शनिवार (समाधि दिवस समारोह)

कड़वा 1:
बीड ज़िले के अंजनवती की धरती पवित्र हो गई है,
तुकविप्र महाराज की भक्ति रंगीन हो गई है।
समाधि दिवस समारोह, भक्तों की यह भीड़,
मृतक के चरणों का स्मरण करें, आत्मा की मिठास का आनंद लें। 🚩 ✨ 🕉� 🙏

मतलब: संत तुकविप्र महाराज के आने से अंजनवती की धरती पवित्र हो गई है। उनके समाधि दिवस के मौके पर बड़ी संख्या में भक्त इकट्ठा हुए हैं।

कड़वे 2:
विट्ठल भक्ति की लगन, और विप्र कुल की उत्पत्ति,
भक्ति और ज्ञान, उन्होंने सत्य को उजागर किया।
सादा जीवन जीकर, उन्होंने महान शिक्षाएँ दीं,
मन की सभी चिंताओं और दुखों को मिटा दिया। 📖 🕯� 👣 ❤️

मतलब: विट्ठल भक्ति के शौकीन महाराज ने दुनिया को ज्ञान और भक्ति का आसान रास्ता दिखाया, जिससे इंसान का दुख दूर होता है।

कड़वे 3:
वारकरी संप्रदाय के, आप चमकते सितारे हैं,
आपकी आवाज़ मन में ठंडी हवा लाए।
अंजनवती धामी आज, अभंगों की यह अलख,
भक्तों पर आपकी कृपा बनी रहे। 🎶 🌬� 🚩 🤲

मतलब: वारकरी संप्रदाय में आपका स्थान अटल है। आज आपके दरबार में अभंग गाए जा रहे हैं और आपकी कृपा हम पर हमेशा बनी रहे।

कड़वे 4:
समाधि स्थल के दर्शन, हमारा बड़ा सौभाग्य,
भक्ति की इस यात्रा को, नई ताकत मिले।
शांत और संयमित, आपका अलौकिक रूप,
याद की यह धूप हमारे मन में जलती रहे। 🏛� 🙌 😇 🕯�

मतलब: महाराज की समाधि के दर्शन मिलना बहुत सौभाग्य की बात है। उनके शांत रूप को याद करने से मन में भक्ति की लौ जल उठती है।

कड़वे 5:
आपने हमें इंसानियत और नैतिकता का पाठ दिया,
आपने भक्ति के इस मार्ग के लिए एक महान नींव तैयार की।
आपने जाति-पाति की दीवारें हटा दीं,
आपने भक्ति की धुन में प्रेम का यह भजन भर दिया। 🤝 🌈 🥁 🎼

मतलब: बाबा ने इंसानियत और बराबरी सिखाई। उन्होंने समाज में भेदभाव को दूर किया और सभी को प्रेम के धागे में बांधा।

कड़वे 6:
आप हमें संसार के जाल से मुक्त करते हैं,
अंधकार को दूर करते हैं, और ज्ञान के प्रकाश को जन्म देते हैं।
तुकविप्र का नाम लेते ही, यह शरीर पवित्र हो गया,
भगवान अखंड रहें, हे प्रभु, आपके चरणों में प्रेम। 🔓 ☀️ 🙏 💖

अर्थ: महाराज ने हमें भ्रम से मुक्त किया और हमें ज्ञान के प्रकाश की ओर ले गए। उनका नाम लेने से शरीर और मन दोनों पवित्र हो जाते हैं।

कड़वे 7:
इस शुभ दिन पर, मैं बार-बार प्रणाम करता हूं,
आपके आशीर्वाद से, मेरा जीवन बच जाए।
अंजनावती की यह शोभायात्रा, हर साल होनी चाहिए,
भक्ति की यह कहानी, पूरी दुनिया को पता होनी चाहिए। 🙇�♂️ 🚩 🏆 🎊

अर्थ: समाधि दिवस के अवसर पर हम महाराज को नमन करते हैं। भक्ति की यह परंपरा ऐसे ही चलती रहे और सभी का कल्याण करे, यही मेरी प्रार्थना है।

सिर्फ़ इमोजी समरी
🚩 ✨ 🕉� 🙏 📖 🕯� 👣 ❤️ 🎶 🌬� 🤲 🏛� 🙌 😇 🤝 🌈 🥁 🎼 🔓 ☀️ 💖 🙇�♂️ 🏆 🎊

सिर्फ़ शब्द समरी
संत तुकविप्र • अंजनावती • बीड • समाधि दिवस • पुण्यतिथि • विट्ठल भक्ति • वारकरी संप्रदाय • ज्ञानप्रकाश • अभंग गाजर • शांति • मानवता • आशीर्वाद।

--अतुल परब
--दिनांक-17.01.2026-शनिवार.
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