पूर्वजों का कर्ज़ और पवित्र याद 🌊🙏🌊 🧘‍♂️ ✨ 🙏 🚩 🏛️ 🐚 🕯️ 💧 🌾 🏠 🍛 🤲

Started by Atul Kaviraje, January 25, 2026, 08:09:41 PM

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Atul Kaviraje

पितृ कार्य: अमावस्या के मौके पर नदी किनारे या किसी तीर्थस्थल (जैसे नासिक, त्र्यंबकेश्वर) पर जाकर पितृ स्मरण और श्राद्ध करने का रिवाज है।
✔️ गंगा किनारे स्नान करने, पितृ श्राद्ध करने या खाना दान करने से पुण्य बढ़ता है।
पितृ कार्य: चूंकि अमावस्या शुरू हो रही है, इसलिए यह दिन पितरों को याद करने और श्राद्ध करने के लिए शुभ है।

17 जनवरी, 2026 (शनिवार) को अमावस्या के मौके पर 'पूर्वजों का कर्ज़ और आभार' टॉपिक पर एक बहुत ही इमोशनल और मज़ेदार मराठी कविता।

कविता: पूर्वजों का कर्ज़ और पवित्र याद 🌊🙏

तारीख: 17.01.2026 | दिन: शनिवार (अमावस्या - पूर्वजों का कर्ज़)

कड़वी कविता 1:
अमावस्या का पावन दिन, पूर्वजों के काम का यह दिन,
नदी किनारे इकट्ठा हुए भक्त, पूर्वजों की याद में लीन हैं।
गंगा किनारे नहाने से यह शरीर पवित्र हो जाता है,
पूर्वजों के चरणों में बह जाऊं, यह कितना अपार प्रेम है। 🌊 🧘�♂️ ✨ 🙏

मतलब: अमावस्या शुरू हो रही है, और यह दिन पूर्वजों को याद करने के लिए सबसे अच्छा है। गंगा में नहाने से शरीर पवित्र होता है और पितरों के चरणों में आभार व्यक्त किया जाता है।

कड़ावे 2:
नासिक त्र्यंबकेश्वर धामी, कर्मकांडों का यह भव्य नज़ारा,
श्रद्धा और तर्पण का यह घाट, भक्ति का यह घाट सजा है।
अपने पितरों की मुक्ति के लिए, हम दिल से ध्यान करें,
उनकी मेहनत से हमें यह सुंदर जगह मिली है। 🚩 🏛� 🐚 🕯�

मतलब: नासिक और त्र्यंबकेश्वर जैसे तीर्थ स्थलों पर श्राद्ध कर्म करने से पितरों को गति मिलती है। जिनकी मेहनत से हम आज हैं, उनका ध्यान करना हमारा कर्तव्य है।

कड़ावे 3:
तिल और दर्भा से, श्रद्धा का यह जल चढ़ाया जाता है,
पितर संतुष्ट होंगे, जीवन का बोझ उतर जाएगा।
पिंडदान की रस्म से मन को मिले ये शांति,
आशीर्वाद की चमक से घर में क्रांति आए। 💧 🌾 🧘�♂️ 🏠

मतलब: तिल और पानी के तर्पण से पितरों को संतुष्टि मिलती है। इस रस्म से मन का दुख दूर होता है और पितरों के आशीर्वाद से घर में खुशियां आती हैं।

कड़वे 4:
दुनिया में सबसे बड़ा माना जाने वाला अन्न दान का ये पुण्य,
कमज़ोर आत्माओं की सेवा करने से हम पर भगवान की कृपा बनी रहे।
आज अन्न दान करके किसी की भूख मिटाएं,
पितरों को याद करने से जीवन के सारे दुख मिट जाएं। 🍛 ��🤲 🍲 😊

मतलब: अमावस्या पर गरीबों को अन्न दान करना बहुत बड़ा पुण्य है। किसी की भूख मिटाने से हमारे पितरों की आत्मा को सच्ची शांति मिलती है।

कड़वे 5:
शनिवार अमावस्या, शनैश्चरी खास है,
पितृ पापों से मुक्ति के लिए यह एक सुंदर ध्यान है।
आइए पीपला वृक्ष की परिक्रमा करें, प्रार्थना करें,
प्रभु हमारे सभी कष्ट दूर करें। 📅 🌳 ⚖️ 📿

अर्थ: शनिवार को पड़ने वाली अमावस्या पितृ पापों को दूर करने के लिए फलदायी होती है। पीपल वृक्ष की पूजा और प्रार्थना करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और परेशानियां दूर होती हैं।

कड़वे 6:
कौए को दाना खिलाकर हम मानते हैं कि पितरों की गंध है,
प्रकृति के कण-कण में, ऐसा लगता है जैसे वे वहीं हैं।
कृतज्ञता की भावना के साथ, हमें आज नमन करना चाहिए,
पितरों के पुण्य से, जीवन और भी सुंदर हो गया है। 🐦 🍛 🌳 🙇�♂️

मतलब: कौए को खाना खिलाने से पितरों के प्रति सम्मान जताया जाता है। हमें पता होना चाहिए कि हमारे जीवन में जो भी वैभव है, वह हमारे पितरों के पुण्य का फल है।

कड़वे 7:
यह शुभ अमावस्या, हमें एक नई दिशा दे,
पितरों का यह प्यार हमेशा हमारे घरों में बना रहे।
आइए हम सब अच्छे कर्मों के इस रास्ते पर चलें,
आइए हम इंसानियत को संजोएं, हमेशा अपने दिलों में गर्व रखें। 🌈 ☀️ 🙌 🕉�

मतलब: यह अमावस्या सबको सही दिशा दिखाने वाली हो। पितरों का आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहे और हम इंसानियत और अच्छे कर्मों के रास्ते पर चलें।

सिर्फ़ इमोजी समरी
🌊 🧘�♂️ ✨ 🙏 🚩 🏛� 🐚 🕯� 💧 🌾 🏠 🍛 🤲 🍲 😊 📅 🌳 ⚖️ 📿 🐦 🙇�♂️ 🌈 ☀️ 🙌 🕉�

सिर्फ़ शब्द समरी
पूर्वज कार्य • अमावस्या • गंगा स्नान • श्राद्ध अनुष्ठान • नासिक-त्र्यंबकेश्वर • तर्पण • पिंडदान • अन्न दान • आभार • आशीर्वाद • पीपल पूजा • शांति • मानवता • शनिश्चरी योग।

--अतुल परब
--दिनांक-17.01.2026-शनिवार.
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