भद्रा काल - शास्त्र और संयमचाई का समय ⏳⚖️⏳ 🕰️ ⚠️ 🌑 🚫 🏠 🛒 📉 🛤️ 🛑 🤝 🙏 📿

Started by Atul Kaviraje, January 25, 2026, 08:10:28 PM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

भद्रा का समय: क्योंकि सुबह 11:15 बजे तक 'भद्रा' है, इसलिए इस समय के दौरान ज़रूरी शुभ काम (जैसे नई खरीदारी या गृहप्रवेश) नहीं करने चाहिए।
भद्रा का समय: सुबह 11:15 बजे तक 'भद्रा' है। शास्त्रों के अनुसार, भद्रा के समय ज़रूरी शुभ काम, यात्रा या नया बिज़नेस शुरू करने से मना किया जाता है।

पेश है 'भद्रा काल' पर आधारित एक मज़ेदार मराठी कविता, जो 17 जनवरी, 2026 (शनिवार) को सुबह 11:15 बजे तक है, शास्त्रों में सावधानी और भक्ति का संदेश देती है।

कविता: भद्रा काल - शास्त्र और संयमचाई का समय ⏳⚖️

तारीख: 17.01.2026 | दिन: शनिवार (भद्रा काल: सुबह 11:15 बजे तक)

कड़वी कविता 1:
यह शनिवार की सुबह आ गई है, भक्ति का यह जमावड़ा,
लेकिन सुबह 11:15 बजे तक, यह 'भद्रा' काल है।
शास्त्रों की यही अचूक वाणी है, सावधान रहें,
शुभ काम का कोई अंत नहीं होता, इसे कभी न मोड़ें। ⏳ 🕰� ⚠️ 🌑

मतलब: शनिवार को सुबह 11:15 बजे तक 'भद्रा' नक्षत्र/काल है, इसलिए ज़रूरी कामों के लिए यह समय सावधान रहने का है।

कड़वे 2:
शुभ काम, गृह प्रवेश, आज इनसे बचें,
कुछ भी नया न खरीदें, नियमों का पालन करें।
समय का महत्व बड़ा है, जो जानने में होशियार है,
उसकी किस्मत में सफलता है, यह धुन देखें। 🚫 🏠 🛒 📉

मतलब: शास्त्रों के अनुसार, भद्रा काल में नई खरीदारी, गृह प्रवेश या ज़रूरी लेन-देन से बचना फ़ायदेमंद होता है, क्योंकि माना जाता है कि इस दौरान किए गए काम सफल नहीं होते।

कड़वे 3:
यह घूमने-फिरने की भागदौड़, कोई नया लेन-देन नहीं,
यह संयम की सीख, यही जीवन का आधार है। नक्षत्रों की यह चाल, आराम की कीमत बताती है,
बिना सोचे-समझे काम करके अपने कदम न गिरने दें। 🛤� 🛑 🤝 🕰�

मतलब: इस समय में यात्रा शुरू करने या कोई नया लेन-देन शुरू करने से बचना चाहिए। सब्र के साथ सही समय का इंतज़ार करना ही समझदारी है।

कड़वे 4:
भद्रा काल में भगवान का नाम जपने से बहुत पुण्य मिलेगा,
भगवान के चिंतन से समय भी अच्छा बीतेगा।
हनुमान की भक्ति से डर दूर होगा,
अटूट विश्वास की शक्ति से हमारी गति सुधरेगी। 🙏 📿 🕉� 🚩

मतलब: भले ही शुभ काम मना हों, लेकिन इस समय में भगवान की भक्ति और नाम जप करने से इंसान को मन की शांति और ताकत मिलती है।

कड़वे 5:
शनि की अमावस्या पर, और भद्रा के इस असर पर,
मन में सिर्फ़ सच्ची भक्ति की भावना हो।
नाम जपने से,
ज़िंदगी में सिर्फ़ खुशियों की बयार आएगी। ⚖️ 🌑 🌬� ✨

मतलब: क्योंकि आज शनि की अमावस्या भी है, इसलिए भद्रा के दौरान मौन रखकर या जप करके, हम अपनी स्पिरिचुअल एनर्जी बढ़ा सकते हैं।

कड़वे 6:
साढ़े ग्यारह बजे के बाद, भद्रा का यह बुरा असर खत्म हो जाएगा,
फिर किस्मत की वह खूबसूरत नई चमक शुरू होगी।
समय का पालन करना एक बड़ी पॉलिसी है,
शास्त्रों का सम्मान करने से आपकी शोहरत बढ़ेगी। ⏰ 🔓 ☀️ 🏆

मतलब: सुबह 11:15 बजे के बाद, जैसे ही भद्रा का समय खत्म होगा, हम अपने सोचे हुए शुभ काम जोश के साथ कर सकते हैं। समय का ध्यान रखना ही तरक्की की चाबी है।

कड़वे 7:
आइए हम सब पंचांग के इस नियम का पालन करें,
आइए हम विज्ञान और अध्यात्म के सही गर्व को संजोएं।
सभी को सुख और समृद्धि मिले, यही हमारी ईश्वर से उम्मीद है,
सभी को भद्रा काल का धैर्य महसूस हो। 📖 🤝 🌈 ❤️

मतलब: आइए हम पंचांग के नियमों का सम्मान करके अपने जीवन को सहने लायक बनाएं। सभी को सुख और समृद्धि मिले।

सिर्फ़ इमोजी समरी
⏳ 🕰� ⚠️ 🌑 🚫 🏠 🛒 📉 🛤� 🛑 🤝 🙏 📿 🕉� 🚩 ⚖️ ✨ ⏰ 🔓 ☀️ 🏆 📖 🌈 ❤️

सिर्फ़ शब्द समरी
भद्रा समय • 11:15 AM • शास्त्र • सावधानी • शुभ कामों की मनाही • गृह प्रवेश • खरीदारी • धैर्य • नमस्कार • पंचांग • समय • सम्मान • भक्ति.

--अतुल परब
--दिनांक-17.01.2026-शनिवार.
===========================================