🚩 टाइटल: कोपेश्वर महिमा - खिद्रापुरची पावन यात्रा 🚩🚩 🏛️ 🌊 🔱 🕉️ 🐘 🎨 🔔

Started by Atul Kaviraje, January 27, 2026, 08:41:45 PM

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Atul Kaviraje

कोपेश्वर यात्रा-खिद्रापूर, तालुका-शिरोळ-

रविवार, 18 जनवरी, 2026 को शिरोल तालुका के खिद्रापुर में होने वाली ऐतिहासिक और आध्यात्मिक 'कोपेश्वर यात्रा' के मौके पर, यह भक्ति और रसीली लंबी कविता:

🚩 टाइटल: कोपेश्वर महिमा - खिद्रापुरची पावन यात्रा 🚩

कड़वे 1:
कृष्णा नदी के किनारे, खिद्रापुर का यह मंदिर महान है,
कोपेश्वर भगवान के चरणों में, भक्तों का यह सिर झुकता है;
स्वर्गीय मंडप की चमक, नक्काशी की यह कला,
तीर्थयात्रा के इस शुभ दिन, मन को आनंद मिलता है। 🚩 🏛� 🌊 🛐 🕯� ✨

मतलब: शिरोल तालुका में कृष्णा नदी के किनारे बसा कोपेश्वर मंदिर आर्किटेक्चर का एक बेजोड़ उदाहरण है। तीर्थयात्रा के दिन, मन को बहुत आनंद मिलता है।

कड़वे 2:
रविवार के इस शुभ मुहूर्त में, कोपेश्वर का मेला भरा है,
यहां महादेव की भक्ति से, यह दुनिया पवित्र हो जाती है;
विष्णु और शिव के रूप, कोपेश्वर और धोपेश्वर,
यहां, दर्शन मिलते हैं, खुशियों के ये बेशुमार पहाड़। ☀️ 🔱 🕉� 🤝 💎 ✨

अर्थ: रविवार को पड़ने वाले इस तीर्थ के दिन, भगवान शिव (कोपेश्वर) और विष्णु (धोपेश्वर) के मिले-जुले रूप के दर्शन पाकर भक्तों का जीवन धन्य हो जाता है।

कड़वे 3:
शंकर का गुस्सा शांत हुआ, इसलिए नाम कोपेश्वर पड़ा,
यहां, स्नान के जल से, भक्तों की भावनाएं शांत होती हैं;
बिना नंदी के शिव का यह मंदिर, इस पुराण की कहानी कहता है,
भक्ति के इस सागर में, खिद्रपुर की कंठ आज भीगी हुई है। 🤫 🔥 💧 🏛� 🏹 🌟

मतलब: सती के जाने से भड़के शिव का गुस्सा यहीं शांत हुआ था, इसलिए यह कोपेश्वर है। नंदी के बिना यह मंदिर एक ऐतिहासिक कहानी का गवाह है।

कड़वे 4:
95 हाथियों के खंभों पर फैला है यह स्वर्ग,
यहां की मूर्ति देखकर मन का दुख मिट जाता है;
तीर्थयात्रियों का यह जुलूस, आस्था की महानता बताता है,
आज यहां जरूरत है, सिर्फ निस्वार्थ भक्ति की। 🐘 🎨 🏛� 💖 🤲 🌈

मतलब: मंदिर की नींव और स्वर्ग के मंडप पर हाथियों की नक्काशी देखकर दुख भूल जाता है। तीर्थयात्रा में भीड़ आस्था का प्रतीक है।

कड़वे 5:
आसमान धूप से भरा है, 'हर हर महादेव' की आवाज़ है,
हे भगवान, आपकी कृपा भरी नज़र और नज़र कोपेश्वर के चरणों में बनी रहे;
शिरोल तालुका की यह शान, कोल्हापुर की यह शान,
तीर्थयात्रा के इस समारोह में, भक्ति का यह नवाचार घूम रहा है। 🔔 🕯� 📣 💪 🍯 🌙

अर्थ: महादेव की घंटियों की आवाज़ और हर जगह धूप की खुशबू भक्तों को मोहित करती है। कोल्हापुर जिले की यह शान सबकी रक्षा करे।

कड़वे 6:
18 जनवरी का यह दिन, भाग्य की यह नई रोशनी,
कोपेश्वर भगवान के दर्शन, भक्तों को यह खजाना मिले;
धन के अंधेरे को दूर करें, आइए ज्ञान की यह ज्योति जलाएं,
तीर्थयात्रा के इस पवित्र क्षण में, आइए हम भक्ति से भर जाएं। 🌑 🪔 💡 🧘�♂️ 🐚 ✨

मतलब: 18 जनवरी के इस दिन भगवान का दर्शन एक अनमोल खजाना है। इस मौके पर, आइए हम मन में मौजूद अज्ञानता को दूर करें और ज्ञान का प्रकाश फैलाएं।

कड़वे 7:
सबका भला हो, कोपेश्वर के चरणों में यही उम्मीद है,
खिद्रपुर की इस तीर्थ यात्रा की मीठी खुशबू;
आइए भक्ति में नहाएं, सारा अहंकार छोड़ दें,
आइए शिव शंभो के इस नाम का गुणगान करें। 🥳 🚩 🌟 👑 🙌 🌈

मतलब: भगवान कोपेश्वर सबको खुश रखें। आइए हम सब मिलकर महादेव का गुणगान करें, अहंकार छोड़ दें।

📋 सिर्फ़ वर्ड समरी
खिद्रपुर, कोपेश्वर, स्वर्गमंडप, कृष्णा नदी, आर्किटेक्चर, महादेव, विष्णु, 18 जनवरी, कोल्हापुर वैभव, भक्ति सोहला.

📋 सिर्फ़ इमोजी समरी
🚩 🏛� 🌊 🔱 🕉� 🐘 🎨 🔔 🕯� 🪔 💡 🌟 🙌 🌈

--अतुल परब
--दिनांक-18.01.2026-रविवार.
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