🚩 टाइटल: मंगलमूर्तिचा सोहला - चिंचवडची पालकी वारी 🚩🚩 🏛️ ☀️ 🥁 🌸 🎶 🌊 🕉️

Started by Atul Kaviraje, January 27, 2026, 08:42:25 PM

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Atul Kaviraje

गणेश पालखी यात्रा प्रIरंभ-चिंचवड, जिल्हा-पुणे-

रविवार, 18 जनवरी, 2026 को चिंचवड (पुणे) में शुरू होने वाले ऐतिहासिक 'गणेश पालकी सोहला' के मौके पर भक्ति और रसीली लंबी मराठी कविता:

🚩 टाइटल: मंगलमूर्तिचा सोहला - चिंचवडची पालकी वारी 🚩

कड़वे 1:
चिंचवड की इस पवित्र धरती में, मंगलमूर्ति की खुशबू थी,
पालकी की रस्म शुरू होते ही, भक्ति का यह रंग दिखता है;
मोरया गोसावी के चरणों में, पूरा महाराष्ट्र झुकता है,
यह भक्ति की सांस है, हर तरफ ठंडी हवा बह रही है। 🚩 🏛� 🙏 ✨ 🕯� 🎊

मतलब: मोरया गोसावी के रहने की वजह से चिंचवड में भक्ति का माहौल है। जैसे ही पालकी की रस्म शुरू होती है, पूरा महाराष्ट्र भक्ति से झुक जाता है।

कड़वे 2:
इस शुभ रविवार की सुबह, यह पालकी प्रस्थान समारोह,
गणेश के जयकारों से, यह भक्तों का मेला गूंज रहा है;
फूलों से सजी एक सुंदर पालकी, आज महल में चली,
चिंचवड़ शहर खुशियों से भरा है, सागर में नहाया हुआ है। ☀️ 🥁 🛕 🌸 🎀 🦚

अर्थ: 18 जनवरी की सुबह, गणपति बप्पा के जयकारों के साथ पालकी निकलती है। फूलों से सजी पालकी को देखकर पूरा चिंचवड़ शहर खुश होता है।

कड़वे 3:

ताबीज-मृदंग की आवाज़ तेज़ है, भगवा झंडों की यह कतार,
मोरया के चरणों में अर्पित, भक्त उनका गुणगान करते हैं;
पावनी नदी के किनारे पवित्र हैं, याद से पवित्र हैं,
गणेश भक्ति के इस मार्ग पर, हर कोई लीन है। 🎶 🚩 🥁 🌊 🕉� 🌟

मतलब: भक्त भगवा झंडे लेकर ताबीज और मृदंग की थाप पर चल रहे हैं। पावना नदी के किनारे गणेश जी के नाम का खूब जाप हो रहा है।

कड़ावे 4:
यह कहानी मोरया गोसावी की, आस्था का अटूट रूप,
भक्ति की इस महफिल में, किस्मत की यह धूप जलती है;
गणेश जी की यह पालकी यात्रा, जीवन का एक नया एहसास देती है,
हर मुंह से 'गणपति बप्पा' का यह गीत सुनाई देता है। 🕯� 🔥 📜 🐘 🎤 💎

मतलब: मोरया गोसावी द्वारा शुरू की गई यह भक्ति की लाइन आज भी अटूट है। पालकी यात्रा इंसान को जीवन में अच्छे कर्मों का एहसास कराती है।

कड़वे 5:
सीढ़ियाँ नंगी हैं, सड़कें रंगोली से सजी हैं,
आँखें दर्शन को बेताब हैं, भक्तों के दिल मुस्कुराते हैं;
कठिनाई और अमावस्या का यह पावन संगम आज आया है,
चिंचवड़ के इस मंदिर में, हमारे भगवान प्रसन्न हो गए हैं। 🎨 🛤� 😊 🙌 🕉� ✨

मतलब: पालकी के रास्ते पर रंगोली बनाई गई है। इस खास तारीख की वजह से गणपति बप्पा सभी भक्तों पर प्रसन्न हैं।

कड़वे 6:
मुश्किलों के पहाड़ हट जाते हैं, बप्पा के इस रूप को देखकर,
ज़िंदगी के अंधेरे पर, दुआओं की गर्माहट खूब बरसती है;
यह पालकी अनुशासन और यह प्यार सिखाती है,
यह इंसानियत के इस रिश्ते को भी मज़बूत करती है। 🏔� 🛡� ☀️ 🤝 💖 🌈

मतलब: गणपति का रूप मन से डर दूर करता है। यह त्योहार हमें अनुशासन, प्यार और इंसानियत सिखाता है।

कड़वे 7:
18 जनवरी का यह त्योहार, चिंचवड़ की यह शान बड़ी है,
भक्ति की यह यात्रा हमारी है, जन्मों का मिलन;
मोरया की पावन मूरत, ज़रूरतमंद देते यही जयकारा है,
आपकी कृपा से हमारा सारा संसार सुखी हो। 🥳 🚩 🌟 👑 🙌 🌈

मतलब: आज चिंचवड़ के लिए गर्व का दिन है। बप्पा की कृपा सभी के जीवन को खुशियों और समृद्धि से भर दे, यही मेरी प्रार्थना है।

📋 सिर्फ़ वर्ड समरी
चिंचवड़, मोरया गोसावी, पालकी सेरेमनी, रवाना होना, 18 जनवरी, ताल-मृदंग, पावना नदी, गणेश भक्ति, पुणे ज़िला, त्योहार।

📋 सिर्फ़ इमोजी समरी
🚩 🏛� ☀️ 🥁 🌸 🎶 🌊 🕉� 🔥 🐘 🎨 🙌 💖 🌈

--अतुल परब
--दिनांक-18.01.2026-रविवार.
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