🚩 टाइटल: कोपेश्वर कीर्ति - खिद्रापुर का भक्ति मेला 🚩🚩 🏛️ 🌊 ☀️ 🔱 🕉️ 🐘 🎨

Started by Atul Kaviraje, January 27, 2026, 08:43:53 PM

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Atul Kaviraje

कोपेश्वर यात्रा-खिद्रापूर, तालुका-शिरोळ-

यह भक्ति से भरी और रसीली लंबी कविता रविवार, 18 जनवरी, 2026 को शिरोल तालुका के खिद्रापुर में होने वाली ऐतिहासिक 'कोपेश्वर यात्रा' के मौके पर है:

🚩 टाइटल: कोपेश्वर कीर्ति - खिद्रापुर का भक्ति मेला 🚩

कड़वे 1:
कृष्णा नदी के किनारे, खिद्रापुर में, कोपेश्वर देव महान हैं,
आर्किटेक्चर का बेमिसाल उदाहरण, भक्तों के सिर झुकते हैं;
स्वर्गीय मंडप की शान अनोखी है, नक्काशी की शान,
तीर्थयात्रा के इस पावन दिन, भक्ति के घाट रोशन हैं। 🚩 🏛� 🌊 🛐 🕯� ✨

मतलब: शिरोल तालुका में कृष्णा नदी के किनारे बसा कोपेश्वर मंदिर कला का एक बेहतरीन उदाहरण है। तीर्थ यात्रा के दिन मंदिर की शान और नक्काशी देखकर मन खुश हो जाता है।

कड़वे 2:
यह रविवार अच्छा दिन है, तीर्थ यात्रा का यह बड़ा त्योहार है,
यह मन महादेव के दर्शन को बेताब है;
विष्णु और शिव एक साथ, कोपेश्वर-धोपेश्वर की जोड़ी,
भक्ति के इस अमृत में, जीवन की मिठास बढ़ जाती है। ☀️ 🔱 🕉� 🤝 💎 🎊

मतलब: यह यात्रा रविवार, 18 जनवरी को आई है। यहां शिव और विष्णु एक ही जगह पर स्थित हैं और उनके दर्शन से जीवन में मिठास पैदा होती है।

कड़वे 3:
सती से मरे शंकर यहां शांत हैं,
बिना नंदी के यह शिव मंदिर दुनिया से बहुत अलग है;
95 हाथियों के खंभों पर, यह स्वर्ग बना है,
यात्रा के इस त्योहार में, भक्तों का यह वर्ग इकट्ठा हुआ। 🐘 🎨 🤫 🏛� 🛡� 🌟

मतलब: सती की मौत से गुस्साए शंकर का गुस्सा यहीं शांत हुआ था। बिना नंदी वाला यह अनोखा मंदिर 95 हाथियों की मूर्तियों से सजा है।

कड़वे 4:
खुली छत वाले मंडप से, चांद और सूरज का यह नज़ारा,
खगोल विज्ञान का स्वाद देता है, खिद्रापुर का यह आंगन;
अभिषेक के जल से हे भगवान, यह दुनिया तृप्त हो,
हम आपके चरणों से जुड़े रहें, भक्ति का यह अटूट लगाव। 🌓 ☀️ 🔭 💧 🙌 🌈

मतलब: मंदिर का आकाश मंडप खगोल विज्ञान का एक मॉडल है और वहीं से आसमान दिखता है। भगवान का आशीर्वाद पूरी दुनिया में खुशहाली लाए।

कड़वे 5:
'हर हर महादेव' की आवाज़ से, शिरोल तालुका खुशियों से भर गया,
कोल्हापुर की इस शान से, भक्ति का ये रंग फैला;
धूप की खुशबू से आसमान भर गया, आरती की ये रोशनी,
कोपेश्वर भगवान के चरणों में, खुशियों के अनमोल मोती मिलते हैं। 🔔 🕯� 🔥 📣 💎 🔱

मतलब: महादेव के जयकारों और आरती की रोशनी से, पूरा इलाका मंगलमय हो जाता है। कोल्हापुर जिले की ये शान सबके लिए खुशियों का ज़रिया है।

कड़वे 6:
18 जनवरी का ये योग, विश्वास की ये नई सुबह,
इंसानियत के इस रिश्ते को अब एक नया किनारा मिलेगा;
आइए अपने दिलों से नफ़रत निकालकर अपने अंदर की पवित्रता करें,
आइए आज ये ज़िंदगी कोपेश्वर के चरणों में समर्पित करें। 🗓� 🧘�♂️ 🌱 🤝 💖 ✨

मतलब: इस पवित्र दिन पर, आइए हम अपने दिल से सभी बुरे विचारों को त्याग दें और अपने जीवन को सच्चे मन से भगवान के चरणों में समर्पित कर दें।

कड़वे 7:
हमें खुशहाली और शांति मिले, यही भगवान से हमारी प्रार्थना है,
खुशी का यह एहसास खिद्रापुर की मिट्टी में जड़ जमा ले;
कोपेश्वर यात्रा हमारी परंपरा की महान विरासत है,
भक्ति के इस आईने में भगवान का आईना दिखे। 🥳 🚩 🌟 👑 🙌 🌈

मतलब: सभी को खुशी और शांति मिले, यही हमारी सद्भावना है। यह यात्रा हमारी महान परंपरा की विरासत है और इसके ज़रिए दिव्यता के दर्शन होते हैं।

📋 सिर्फ़ वर्ड समरी
खिद्रपुर, कोपेश्वर, स्वर्गमंडप, कोल्हापुर वैभव, कृष्ण कथा, 18 जनवरी, आर्किटेक्चर, नंदी के बिना शिव मंदिर, भक्ति, शांति।

📋 सिर्फ़ इमोजी समरी
🚩 🏛� 🌊 ☀️ 🔱 🕉� 🐘 🎨 🌓 🔭 🔔 🕯� 🗓� 🧘�♂️ 💖 🌈

--अतुल परब
--दिनांक-18.01.2026-रविवार.
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