🚩 टाइटल: निपानी का ब्रह्मदेव सोहला - जैन स्तवन भक्ति 🚩🚩 🏛️ 📿 🔔 🕊️ 🛡️ 🗓️

Started by Atul Kaviraje, January 27, 2026, 08:44:40 PM

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Atul Kaviraje

ब्रह्मदेव यात्रा-जैन-स्तवविधी-निपाणी-

यह रविवार, 18 जनवरी, 2026 को निपानी (कर्नाटक-महाराष्ट्र बॉर्डर एरिया) में होने वाली जैन धार्मिक 'ब्रह्मदेव यात्रा और स्तवनविधि' समारोह के मौके पर एक बहुत ही भक्ति से भरी और रसीली लंबी मराठी कविता है:

🚩 टाइटल: निपानी का ब्रह्मदेव सोहला - जैन स्तवन भक्ति 🚩

कड़वा 1:
इस निपानी शहर में ब्रह्मदेव का बहुत सम्मान है,
जैन धर्म की परंपरा से यह जंगल रोशन है;
रविवार का यह शुभ पल, तीर्थ यात्रा का यह पड़ाव नया है,
भक्ति के इस स्तवन में, आइए हम आध्यात्मिक फल जमा करें। 🚩 🏛� 🛐 ✨ 🕯� 🎊

मतलब: निपानी शहर में देवता ब्रह्मदेव (यक्ष) की बहुत महिमा है। आइए, रविवार तीर्थ यात्रा के दिन स्तवन विधि से आध्यात्मिक सुख का अनुभव करें।

कड़वे 2:
ब्रह्मा के इन चरणों में, भक्तों का यह प्रणाम,
भजन की ध्वनि के साथ, खुशी का यह समय आता है;
पवित्र मंत्रों के जाप से, हमारा मन शुद्ध होता है,
जिनेश्वर के आशीर्वाद से, भाग्य का यह रिश्ता स्थापित होता है। 🤫 🕉� 🙏 📿 🔔 ✨

अर्थ: ब्रह्मा के चरणों में प्रणाम करने और पवित्र मंत्रों का जाप करने के बाद, हमारा आंतरिक मन शुद्ध होता है, जो हमारे भाग्य को उज्ज्वल करता है।

कड़वे 3:
धूप और दीपक की रोशनी में, मूर्ति के इस रूप का उत्सव मनाया जाए,
अभिषेक के जल से, हे भगवान, हमारा मन शुद्ध हो;
अहिंसा का यह मार्ग हमारा हो, शांति का यह संदेश,
ब्रह्मा की इस छाया में, परेशानियों के ये पहाड़ गायब हो जाएं। 🕯� 🔥 🌊 🕊� 🛡� 🌟

मतलब: मंदिर की खुशबू और रोशनी में भगवान का रूप मनमोहक लगता है। जैन धर्म के अहिंसा के रास्ते पर चलने से सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।

कड़वा 4:
18 जनवरी का यह दिन, स्तुति की यह मीठी धुन,
भक्तों की इस भीड़ से, उत्साह भरपूर हो गया है;
आइए हम चिंता और नफरत को भूलकर, समानता की भावना को अपनाएं,
आइए हम निपानी के इस तीर्थ को भक्ति के इस रंग से भर दें। 🗓� 🎶 😊 🤝 💖 🌈

मतलब: इस दिन, सभी भक्तों को एक साथ आना चाहिए, अपने दिलों से नफरत को छोड़कर समानता और प्रेम के साथ इस त्योहार में हिस्सा लेना चाहिए।

कड़वे 5:
तीर्थंकरों की इस सीख में, ब्रह्मदेव रक्षक हैं,
सत्य के इस रास्ते पर, उनसे ये रोशनी दिखती है;
आइए आज मौन रखकर अपने अंदर की तलाश करें,
स्तुति के इस माध्यम से, आइए भगवान से बात करें। 🛡� 🧘�♂️ 💡 🔱 🐚 ✨

मतलब: जैन धर्म में, ब्रह्मदेव को धर्म का रक्षक माना जाता है। आइए मौन रखकर ध्यान के ज़रिए भगवान से बात करें।

कड़वे 6:
निपाणी का ये तीर्थ हमारी महान सांस्कृतिक विरासत है,
भक्ति के इस आईने में, धर्म का आईना दिखे;
प्रसाद की ये मिठास और, भक्तों की ये लगातार सेवा,
ब्रह्मा के इन चरणों में, हम ये जीवन देने वाली कुर्बानी चढ़ाएं। 🌸 ⚖️ 🍯 🤲 💎 🌙

मतलब: यह तीर्थ हमारी सांस्कृतिक विरासत है। भक्तों को सेवा और विश्वास के साथ अपना जीवन भगवान के चरणों में समर्पित कर देना चाहिए।

कड़वे 7:
हमें खुशहाली और शांति मिले, यही भगवान से प्रार्थना है,
ब्रह्मा की स्तुति के समारोह से सभी इच्छाएं पूरी हों;
जैन धर्म का उत्सव मनाया जाए,
हे राम, जीवन में सभी के लिए स्वर्ग खुशियों और संतोष से भर जाए। 🥳 🚩 🌟 👑 🙌 🌈

मतलब: सभी का जीवन खुशहाल और समृद्ध हो। इस पवित्र समारोह के माध्यम से सभी की इच्छाएं पूरी हों।

📋 केवल शब्द सारांश
निपानी, ब्रह्मदेव यात्रा, जैन धर्म, स्तवनविधि, 18 जनवरी, रविवार, अहिंसा, रक्षक, आध्यात्मिक शांति, सांस्कृतिक विरासत।

📋 सिर्फ़ इमोजी समरी
🚩 🏛� 📿 🔔 🕊� 🛡� 🗓� 🎶 🧘�♂️ 🐚 🍯 💎 🥳 🌈

--अतुल परब
--दिनांक-18.01.2026-रविवार.
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