🚩 टाइटल: पावन तीर्थस्नान - मोक्षदायिनी माघ अमावस्या 🚩☀️ 🌊 🙏 🐚 🪔 🌅 🚤 🤫

Started by Atul Kaviraje, January 27, 2026, 08:46:03 PM

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Atul Kaviraje

त्रिवेणी संगम स्नान: इस दिन प्रयागराज (इलाहाबाद) में कुंभ मेले या माघ मेले के मौके पर 'शाही स्नान' या मुख्य स्नान होता है। महाराष्ट्र में, भक्त पवित्र स्नान के लिए गोदावरी, कृष्णा और पंचगंगा नदियों के किनारे भी आते हैं।
➡️ पवित्र स्नान:
हिंदू परंपरा के अनुसार, गंगा, गोदावरी, कृष्णा या दूसरी पवित्र नदियों में सूर्योदय से शाम तक स्नान करना पुण्य पाने के लिए शुभ माना जाता है।
पवित्र स्नान: नदियों में स्नान करने के लिए यह साल के सबसे अच्छे दिनों में से एक माना जाता है।
इस दिन गंगा या पवित्र नदियों में स्नान, दान, मौन व्रत, जाप और पितरों को तर्पण करने का धार्मिक महत्व है।
🚿 पवित्र स्नान (पवित्र स्नान)
• सूर्योदय के बाद या अमावस्या तिथि से ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदियों में स्नान करने से आशीर्वाद और पुण्य बढ़ता है।

रविवार, 18 जनवरी, 2026 को आने वाले 'माघ अमावस्या - पवित्र तीर्थस्नान' त्योहार के मौके पर पेश है एक भक्ति से भरी और रसीली लंबी मराठी कविता।

🚩 टाइटल: पावन तीर्थस्नान - मोक्षदायिनी माघ अमावस्या 🚩

कड़वे 1:
ये माघ महीने की अमावस्या है, ये रविवार का योग है,
तीर्थस्नान के इस पावन दिन पर भक्ति का ये रंग दिखता है;
साधक को ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए, गंगा किनारे जाना चाहिए,
पवित्र जल के एक स्पर्श से तन-मन पवित्र हो जाना चाहिए। ☀️ 🌊 🙏 🛐 🕯� ✨

मतलब: माघ महीने की अमावस्या पर रविवार का शुभ योग आया है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करने से तन और मन दोनों शुद्ध होते हैं।

कड़वे 2:
प्रयागराज का संगम महान है, जहाँ गंगा और यमुना मिलती हैं,
शाही स्नान के इस समारोह से, सभी इच्छाएँ पूरी हुईं;
सरस्वती का आंतरिक प्रवाह, ज्ञान की यह अमृत धारा,
त्रिवेणी के इस पवित्र स्थान में भक्ति की बयार बहे। 🚩 🌊 🐚 🪔 🕉� 🔱

अर्थ: प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर शाही स्नान का बहुत महत्व है। यहाँ स्नान करने से मन की सभी इच्छाएँ पूरी होती हैं।

कड़वे 3:
महाराष्ट्र में भी गोदावरी और कृष्णा के तट पर बहुत भीड़ जमा होती है,
पंचगंगाओं के पवित्र जल में, सौभाग्य का यह समान मिलता है; सूर्योदय की उस चमक से पूरी सृष्टि नहा जाती है,
आज तीर्थ स्नान करने से पांडुरंग की कृपा मिलती है। 🌅 🚤 🛕 🐚 💎 ✨

मतलब: भक्त सिर्फ़ गंगा नदी पर ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में गोदावरी, कृष्णा और पंचगंगा नदियों के किनारे भी इकट्ठा होते हैं। सूर्योदय के समय स्नान करना सौभाग्यशाली माना जाता है।

कड़वे 4:
चुप रहकर हमें नामस्मरण की रस्म करनी चाहिए,
इस अमावस्या के दिन हमें अपने पितरों का आशीर्वाद लेना चाहिए;
अपने पितरों को तर्पण और अर्घ्य देकर कृतज्ञता से प्रणाम करना चाहिए,
दान और धर्म का पुण्य लेकर हम अपना जीवन अर्पण करें। 🤫 💧 👨�🦳 🍚 🍲 🌈

मतलब: नहाते समय हमें चुप रहना चाहिए और भगवान का नाम लेना चाहिए। इस दिन अपने पितरों को तर्पण करने से हमें उनका आशीर्वाद मिलता है और पुण्य मिलता है।

कड़वे 5:
यह जप और तप का समय है, इस शुभ दिन पर,
पाप और ताप धुल जाते हैं, गंगा की ये मीठी आवाज़ें;
पुराणों में बताया गया है कि अश्वमेध यज्ञ का पुण्य मिलता है,
भक्ति की इस धारा में पूरी दुनिया नहा रही है। 📿 🧘�♂️ 🕯� 📜 🦁 🌟

मतलब: इस दिन किया गया जप और तप शुभ माना जाता है। पुराणों के अनुसार, इस स्नान का फल अश्वमेध यज्ञ के समान होता है, जो सभी पापों को नष्ट कर देता है।

कड़वे 6:
अमावस्या का अंधेरा, पर मन में भक्ति का उजाला,
तीर्थस्नान के इस योग का सभी को फ़ायदा उठाना चाहिए;
मानसिक शांति और सेहत, माघ महीने का यह समय हो,
आस्था की इस एक डुबकी से, मुसीबतों का यह जाल हट जाए। 🌑 🪔 💪 🛡� 🏹 🌠

मतलब: भले ही यह अमावस्या हो, पर मन में भक्ति का उजाला रखना चाहिए। नदी में डुबकी लगाने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन की सभी परेशानियाँ दूर हो जाती हैं।

कड़वे 7:
18 जनवरी 2026 को, यह त्योहार जो भुलाया न जाए,
शुद्ध जल के बहाव के साथ, खुशियों का यह झरना बहे;
आइए तीर्थस्नान के इस महत्व को हमेशा अपने मन में रखें,
आइए प्रभु के इन आशीर्वादों के साथ खुशहाल जीवन जिएं। 🥳 🚩 🌟 👑 🙌 🌈

अर्थ: इस रविवार के पवित्र स्नान का महत्व हमेशा याद रखना चाहिए। ईश्वर की कृपा से हम अपने जीवन को पवित्र और शुभ बनाएं।

📋 सिर्फ़ शब्दों में सारांश
त्रिवेणी संगम, प्रयागराज, शाही स्नान, 18 जनवरी, रविवार, माघ अमावस्या, तीर्थ स्नान, पितृ तर्पण, मौन व्रत, ब्रह्म मुहूर्त, पुण्य कर्म, स्वास्थ्य।

📋 सिर्फ़ इमोजी सारांश
☀️ 🌊 🙏 🐚 🪔 🌅 🚤 🤫 👨�🦳 📿 🧘�♂️ 🛡� 🥳 🌈

--अतुल परब
--दिनांक-18.01.2026-रविवार.
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