🚩 टाइटल: पितृ दिन और तर्पण - आभार जताने का पवित्र अनुष्ठान 🚩☀️ 🙏 👨‍🦳 💧 🌿

Started by Atul Kaviraje, January 27, 2026, 08:47:02 PM

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Atul Kaviraje

पितृ तर्पण: क्योंकि यह अमावस्या है, इसलिए पितरों की याद में और मन की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण या दान करना बहुत फलदायी माना जाता है।
पितृ पूजा और तर्पण
अमावस्या पितरों को याद करने का दिन है। घर में सुख-शांति बनी रहे, इसके लिए इस दिन सुबह पितृ तर्पण या श्राद्ध की रस्में की जाती हैं।
🕯 पितृ तर्पण और जप-तप
• ऐसी परंपरा है कि इस दिन पितृ तर्पण और जप करके पितरों की पूजा करने से पितरों को संतुष्टि मिलती है।

रविवार, 18 जनवरी, 2026 को आने वाली 'माघ अमावस्या' के मौके पर, पितरों के प्रति आभार जताने और 'पितृ तर्पण' का महत्व समझाने वाली यह भक्ति भरी लंबी मराठी कविता:

🚩 टाइटल: पितृ दिन और तर्पण - आभार जताने का पवित्र अनुष्ठान 🚩

कड़वे 1:
माघ महीने की यह अमावस्या, पितरों को याद करने का समय,
रविवार के इस पावन दिन, भक्ति का यह मंचित खेल;
आइए आज उन लोगों को नमन करें जिन्होंने हमें यह सुंदर जीवन दिया,
आइए पितृ तर्पण के इस जल से उनका आशीर्वाद लें। ☀️ 🙏 👨�🦳 🕯� ✨ 🕊�

मतलब: माघ महीने की यह अमावस्या पितरों की यादों की याद दिलाती है। आइए आज उन पितरों के प्रति आभार जताएं जिन्होंने हमें यह जीवन दिया।

कड़वे 2:
दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके, अर्घ्य देकर जल छोड़ें,
चलो अब पितृ दोष के संकट से नाता तोड़ें;
हाथ में काले तिल और दर्भा, श्रद्धा का यह महाधन,
आपके पूर्वज संतुष्ट होंगे, आपका अंतर्मन प्रसन्न होगा। 💧 🌿 🛐 🖤 🧘�♂️ 💎

अर्थ: दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके काले तिल और जल चढ़ाने से पितृदोष दूर होते हैं। इस रस्म से पूर्वज संतुष्ट होते हैं और मन को शांति मिलती है।

कड़वे 3:
घर में सुख-शांति बनी रहेगी, जब पूर्वज संतुष्ट होंगे,
उनके आशीर्वाद से सभी छोटी-मोटी परेशानियां टल जाती हैं;
श्राद्ध रस्म और नामकरण, यही इस तिथि का सार है,
इस कृतज्ञता की भावना से जीवन बच जाएगा। 🏡 💖 🏵� 🛡� 🏹 🌟

मतलब: अगर पूर्वज खुश हैं, तो घर में सुख-समृद्धि आती है। श्राद्ध और नामस्मरण करने से जीवन के सभी मुश्किल हालात आसान हो जाते हैं।

कड़वे 4:
आइए हम यह अन्न का दाना लेकर गाय और कुत्ते को दें,
पूर्वजों की मन की शांति के लिए, आइए हम पुण्य के काम करें;
यह दान-पुण्य का समय है, गरीबों को खाना दें,
उनके आशीर्वाद के रूप में, जीवन का सम्मान करें। 🐄 🐕 🍚 🤲 🍲 🌈

मतलब: इस दिन गरीबों को खाना देना और जरूरतमंदों की मदद करना पितृ पूजा का एक रूप है, जिससे बहुत पुण्य मिलता है।

कड़वे 5:
यह जप-तप का समय है, अंतरात्मा का दीया जलाओ,
पितृ स्मरण के इस दिन, भक्ति की भावना रखो;
अमावस्या का यही संदेश है, जड़ों से जुड़ो,
इस भूल के समय में, कभी नाता मत तोड़ो। 📿 💡 📜 🌳 🤝 🌠

मतलब: इस दिन मंत्रों का जाप करके अपने कुल और पितरों का सम्मान करना चाहिए। कभी मत भूलो कि हम किसकी वजह से हैं।

कड़वे 6:
18 जनवरी का यह दिन, किस्मत की यह नई रोशनी,
पितृ तर्पण का यह योग, हर बेटा इसका फायदा उठाए;
दिवंगत आत्मा को मुक्ति मिले, यही हमारी सच्ची प्रार्थना है,
इस भक्ति से हमारे दिल की इच्छाएं पूरी हों। 🗓� ☀️ 🐚 🙌 🔱 ✨

मतलब: इस पवित्र दिन पर हर बच्चे को अपने पुरखों को याद करना चाहिए। उनकी आत्मा को शांति मिले और हमारी मनोकामनाएं पूरी हों।

कड़वे 7:
माघ अमावस्या हमें संस्कृति की यह दौलत दे,
हमारे पुरखों के पदचिह्न हमारे मन में अंकित हों;
आइए, आज हम सब मिलकर उनके चरणों में सिर झुकाकर प्रणाम करें,
आइए, जीवन में आगे बढ़ें, सफलता के इस शिखर पर चढ़ें। 🥳 🚩 🌟 👑 🙌 🌈

मतलब: यह तिथि हमें हमारी संस्कृति की याद दिलाती है। अपने पुरखों को श्रद्धांजलि देकर हमें तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ते रहना चाहिए।

📋 सिर्फ़ वर्ड समरी
पितृ तर्पण, माघ अमावस्या, 18 जनवरी, रविवार, पितरों का स्मरण, आभार, श्राद्ध अनुष्ठान, अन्न दान, पितृ दोष निवारण, मन की शांति, आशीर्वाद, संस्कृति।

📋 सिर्फ़ इमोजी समरी
☀️ 🙏 👨�🦳 💧 🌿 🖤 🧘�♂️ 🏡 🛡� 🐄 🍚 🤲 📿 🌳 🐚 🌈

--अतुल परब
--दिनांक-18.01.2026-रविवार.
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