🚩 टाइटल: अश्वत्थ पूजा - पीपल की भक्ति और माघ अमावस्या 🚩☀️ 🌳 🙏 🕉️ 🔱 🔄 🛡️

Started by Atul Kaviraje, January 27, 2026, 08:47:44 PM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

अश्वत्थ (पीपल) पूजा: इस दिन कई जगहों पर पीपल के पेड़ की पूजा और परिक्रमा करने का रिवाज है।

रविवार, 18 जनवरी, 2026 को पड़ने वाली माघ (शांत) अमावस्या के मौके पर, यह रसीली और भक्ति से भरी कविता 'अश्वत्थ' (पिंपल) पेड़ की पूजा और परिक्रमा करने का धार्मिक महत्व बताती है:

🚩 टाइटल: अश्वत्थ पूजा - पीपल की भक्ति और माघ अमावस्या 🚩

कड़वी कविता 1:
यह माघ महीने की अमावस्या है, यह रविवार का योग है,
इस पीपल के पेड़ के पास, देवताओं की यह खुशबू दिखती है;
आइए अश्वत्थ की पूजा करें, भक्ति की यह खुशबू लें,
आज मन में सात्विकता का यह भाव जगाएं। ☀️ 🌳 🙏 🛐 🕯� ✨

मतलब: माघ अमावस्या के इस पावन दिन पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है, क्योंकि इस पेड़ में सभी देवताओं का वास माना जाता है। इससे मन में सात्विक विचार आते हैं।

कड़वे 2:
जड़ में भगवान विष्णु विराजमान हैं, बीच में ब्रह्मा हैं,
आगरा के चारों ओर शिव शंकर दिखते हैं, ब्रह्मांड का असली रूप दिखता है;
पवित्र जल से अभिषेक करके, सुगंध और सुगंध चढ़ाएं,
आइए अश्वत्थ के इस दर्शन से अपने जीवन को पवित्र करें। 🕉� 🔱 💧 📿 🐚 💎

अर्थ: पीपल के पेड़ की जड़ में विष्णु, बीच में ब्रह्मा और सबसे ऊपर शिव रहते हैं। इस पेड़ पर जल चढ़ाने और इसकी पूजा करने से पूरे ब्रह्मांड की पूजा हो जाती है।

कड़वे 3:
आइए श्रद्धा से सात परिक्रमा करें, संकट से मुक्ति पाएं,
पीपल के इस पेड़ की छाया में, जीवन को नई ताकत मिले;
पितृ दोष की छाया दूर हो, शनि का गुस्सा शांत हो,
भक्ति के इस दर्शन से, हमारा मन आनंद से भर जाए। 🔄 🧘�♂️ 🛡� 🌳 🦁 🌟

मतलब: पीपल के पेड़ की परिक्रमा करने से परेशानियां दूर होती हैं और शनि दोष या पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। पेड़ के पास रहने से मन को शांति मिलती है।

कड़वे 4:
आइए इस अमावस्या के दिन, पेड़ के पास एक दीया जलाएं,
आइए अंधेरे को दूर भगाकर नेकी का साथ दें;
आइए ऑक्सीजन के इस कभी न खत्म होने वाले सोर्स, कुदरत के इस महान तोहफे की रक्षा करें,
पेड़ की पूजा से, सृष्टि का सम्मान बनाए रखें। 🪔 💡 🌬� 🌳 🌍 🌈

मतलब: अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ के पास दीया जलाने से अज्ञानता दूर होती है। क्योंकि पीपल वह पेड़ है जो साइंस के नज़रिए से भी सबसे ज़्यादा ऑक्सीजन देता है, इसलिए इसकी रक्षा करना हमारा फ़र्ज़ है।

कड़वे 5:
आइए हम इस अश्वत्थ के पवित्र मिट्टी पर, उसके चरणों पर अपना माथा रखें,
आइए आज इस खूबसूरत संस्कृति के गवाह बनें;
आइए आज अपने अंदर की खोज करें,
पेड़ देवता की गवाही के साथ, आइए हम अपना लक्ष्य हासिल करें। 🤫 🧘�♀️ 🎯 🚩 📜 ✨

मतलब: पीपल की मिट्टी का एक टुकड़ा माथे पर लगाना शुभ होता है। इस पेड़ के नीचे चुपचाप ध्यान करने से लक्ष्य पाने के लिए ज़रूरी कॉन्संट्रेशन मिलता है।

कड़वे 6:
18 जनवरी का यह समारोह, किस्मत की यह नई रोशनी,
अश्वत्थ पूजा की यह खुशी, आज सभी को लेनी चाहिए;
हमें सेहत और खुशहाली मिले, यही पेड़ से प्रार्थना है,
आइए हम भक्ति के इस रिश्ते को अपने दिलों में संजोकर रखें। 🗓� ☀️ 🍎 💰 💖 🌠

मतलब: रविवार के इस पवित्र दिन पीपल की पूजा करने से हमें सेहत और खुशहाली मिलती है। हमें इस भक्ति को पूरे दिल से संजोना चाहिए।

कड़वे 7:
माघ अमावस्या हमें खुशियों का यह हरा मंत्र दे,
प्रकृति पूजा ही तरक्की की सच्ची तकनीक है;
आइए पीपल की इस पवित्र छांव को शुक्रिया अदा करते हुए नमन करें,
आइए अच्छे कामों से खुशहाली पाएं। 🥳 🚩 🌟 👑 🙌 🌈

मतलब: यह दिन हमें प्रकृति की पूजा सिखाता है। आइए पीपल की छांव में नमन करें और अच्छे कामों से जीवन में तरक्की करें।

📋 सिर्फ़ वर्ड समरी

अश्वत्थ पूजा, पीपल का पेड़, माघ अमावस्या, 18 जनवरी, रविवार, प्रदक्षिणा, त्रिदेव निवास, पितृ दोष निवारण, नेचर पूजा, प्राणवायु, सात्विकता, भक्ति।

📋 सिर्फ़ इमोजी समरी

☀️ 🌳 🙏 🕉� 🔱 🔄 🛡� 🪔 🌬� 🧘�♂️ 🗓� 💖 🌈

--अतुल परब
--दिनांक-18.01.2026-रविवार.
===========================================