🚩 टाइटल: पौष अमावस्या - भक्ति का त्रिवेणी संगम 🚩🚩 🏛️ 🌙 🚿 🤫 🧘‍♂️ 🤲 🍚 💡

Started by Atul Kaviraje, January 27, 2026, 08:48:28 PM

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Atul Kaviraje

पौष अमावस्या मेला: महाराष्ट्र के कई तीर्थ स्थलों (जैसे नासिक, पंढरपुर) पर अमावस्या के मौके पर भक्तों की भारी भीड़ लगती है।
आज पौष अमावस्या (माघिक अमावस्या) है, इसलिए यह ग्रह-चंद्र चक्र के अनुसार अमावस्या का दिन है।
• इस दिन हिंदू धर्म में गंगा और पवित्र नदियों में स्नान, दान, जप और मौन ध्यान करना बहुत शुभ माना जाता है।
📌 18 जनवरी, 2026 (रविवार) को पौष अमावस्या / मौनी अमावस्या है, जिसे धार्मिक नजरिए से बहुत शुभ माना जाता है।
📌 इस ��दिन सभी धार्मिक कामों जैसे तीर्थ स्नान, दान, मौन ध्यान और खास पूजा का खास महत्व होता है।
📌 महाराष्ट्र में लोग पौराणिक परंपराओं और पंचांग के अनुसार भक्तों के ग्रुप में ध्यान और पाठ करके धार्मिक शांति पाने की कोशिश करते हैं।

रविवार, 18 जनवरी, 2026 को आने वाली 'पौष (माघिक) अमावस्या' के मौके पर, महाराष्ट्र में तीर्थ स्थलों के महत्व और चलन पर रोशनी डालती यह भक्ति से भरी और रसीली लंबी मराठी कविता:

🚩 टाइटल: पौष अमावस्या - भक्ति का त्रिवेणी संगम 🚩

कड़वे 1:
पौष महीने की यह अमावस्या, रविवार का यह योग अच्छा है,
तीर्थ स्थलों की पावन धरती में, भक्ति का यह सैलाब आया है;
नासिक और पंढरपुर में, भक्तों की यह घनी भीड़,
उस भगवान के दर्शन करके, सौभाग्य का यह एकरूप मिला है। 🚩 🏛� 🌊 🛐 🕯� ✨

मतलब: इस रविवार, 18 जनवरी को पौष अमावस्या आ गई है। नासिक और पंढरपुर जैसे तीर्थ स्थलों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है, और भगवान के दर्शन से किस्मत के दरवाजे खुल रहे हैं।

कड़वा 2:
चांद और ग्रहों के इस चक्र से, अमावस्या का दिन महान है,
पुण्य पाने के इस दिन, भक्त बहुत उत्सुक हो जाते हैं;
आइए आज पवित्र नदियों के ठंडे पानी में यह शुभ स्नान करें,
आइए पाप और ताप धो लें, और आत्मा का सम्मान बढ़ाएं। 🌙 🪐 🚿 🐚 💎 🎊

अर्थ: ग्रहों और चांद की चाल के अनुसार आने वाली यह अमावस्या बहुत शुभ है। पवित्र नदियों में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं और मन शुद्ध होता है।

कड़वा 3:
यह मौन ध्यान का मार्ग है, आइए बिना बोले ध्यान करें,
अंतरात्मा की इस यात्रा पर, आइए ईश्वर की खोज करें; मौन धारण करने से हमारे हृदय में आत्मा की शक्ति बढ़ती है,
इस शांति मंत्र को सहेज कर, आइए हम इस भक्ति में खो जाएं। 🤫 🧘�♂️ 🔋 🕉� 📿 🌟

अर्थ: इस दिन मौन धारण करने और ध्यान करने से हमारी आंतरिक शक्ति बढ़ती है। शांत रहना और ईश्वर को याद करना ही सच्चे ध्यान की निशानी है।

कड़ावे 4:
यह दान का समय है, गरीबों को भोजन दें,
अच्छे कर्मों के इस अर्पण से, जीवन को सम्मान दें;
यह जप-तप का पर्व है, यह आंतरिक मन जगमगाएगा,
ईश्वर की इस पूजा में, आइए हम आज अपना तन-मन अर्पित करें। 🤲 🍚 🍲 💡 📜 🌈

अर्थ: इस दिन दान और जप-तप का विशेष महत्व है। ज़रूरतमंदों की मदद करके और भगवान का नाम लेकर हमें अपनी ज़िंदगी को नेक बनाना चाहिए।

कड़वे 5:
महाराष्ट्र की मिट्टी से मिली ये पुरानी विरासत,
पंचांग के इस हिसाब से, भक्ति का ये नमूना मिलता है;
खास पूजा और अर्चा, आज हर घर में हो,
सुख-समृद्धि का ये नंददीप, सबके मन में जले। 🚩 🎨 🕯� 🏡 💖 🌠

मतलब: हम अपने पुरखों के दिए पंचांग के हिसाब से इस विरासत को संभाल कर रख रहे हैं। आज की खास पूजा से सभी की ज़िंदगी में खुशियों की रोशनी जगमगाए।

कड़वे 6:
18 जनवरी का ये दिन, किस्मत की ये नई रोशनी,
अभ्यास की इस चमक से ये जगह रोशन हो;
धार्मिक शांति पाने के लिए, आज, भक्त ग्रुप में जाप करें,
विट्ठल-शंकर के चरणों में, समर्पण और भक्ति अर्पित करते हुए। 🗓� 📖 👥 🔱 🙌 ✨

मतलब: इस पवित्र दिन पर ग्रुप में धार्मिक ग्रंथ पढ़ने से शांति मिलती है। सभी भक्त एक साथ आकर भगवान के चरणों में सिर झुकाते हैं।

कड़वे 7:
पौष की अमावस्या सब्र और विश्वास का संदेश देती है,
यही सच्चा रास्ता है, इंसान की तरक्की का;
आइए इस पवित्र तिथि पर कृतज्ञता से सिर झुकाएं,
आइए इस नीति को अपने हाथों में थामे सफलता के इस शिखर पर चढ़ें। 🥳 🚩 🌟 👑 🙌 🌈

मतलब: यह अमावस्या हमें सब्र और विश्वास सिखाती है। आइए हम प्रकृति और भगवान के प्रति आभारी रहकर अपने जीवन में तरक्की करें।

📋 सिर्फ़ वर्ड समरी
पौष अमावस्या, 18 जनवरी, रविवार, तीर्थयात्रा, नासिक, पंढरपुर, मौन ध्यान, दान, जप, पंचांग, ��धार्मिक शांति, विट्ठल-चरण, आभार।

📋 सिर्फ़ इमोजी समरी
🚩 🏛� 🌙 🚿 🤫 🧘�♂️ 🤲 🍚 💡 📖 🔱 🌟 🙌 🌈

--अतुल परब
--दिनांक-18.01.2026-रविवार.
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