🚩 टाइटल: किले पर हुआ भंडारा - जेजुरी के खंडोबा मेरे साथ रहें 🚩🚩 🙏 💛 📣 🏵️

Started by Atul Kaviraje, January 27, 2026, 08:51:24 PM

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Atul Kaviraje

श्री क्षेत्र जेजुरी: चूंकि अमावस्या रविवार को पड़ती है, इसलिए खंडोबा के दर्शन के लिए जेजुरी किले में 'सोमवार को नहीं' (सोमवार को नहीं) होती है, हालांकि भीड़ कम होती है, लेकिन रविवार को दर्शन का खास महत्व है।

रविवार, 18 जनवरी, 2026 को आने वाली 'पौष अमावस्या' के मौके पर, महाराष्ट्र के कुलदेवता जेजुरी के खंडोबा के चरणों में समर्पित यह भक्ति भरी लंबी मराठी कविता:

🚩 टाइटल: किले पर हुआ भंडारा - जेजुरी के खंडोबा मेरे साथ रहें 🚩

कड़वा 1:
जेजुरी का यह किला पवित्र है, जहां खंडोबा की सांसें बसती हैं,
इस अमावस्या के रविवार को भक्ति की खुशबू फैली है;
सोमवती का योग न भी हो, तो भी रविवार का महत्व बहुत है,
मार्तंड भैरव के चरणों में, हम सिर झुकाते हैं। 🚩 🏛� 🙏 🛐 🕯� ✨

मतलब: जेजुरी के किले पर खंडोबा बसते हैं। सोमवती अमावस्या न भी हो, तो भी रविवार खंडोबा का दिन है, इसलिए आज दर्शन का महत्व खास है।

कड़वा 2:
भंडारी का उद्गार भारी है, 'सदानंद का येलकोट' सुनाई दे रहा है,
माथे पर पीला टीला, हम भगवान पर अपनी नज़र रखें;
सीढ़ियों के इस रास्ते पर, भक्तों का यह जमावड़ा दिख रहा है,
मल्हारी के इस रूप में, चेतना का तेज बसा है। 💛 📣 🏵� 🔱 📿 🎊

अर्थ: भक्त 'येलकोट येलकोट' का जाप करते हुए किले पर चढ़ते हैं। खंडोबा के तेज रूप में एक अलग ही चेतना महसूस होती है।

कड़वा 3:
बनाई और म्हालसा से, भगवान को मेरे चोले से सजाया जाता है,
भक्तों की इस पुकार के लिए, किले पर मार्तंड भिगोया जाता है;
इस अमावस्या की तारीख पर, आइए शांत मन से दर्शन करें,
आइए अपने मन की सारी चिंताएं भगवान के चरणों में छोड़ दें। 👑 🏹 🏇 🛡� 💖 🌟

मतलब: म्हालसा और बनई के साथ खंडोबा का रूप बहुत आकर्षक लगता है। अमावस्या के दिन, भगवान को समर्पित होकर मन की चिंताओं को दूर करना चाहिए।

कड़वे 4:
रविवार की यह हवा सुनहरी है, सूर्य देव की चमक भारी है,
जेजुरी की इस मिट्टी में, भक्ति की यह हवा निष्पक्ष है;
भले ही भीड़ कम हो, आस्था बढ़ी है,
खंडेरा के आशीर्वाद से, जीवन धन्य हो गया है। ☀️ 🦁 💪 🔔 💎 🌈

मतलब: रविवार और अमावस्या के एक साथ आने से भक्ति का आनंद दोगुना हो गया है। भले ही भीड़ कम हो, लेकिन भक्तों की आस्था अपार है।

कड़वे 5:
किले पर यह धूपदान, रात को दीपों की मालाओं से सजा है,
जेजुरी का यह राजा मेरा है, हर कोने में पात्र है;
हे भगवान, अभिषेक के जल से यह चरागाह तृप्त हो,
आज आपके नाम गूंजें, जेजुरी का यह पहाड़। 🕯� 🔥 🌊 🐚 🙌 🌠

मतलब: किले पर धूप की खुशबू फैलती है और दीपों की मालाएं जलती हैं। भगवान के अभिषेक से पूरी सृष्टि को सुख और शांति मिले।

कड़वे 6:
18 जनवरी का यह दिन, किस्मत की यह नई रोशनी,
जेजुरी के इस कदम पर, इस जगह को नमन करते हुए;
आइए आज हम चुपचाप अपने अंदर की तलाश करें,
आइए हम खंड्रेया के चरणों में निस्वार्थ भक्ति का अर्पण करें। 🗓� 🤫 🧘�♂️ 🚩 ✨ 💎

मतलब: इस दिन, आइए हम चुप रहें और अपने दिलों में भगवान की भक्ति बनाए रखें। जेजुरी की पवित्र धरती पर, आइए हम अपने अहंकार को त्यागें और भगवान का आशीर्वाद लें।

कड़वे 7:
हमें खुशहाली और सेहत मिले, मल्हारी से यही हमारी उम्मीद है,
भक्तों के इन दिलों में, आपकी खुशबू हमेशा बनी रहे;
माघ अमावस्या देई संदेश, आइए हम सच्चाई के रास्ते पर चलें,
जेजुरी के इस किले पर, आइए हम भक्ति में नहाएं। 🥳 🚩 🌟 👑 🙌 🌈

मतलब: सभी को अच्छी सेहत और सफलता मिले। हमें हमेशा सच्चाई के रास्ते पर चलना चाहिए और खंडेराया की पूजा करते रहना चाहिए।

📋 सिर्फ़ वर्ड समरी
जेजुरी, खंडोबा, येलकोट, भंडारा, रविवार, अमावस्या, म्हालसा-बनाई, 18 जनवरी, कुलदैवत, भक्ति सोहला, मल्हारी मार्तंड।

📋 सिर्फ़ इमोजी समरी
🚩 🙏 💛 📣 🏵� 🔱 🏹 🏇 ☀️ 🔔 🕯� 🔥 🙌 🗓� 🤫 🌟 🌈

--अतुल परब
--दिनांक-18.01.2026-रविवार.
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