"पवन कोठाले नगरी: कुंतीमाता का भक्ति समारोह"🌸 🚩 🙏 🥁 ✨ 🎡 🤼‍♂️ 🍲 👋 🧡

Started by Atul Kaviraje, January 30, 2026, 08:32:23 PM

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Atul Kaviraje

कुंतीमाता यात्रा-कोठाळे, तालुका-मोहोळ-

सोलापुर जिले के मोहोल तालुका के कोठाले में मंगलवार, 20 जनवरी, 2026 को होने वाली 'कुंतीमाता यात्रा' के मौके पर पेश है एक बहुत ही भक्ति से भरी और रसीली कविता।

कविता: कोठाले गांव की कुंतीमाता वारी

टाइटल: "पवन कोठाले नगरी: कुंतीमाता का भक्ति समारोह"

1. सोलापुर की मिट्टी में, मोहोल का यह सम्मान, कोठाले गांव की कुंतीमाता, भक्तों की जान। मंगलवार के इस पावन दिन, यात्रा के इस पड़ाव पर, भक्तों का यह सैलाब यहां दर्शन के लिए उमड़ा। (मतलब: सोलापुर ज़िले के मोहोल तालुका के कोठाले गाँव में कुंतीमाता का एक भव्य स्थान है, और मंगलवार की यात्रा के लिए भक्तों की बहुत भीड़ उमड़ी है।) 🌸 🚩 🏘� 🙏 🌸

2. पांडवमाता कुंती देवी, शक्ति का यह रूप, आपके दर्शन से भक्ति में निखार आता है, खुशबूदार धूप की तरह। आस्था की यह लहर आ गई है, खलिहान के दरवाज़े पर, दुख-दरिद्रता को दूर ले जाती हुई, मौली भारी है। (मतलब: शक्ति के रूप कुंती के दर्शन से भक्त प्रसन्न होते हैं, और माँ उनके सारे दुख दूर करती हैं।) ✨ 🧘�♀️ 🕯� 💖 ✨

3. भगवा झंडा लहराता है, मंदिर के ऊपर, इस माँ के जयकारे, घर-घर गूंजते हैं। गुलाल नारियल बिखेरने में, नहाया ये शहर, भक्ति का ये समारोह चलता है, खुशी की लहरें। (अर्थ: मंदिर के ऊपर भगवा झंडा लहराता है, पूरा गांव गुलाल बिखेरने और मां के जयकारों में नहाया हुआ है।) 🚩 🥁 🎊 🔔 🚩

4. खिलौनों और पालनों का ये रेला, तीर्थ यात्रा में, बच्चे यहां खेलते हैं, खुशी का ये खेल। मोहोल के इस इलाके का सम्मान बढ़ रहा है, कुंती माता की कृपा से सबको ज्ञान मिलता है। (अर्थ: तीर्थ यात्रा में छोटे बच्चों के लिए पालने और खिलौने हैं, मां की कृपा से इस इलाके का सम्मान और ज्ञान बढ़ रहा है।) 🎡 🍭 🧸 🎠 🎡

5. कुश्ती का ये अखाड़ा, पहलवानों का रोमांच, लाल मिट्टी के दंगल में गूंजती दहाड़। यही बहादुरी और परंपरा का सार है, यही कोथला के तीर्थ की छाप है। (मतलब: तीर्थ के दौरान होने वाले कुश्ती मैचों की वजह से बहादुरी की परंपरा बची हुई है, और इस तीर्थ का इलाके पर एक अलग ही असर है।) 💪 🤼�♂️ 🚩 🏆 💪

6. प्रसाद की मिठास और आरती की आवाज़, भक्तों की इसी गुज़ारिश पर, आपकी अपनी नज़र इस पर। सबको सुख-समृद्धि मिले, यही दुआ है, आपके चरणों में शीश झुकाते हैं, हम इस पल के हो गए हैं। (मतलब: भक्त माँ को आरती और प्रसाद चढ़ाकर खुशहाल जीवन की दुआ कर रहे हैं और उनके चरणों में डूबे हुए हैं।) 🍲 🕯� 🙌 😊 🍲

7. अलविदा कहते हुए गला रुंध जाता है, अगले साल की चाहत होती है, यही मौसम कोथल का है, हमारे प्यार का है। कुंतीमाता, आपकी कृपा हम पर हमेशा बनी रहे, भक्ति के ये मीठे गीत, आपका चेहरा हमेशा बना रहे.. (मतलब: तीर्थ यात्रा को अलविदा कहते समय, अगले साल फिर आने की लालसा प्रबल होती है, और कामना है कि माँ का आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहे।) 🙏 🧡 👣 ✨ 🙏

सिर्फ़ शब्दों का सारांश
कुंतीमाता | कोथल | मोहोल | सोलापुर | यात्रा | गुलाल | कुश्ती | श्रद्धा | परंपरा | आशीर्वाद

सिर्फ़ इमोजी का सारांश
🌸 🚩 🙏 🥁 ✨ 🎡 🤼�♂️ 🍲 👋 🧡

कोथल में कुंतीमाता यात्रा की हार्दिक शुभकामनाएँ! देवी की कृपा हमेशा हम पर बनी रहे।

--अतुल परब
--दिनांक-20.01.2026-मंगळवार.
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