"गौरी तृतीया: शुभता और भक्ति का अमृत योग"🌺 ✨ 🏠 🕯️ 🔴 🟡 🤝 🕉️ 🌊 🚩 🧘‍♂️ 🗓

Started by Atul Kaviraje, January 31, 2026, 08:47:00 PM

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Atul Kaviraje

माघ शुक्ल तृतीया - गौरी तृतीया
माघ महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को 'गौरी तृतीया' भी कहते हैं। कुछ इलाकों में, महिलाएं सौभाग्य पाने के लिए इस दिन देवी गौरी की पूजा करती हैं।
🔹 माघ शुक्ल तृतीया एक दिव्य तिथि है जो धार्मिक साधना/पूजा/दान-पवित्रता का फल देती है।
21 जनवरी 2026 को धार्मिक नज़रिए से एक शुभ दिन माना जाता है क्योंकि:
✔️ माघ शुक्ल तृतीया पर धार्मिक साधना सही रहती है।
गौरी तृतीया (सौभाग्य गौरी व्रत)
गौरी तृतीया का व्रत या पूजा माघ शुक्ल तृतीया को की जाती है। शुभ महिलाएं परिवार की भलाई और सौभाग्य के लिए पूरे मन से देवी गौरी की पूजा करती हैं।
📌 धार्मिक महत्व:
माघ महीने की तृतीया को आध्यात्मिक साधना/पूजा/दान-पवित्रता के साथ-साथ धार्मिक काम करने में भी फलदायी माना जाता है। 📌 चूंकि यह दिन माघ शुक्ल तृतीया है, इसलिए धार्मिक कर्म, पूजा, स्नान और दान का फल अधिक माना जाता है।
📍 तिथि: माघ शुक्ल तृतीया
📍 धार्मिक महत्व: साधना-पूजा-दान के लिए शुभ

माघ शुक्ल तृतीया के इस बहुत ही शुभ और पावन अवसर पर, यह रसीली और भक्ति से भरी लंबी मराठी कविता 'गौरी तृतीया' (सौभाग्य गौरी व्रत) और माघ महीने में दान के महत्व के बारे में बताती है:

🌺 सौभाग्य गौरी तृतीया: माघ महीने में शुभ भक्ति का उत्सव 🌺

तारीख: 21 जनवरी 2026 | दिन: बुधवार तिथि: माघ शुक्ल तृतीया (दिव्य तिथि)

शीर्षक: "गौरी तृतीया: शुभता और भक्ति का अमृत योग"

(1) माघ महीने का समय दिव्य होता है, शुक्ल तृतीया के इस दिन, महिलाएं सौभाग्य गौरी की भक्ति में लीन थीं। इस शुभ माहौल में, देवी गौरी के आशीर्वाद से भक्ति का यह नया फूल, हर घर में रोशन हो गया। 🌺 ✨ 🏠 🕯� (अर्थ: माघ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया बहुत पवित्र है। आज महिलाएं देवी गौरी की भक्ति में लीन रहती हैं और हर घर में खुशी का माहौल होता है।)

(2) सुवासिनी के सौभाग्य के लिए, परिवार के कल्याण के लिए, उसे जो कष्ट सहने पड़ते हैं, उनके लिए यह व्रत सर्वोत्तम है। हल्दी और कुमकुम के रंग में, रिश्तों का यह सुंदर मिलन, गौरी पूजन की भक्ति, आ गई है। 🔴 🟡 🤝 🕉� (अर्थ: अपने परिवार और पति की लंबी आयु के लिए, सुवासिनी गौरी व्रत रखती है। हल्दी और कुमकुम लगाकर, वह देवी से सुख और शांति का उपहार मांगती है।)

(3) बुधवार का यह पावन दिन, माघ स्नान का महात्म्य है, तीर्थ स्थल में स्नान करके, अपना मान-सम्मान बढ़ाना चाहिए। शुक्ल तृतीया की यह साधना, अपार फल देती है, धर्म के इस मार्ग पर भक्ति की लहर बहती है। 🌊 🚩 🧘�♂️ 🗓� (अर्थ: बुधवार को माघ स्नान करने का विशेष महत्व है। इस दिन की गई कोई भी साधना या पूजा व्यक्ति को महान परिणाम देती है।)

(4) यह दान और पुण्य का द्वार है, गरीबों की मदद करने पर कैवारी खुश होते हैं। माघ महीने में इस तिथि पर दान का महत्व है, मानवता के इस कार्य से आपका सत्व बढ़ता है। 🤝 🍲 💰 😇 (अर्थ: इस शुभ तिथि पर दान और धर्म करने से उसका कई गुना फल मिलता है। जरूरतमंदों की मदद करना भगवान की सच्ची सेवा करने जैसा है।)

(5) शंकर की यह शक्ति गौरी है, आदि शक्ति का यह रूप, उनके चरणों में अर्पित, भक्ति की यह सुनहरी धूप। सच्चाई और संकल्प के साथ जो भी इस व्रत को करता है, उसके घर में सुख-शांति की अविरल धारा बहती है। 🕉� 🔱 🕯� 🌊 (अर्थ: देवी गौरी शिव की शक्ति हैं और उनकी पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं। जो लोग इस व्रत को आस्था के साथ करते हैं, उनके घर में हमेशा खुशियां बनी रहती हैं।)

(6) कोई नया काम शुरू करने के लिए यह दिन शुभ है, उस भगवान का प्रतिबिंब हमेशा मन में रहना चाहिए। पवित्र जल में स्नान कर घर को शुद्ध करें, देवी गौरी की कृपा से सात्विक बुद्धि मिलती है। 🚿 ✨ 🧠 🏡 (अर्थ: कोई भी नई पूजा या काम शुरू करने के लिए आज का दिन बहुत फलदायी है। देवी के आशीर्वाद से हमें सद्बुद्धि और शांति मिलती है।)

(7) गौरी तृतीया की शुभकामनाएं, यह संदेश दिव्य है, आइए मनुष्य के रूप में जीवन को भव्य बनाएं। भक्ति, पूजा और दान के साथ यह त्यौहार पूरा होगा, माघ महीने की पावन तिथि पर, मन को प्रणाम। 🙏 🌸 🏵� 🚩 (मतलब: गौरी तृतीया का यह दिन हमें मानवता और भक्ति सिखाता है। आइए हम इस दिन को पूजा और दान के साथ उत्साह के साथ मनाएं।)

🧩 सिर्फ़ इमोजी समरी
🌺 ✨ 🏠 🕯� 🔴 🟡 🤝 🕉� 🌊 🚩 🧘�♂️ 🗓� 🤝 🍲 💰 😇 🕉� 🔱 🕯� 🌊 🚿 ✨ 🧠 🏡 🙏 🌸 🏵� 🚩

📝 सिर्फ़ शब्द समरी
गौरी तृतीया: सुवासिनी द्वारा सौभाग्य के लिए देवी गौरी की विशेष पूजा।

माघ महीना: आध्यात्मिक और धार्मिक कामों के लिए साल का सबसे पवित्र महीना।

सौभाग्य: परिवार की सेहत और पति की लंबी उम्र के लिए मांगा गया वरदान।

दान-पुण्य: माघ शुक्ल तृतीया को दान करने से अनंत फल मिलते हैं।

साधना: आध्यात्मिक शांति और समृद्धि के लिए की जाने वाली विशेष पूजा-अर्चना।

शुभ मुहूर्त: बुधवार, 21 जनवरी, 2026, जो धार्मिक कामों के लिए सबसे अच्छा है।

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--अतुल परब
--दिनांक-21.01.2026-बुधवार. 
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