॥ वज्रांगयोग: हनुमान का ध्यान और प्राणायाम दर्शन ॥-1 🏃‍♂️ 🧘‍♀️ 🕯️ 📘 💪✋ 🌬️

Started by Atul Kaviraje, February 08, 2026, 09:36:08 PM

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Atul Kaviraje

हनुमान का  'ध्यान' व 'प्राणायाम' तत्त्वज्ञान-
हनुमान का 'मेडिटेशन' और 'प्राणायाम' का दर्शन-
(हनुमान का ध्यान और प्राणायाम का दर्शन)
(Hanuman's Philosophy of Meditation and Pranayama)
Hanuman's 'meditation' and 'pranayam' philosophy-

॥ वज्रांगयोग: हनुमान का ध्यान और प्राणायाम दर्शन ॥

मुख्य १० बिंदु:

१.
प्राण का मूल:
हनुमान वायुपुत्र हैं,
जो 'प्राण' (श्वसन)
के स्वामी हैं। 🌬�

२.
राममय ध्यान:
उनका ध्यान केवल शांति नहीं,
बल्कि निरंतर
राम-नाम का जप है। 🙏

३.
सिद्धियों का आधार:
प्राणायाम के बल पर ही
उन्होंने अणिमा-महिमा जैसी
अष्टसिद्धियां प्राप्त कीं। 📏

४.
बुद्धिमत्ता:
ध्यान की स्थिरता ही
उन्हें
'बुद्धिमतां वरिष्ठम्' बनाती है। 🧠

५.
वज्र देह:
योगासन और ब्रह्मचर्य ने
उनके शरीर को
वज्र जैसा कठोर बनाया है। 🦾

६.
कुंडलिनी शक्ति:
उनकी असीम ऊर्जा
जाग्रत प्राणों का
परिणाम है। 🔥

७.
निस्वार्थ सेवा:
ध्यान से मिली शक्ति
उन्होंने केवल
प्रभु सेवा में लगाई। ❤️

८.
इंद्रिय विजय:
योग के माध्यम से
उन्होंने मन और काम पर
पूर्ण विजय पाई। 🎯

९.
पंचमुखी स्वरूप:
पांच प्राणों
(व्यान, अपान आदि) पर
उनका पूर्ण नियंत्रण है। 🌀

१०.
आधुनिक प्रेरणा:
हनुमान का योग
आज के तनावपूर्ण जीवन में
शांति का मार्ग है। 🕯�

🏃�♂️ 🧘�♀️ 🕯� 📘 💪

--संकलन
--अतुल परब
--दिनांक-07.02.2026-शनिवार.
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