॥ वज्रांगयोग: हनुमान का ध्यान और प्राणायाम दर्शन ॥-2 🏃‍♂️ 🧘‍♀️ 🕯️ 📘 💪✋ 🌬️

Started by Atul Kaviraje, February 08, 2026, 09:36:48 PM

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Atul Kaviraje

हनुमान का  'ध्यान' व 'प्राणायाम' तत्त्वज्ञान-
हनुमान का 'मेडिटेशन' और 'प्राणायाम' का दर्शन-
(हनुमान का ध्यान और प्राणायाम का दर्शन)
(Hanuman's Philosophy of Meditation and Pranayama)
Hanuman's 'meditation' and 'pranayam' philosophy-

॥ वज्रांग योग: हनुमान का ध्यान और प्राणायाम का दिव्य दर्शन ॥

हनुमान सिर्फ़ शक्ति के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि योग और आध्यात्मिकता के प्रतीक हैं। उनके जीवन का हर काम ध्यान और वायु (प्राण) पर कंट्रोल दिखाता है।

1. प्राणायाम की शुरुआत: पवन पुत्र
वायु तत्व: हनुमान वायु के पुत्र हैं। योग में, 'प्राण' का मतलब हवा है। हनुमान का अस्तित्व ही प्राण पर आधारित है।

सांस पर कंट्रोल: मारुति राय जन्म के समय सूरज को निगलने के लिए उड़ी, जो कभी न बुझने वाली प्राण शक्ति का संकेत है।

ऊर्जा का स्रोत: हनुमान प्राणायाम के ज़रिए शरीर में 'कुंडलिनी' ऊर्जा को जगाने का विज्ञान जानते थे। 🧘�♂️ 🌬� ☀️ 🌀 🐒

2. मेडिटेशन का नेचर: रामनाम संकीर्तन
कॉन्सेंट्रेशन: हनुमान का मेडिटेशन सिर्फ़ आँखें बंद करके बैठना नहीं है, बल्कि हर साँस के साथ 'राम' नाम का जाप करना है।

सायुज्य मुक्ति: मेडिटेशन में, वह राम के साथ इतने एक हो जाते हैं कि वह अपने शरीर को भूल जाते हैं।

इनर जर्नी: लंका जाते समय या हिमालय में द्रोणागिरी पर चढ़ते समय, उनका मन हमेशा स्थिर और मेडिटेशन में रहता है। 🕉� 🙏 🧡 🧘�♂️ ✨

3. प्राणायाम से अष्ट सिद्धियाँ पाना
अणिमा और महिमा: प्राण को कंट्रोल करके, हनुमान अपने शरीर को एटम जितना छोटा या पहाड़ जितना बड़ा बना सकते हैं।

शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी: प्राणायाम से ब्लड सर्कुलेशन और मसल्स पर बहुत ज़्यादा कंट्रोल मिलता है, जो हनुमान की उड़ान में दिखता है।

इंद्रियों पर कंट्रोल: प्राणायाम की मदद से उन्होंने काम, क्रोध और लालच पर जीत हासिल की और 'जितेंद्रिय' का दर्जा पाया। 📏 🏔� 💪 ⚡ 🔓

4. मेडिटेशन और इंटेलिजेंस (बुद्धिमताम् विष्णुरम्)
मेमोरी: मेडिटेशन से बुद्धि स्थिर होती है। हनुमान के सभी गुणों से भरपूर और बहुत बुद्धिमान होने का कारण उनका मेडिटेशन करने वाला मन है।

फैसला लेने की क्षमता: मुश्किल समय में बिना विचलित हुए सही रास्ता चुनने की शक्ति उन्हें मेडिटेशन से ही मिलती है।

वाक्पटुता: शांत मन और कंट्रोल की हुई सांसों ने उन्हें एक बेहतरीन कम्युनिकेटर (राम-सुग्रीव मुलाकात) बनाया। 🧠 📖 🗣� 💎 🎯

5. योग आसन और बॉडीबिल्डिंग
वज्रदेह: हनुमान का शरीर वज्र (वज्रांग) जितना सख्त है। यह लंबे समय तक योग करने का नतीजा है।

सूर्य नमस्कार के पायनियर: कई पंथों में, हनुमान को सूर्य का शिष्य और सूर्य नमस्कार का आदर्श माना जाता है।

नेचुरल हेल्थ: ब्रह्मचर्य और योग की वजह से उनका शरीर कभी थकता या बीमार नहीं पड़ता। 🏋��♂️ 🛡� ☀️ 🦾 🚩

6. कुंडलिनी जागरण और शक्ति
मूलाधार से सहस्रार: हनुमान की शक्ति उनकी स्पाइनल कॉर्ड (रीढ़ की हड्डी) से बहने वाले जागे हुए प्राण में है।

तेजपुंज व्यक्तित्व: चेहरे पर चमक ध्यान की ऊंची अवस्था का संकेत है।

संकटमोचन: जब प्राण ऊर्जा संतुलित होती है, तो कोई भी बाहरी ताकत हमें हरा नहीं सकती, हनुमान ने साबित किया। 🔥 ⚡ 🔱 🧘�♂️ 🚩

7. भक्ति और ध्यान का तालमेल
दास्य भाव: हनुमान का ध्यान 'मैं' से रहित है। वह खुद को राम का सेवक मानते हैं।

हृदयस्थ राम: जब उन्होंने अपनी छाती चीरी, तो राम और सीता वहाँ दिखाई दिए; यह ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन का एक उदाहरण है।

पूर्ण सेवा: उन्होंने ध्यान से मिली शक्ति का इस्तेमाल दुनिया की भलाई के लिए किया, अपने लिए नहीं। ❤️ 👐 🏛� 🔱 😊

8. मौन और स्थिरता
पढ़ने में संयम: हनुमान बिना वजह नहीं बोलते। उनका मौन उनके ध्यान का एक हिस्सा है।

अधल निग्रह: समुद्र पार करते समय मैनाक पर्वत ने उन्हें आराम करने के लिए कहा, लेकिन उनका ध्यान नहीं हटा।

स्थितप्रज्ञ: चाहे सफल हों या मुसीबत में, हनुमान की मानसिक स्थिति हमेशा स्थिर रहती है। 🤫 🏔� 🌊 🧘�♂️ 🛡�

9. पांचों वायु के स्वामी
व्यान, अपान, समान, उदान: हनुमान का पांचों वायु पर कंट्रोल है, इसीलिए उन्हें 'पंचमुखी' कहा जाता है।

ब्रह्मांड का जीवन: वह यूनिवर्सल एनर्जी से जुड़े हैं, जिसकी वजह से वह अमर हो गए हैं।

अमरता: प्राणायाम की सर्वोच्च अवस्था की वजह से हनुमान समय से परे चले गए हैं। ✋ 🌬� 🌀 ♾️ 🚩

10. आज के ज़माने में नकल
तनाव से राहत: आज के तेज़ रफ़्तार वाले ज़माने में, हनुमान की मेडिटेशन टेक्नीक (नमस्ते) (नमस्ते) मन की शांति देती है।

युवाओं के लिए बढ़िया: हनुमान सिखाते हैं कि शारीरिक ताकत और मन की स्थिरता को कैसे मिलाया जाए।

साधना: रोज़ हनुमान चालीसा पढ़ना भी एक तरह का मेडिटेशन और प्राणायाम है। 🏃�♂️ 🧘�♀️ 🕯� 📘 💪

--संकलन
--अतुल परब
--दिनांक-07.02.2026-शनिवार.
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