॥ आदिगुरु शिव और रहस्यमयी तंत्र-मंत्र परंपरा ॥👹 🎭 🔱 🌑 🕉️📿 🧘‍♂️ 🕉️ 🕊️ 🕯

Started by Atul Kaviraje, February 10, 2026, 10:01:24 PM

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Atul Kaviraje

शिव और तंत्र और मंत्र की परंपरा-
(शिव और तंत्र और मंत्रों की परंपरा)
(Shiva and the Tradition of Tantra and Mantras)
Tradition of Shiva and Tantra Mantra-

यहाँ शिव और तंत्र-मंत्र परंपरा पर आधारित एक डिटेल्ड आर्टिकल और दिल को छू लेने वाली कविता है।

॥ आदिगुरु शिव और रहस्यमयी तंत्र-मंत्र परंपरा ॥

भगवान शिव सिर्फ़ विनाश के देवता नहीं हैं, वे 'आदियोगी' और 'आदिगुरु' हैं। तंत्र और मंत्र शास्त्र की शुरुआत उन्हीं से मानी जाती है।

1. तंत्र की शुरुआत: शिव और शक्ति डायलॉग

शिव का गुरुत्वाकर्षण: तंत्र शास्त्र के अनुसार, शिव ब्रह्मांड के पहले गुरु हैं जिन्होंने दुनिया को साइंस का यह रास्ता दिया।

डायलॉग स्टाइल: ज़्यादातर तंत्र ग्रंथ शिव और पार्वती (आगम और निगम) के बीच डायलॉग के रूप में हैं।

शक्ति का महत्व: शिव के बिना शक्ति और शक्ति के बिना शिव अधूरे हैं, यही तंत्र का मूल सिद्धांत है।

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2. मंत्र शक्ति और शिव

नादब्रह्म: शिव के डमरू से चौदह सूत्र (महेश्वर सूत्र) बने, जिनसे व्याकरण और मंत्रों का जन्म हुआ।

पंचाक्षरी मंत्र: 'ॐ नमः शिवाय' सृष्टि के पाँच तत्वों (पृथ्वी, प्रकाश, अग्नि, वायु, आकाश) को दिखाता है।

बीज मंत्र: शिव से जुड़े 'ह्रौं', 'जूं', 'स:' जैसे बीज मंत्र बहुत शक्तिशाली माने जाते हैं।

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3. तंत्र में वैज्ञानिक नज़रिया

शरीर प्रयोगशाला है: तंत्र के अनुसार, इंसान का शरीर ब्रह्मांड की एक कॉपी है।

ऊर्जा जागृति: तंत्र का लक्ष्य कुंडलिनी ऊर्जा को जगाना और शिव (परमात्मा) से मिलन पाना है।

मुद्रा और बंध: शरीर में एनर्जी के फ्लो को कंट्रोल करने के लिए अलग-अलग मुद्राओं का इस्तेमाल किया जाता है।

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4. मंत्रों का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व

वाइब्रेशनल साइंस: मंत्रों के जाप से शरीर के चक्रों में खास वाइब्रेशन पैदा होते हैं।

मानसिक शांति: महामृत्युंजय मंत्र जैसे भजन अकाल मृत्यु के डर को दूर करते हैं और आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।

एकाग्रता: मंत्र जाप से मन स्थिर होता है और ध्यान की स्थिति मिलती है।

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5. शिव के अलग-अलग रूप और तरीके

भैरव रूप: शिव का 'भैरव' रूप तंत्र (जैसे विज्ञान भैरव तंत्र) की साधना के लिए बहुत पूजनीय माना जाता है।

दक्षिणामूर्ति: शिव का वह रूप जो मौन से ज्ञान देता है, जो तंत्र में सबसे ऊंचे ज्ञान का प्रतीक है।

नटराज: तांडव रूप जो ब्रह्मांड के बनने और खत्म होने को दिखाता है।

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--संकलन
--अतुल परब
--दिनांक-09.02.2026-सोमवार.
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