वैकुंठ का संवाद-🕉️ 🙏 🎶 🌊 💙 🌸 🕊️📜 🕊️ 💙 🔱 🌺🤍 🧹 ⚖️ 🌼 🙏

Started by Atul Kaviraje, February 11, 2026, 07:41:27 PM

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Atul Kaviraje

(विष्णु और उनके धार्मिक शिष्य)
(Vishnu and His Religious Disciples)

वैकुंठ का संवाद-

पद १

वैकुंठ में नील तेज चमके,
शंख-चक्र-गदा संग सजे,
धर्म-पथ पर शिष्य बढ़ते,
विष्णु कृपा से हृदय सजे।
अर्थ (हिंदी): विष्णु का तेज शिष्यों को धर्ममार्ग दिखाता है।
🕉� 🌊 🐚 💫 🙏

पद २

नारद गाएँ नाम अनंत,
भक्ति राग पावन हो,
वाणी मधुर, मन उजला,
ज्ञान दीपक प्रज्वलित हो।
अर्थ: नामगान से भक्ति व ज्ञान जागता है।
🎶 📿 🔔 ✨ 🧘

पद ३

प्रह्लाद श्रद्धा की मिसाल,
भय से कभी न डोले,
विष्णु स्मरण से टूटे बंधन,
भक्ति विजय बोले।
अर्थ: अडिग श्रद्धा भय पर विजय दिलाती है।
🔥 🛡� 🌟 🙌 🕯�

पद ४

लक्ष्मी संग करुणा बरसे,
दान-प्रेम की धार,
जीवन खिले शांति में,
मिटे सभी विकार।
अर्थ: करुणा व दान से शांति मिलती है।
🌸 💛 🤲 💎 🌈

पद ५

शेषशायी सागर में,
काल ठहरे क्षण,
सृष्टि को दे स्थैर्य,
भक्त रहें निश्चिंत।
अर्थ: विष्णु सृष्टि को संरक्षण देते हैं।
🐍 🌊 ⏳ 🌀 🛐

पद ६

शिष्य सीखें सरलता,
अहंकार दूर करें,
सेवा में ईश्वर मिले,
कर्म उजास भरें।
अर्थ: सेवा से ईश्वर की प्राप्ति होती है।
🤍 🧹 ⚖️ 🌼 🙏

पद ७

भक्ति का अंतिम सार,
नाम स्मरण अविराम,
विष्णु-शिष्य पावन बंधन,
जीवन बने हरि धाम।
अर्थ: नामस्मरण जीवन को पवित्र करता है।
📜 🕊� 💙 🔱 🌺

हिंदी कविता – इमोजी सारांश:

🕉� 🙏 🎶 🌊 💙 🌸 🕊�

हिंदी कविता – शब्द सारांश:

भक्ति, श्रद्धा, करुणा, सेवा, स्थैर्य, नामस्मरण, शांति

--अतुल परब
--दिनांक-11.02.2026-बुधवार.
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