पंढरी का अटूट बंधन-🛕 🙏 🎶 🚩 💙 🤍 🕊️🕊️ 🔱 💙 ⏳ 🌺🤲 💞 🕯️ 🌈 🧘

Started by Atul Kaviraje, February 11, 2026, 07:42:27 PM

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Atul Kaviraje

(भगवान विट्ठल और उनके भक्तों का धार्मिक बंधन)
(The Religious Bond of Lord Vitthal and His Devotees)
Religious bond between Shri Vithoba and his devotees-

पंढरी का अटूट बंधन-

पद १

पंढरपुर में सावला खड़ा,
कटि पर हाथ, रूप निराला,
भक्त पुकारें तो दौड़े आए,
विठोबा प्रेम का रखवाला।
अर्थ (हिंदी): विठोबा भक्तों की पुकार तुरंत सुनते हैं।
🛕 👣 💙 🙏 🌾

पद २

नाम-घोष में नाद बजे,
ताल-मृदंग सुर सजें,
जात-पात सब मिट जाती,
भक्ति आगे सब झुकें।
अर्थ: भक्ति में सभी भेद मिटते हैं।
🥁 🎶 📿 🤍 🌼

पद ३

पुंडलिक की सेवा देख,
देव रुके ईंट पर,
भक्ति से बंधे भगवान,
नाता अमर हुआ घर-घर।
अर्थ: सच्ची भक्ति भगवान को भी बांध लेती है।
🧱 🙇�♂️ 💛 🌟 🕉�

पद ४

तुकाराम की वाणी पावन,
ज्ञानेश्वर का ज्ञान अपार,
शब्दों में प्रकटे विठ्ठल,
भक्त-भगवान का व्यवहार।
अर्थ: संतवाणी से भक्ति गहरी होती है।
📜 ✨ 🕊� 🎵 🌸

पद ५

वारी पथ पर पग थक जाएँ,
नाम न रुके होंठों से,
विठोबा संग चले भक्तों के,
यही पंढरी का सत्य है।
अर्थ: विठोबा भक्तों के साथ चलते हैं।
🚶�♂️ 🚩 🌊 🙏 💙

पद ६

सुख-दुःख सब अर्पित हों,
विठ्ठल चरण मन ठहरे,
निस्वार्थ प्रेम का यह बंधन,
जीवन को अर्थ भरे।
अर्थ: समर्पण जीवन को अर्थ देता है।
🤲 💞 🕯� 🌈 🧘

पद ७

भक्ति का अंतिम सार यही,
विठोबा हृदय बसे,
भक्त-भगवान का अटल बंधन,
काल से भी आगे रहे।
अर्थ: यह बंधन शाश्वत है।
🕊� 🔱 💙 ⏳ 🌺

हिंदी कविता – इमोजी सारांश:

🛕 🙏 🎶 🚩 💙 🤍 🕊�

हिंदी कविता – शब्द सारांश:

भक्ति, नामस्मरण, समर्पण, सेवा, समानता, प्रेम, शाश्वत बंध

--अतुल परब
--दिनांक-11.02.2026-बुधवार.
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