"महाकाली का रणसंग्राम: असुरों का अंत"🌑 🔥 👁️ 🌋 🗡️ 💀 🩸 👅 ⚔️ ⚡ 💥 🌪️ 🕉️

Started by Atul Kaviraje, February 20, 2026, 09:49:21 PM

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Atul Kaviraje

काली माता के राक्षस संहार-
काली माता के राक्षसों का वध-
(काली माता का दानव विनाश)
(काली माता का राक्षस विनाश)
(Kali Mata's Demon Destruction)

हिंदी अनुवाद: "महाकाली का रणसंग्राम: असुरों का अंत"

पद १
रौद्र रूप वह कृष्ण वर्ण, आँखें जैसे दहकती आग,
भयंकर गर्जन से काँपे अवनि, सोये सोये जागे भाग।
रक्तबीज के संहार हेतु, काली माँ ने लिया अवतार,
भक्तों की रक्षा के कारण, रूप धरा ये विकराल अपार।
🌑 🔥 👁� 🌋

अर्थ: माँ काली का स्वरूप श्याम है और आँखें अग्नि के समान। रक्तबीज के विनाश के लिए उन्होंने यह भयंकर रूप धारण किया है।

पद २
हाथ में खप्पर, मुंडमाल गले, जिह्वा लपलपाती लाल,
असुरों के उस रक्त से रंजित, हुआ भवानी का ये भाल।
एक एक बूँद लहू की मैया, भूमि पे गिरने न दी,
राक्षस कुल की जड़ें काट दी, पल भर में माँ ने दी।
🗡� 💀 🩸 👅

अर्थ: माँ ने राक्षसों के रक्त की एक भी बूँद जमीन पर नहीं गिरने दी, जिससे रक्तबीज का पूर्ण विनाश संभव हुआ।

पद ३
खड्ग चला बिजली सा चमका, मुंड गिरे जो धड़ाधड़,
रणभूमि पर मच गया तब, काल का हाहाकार चढ़।
चंड-मुंड का गर्व चूर हुआ, शुंभ-निशुंभ भी ढह गए,
अधर्म के सारे साम्राज्य, माँ के चरणों में बह गए।
⚔️ ⚡ 💥 🌪�

अर्थ: माँ की तलवार बिजली की तरह चली और चंड-मुंड जैसे बड़े-बड़े असुरों का घमंड चूर-चूर हो गया।

पद ४
क्रोध हुआ जब विकराल अति, काँपने लगा सारा संसार,
शांत करने माँ को तब, शिव आए बनके एक द्वार।
महादेव की देह पर जब, पड़ा माँ का पावन पाँव,
लज्जित होकर जीभ दबाई, शांत हुई माँ की छाँव।
🕉� 👣 🧘�♂️ 🤫

अर्थ: जब माँ का क्रोध अनियंत्रित हुआ, तब भगवान शिव उनके मार्ग में लेट गए। शिव का स्पर्श पाते ही माँ का क्रोध शांत हुआ।

पद ५
काली रातों के अंधियारे में, तुम ही हो प्रकाश की लौ,
भक्तों की बाधाओं को तुम, दूर करो जो हो सौ-सौ।
मन के भीतर के दानव भी, माँ तुम ही तो मारती हो,
शुद्ध कर्मों की सुगंध से, जीवन तुम संवारती हो।
🕯� 🛡� ✨ 🌸

अर्थ: माँ काली हमारे मन के विकारों को नष्ट करती हैं और जीवन में सकारात्मकता का संचार करती हैं।

पद ६
शक्तिशाली मंत्र तुम्हारा, भय का करता चकनाचूर,
नाम जप से मैया तेरे, चिंता भागती कोसों दूर।
अन्याय पे प्रहार को, काली सदा है तैयार खड़ी,
भक्तों के कल्याण की बहती, प्रेम की सुंदर लड़ी।
📣 🦁 💪 🌊

अर्थ: माँ का नाम लेते ही डर भाग जाता है। वे अन्याय के खिलाफ लड़ने की शक्ति और भक्तों को प्रेम प्रदान करती हैं।

पद ७
मुक्ति देती कालिका माता, तोड़ती मोह के बंधन,
तेरी भक्ति में ही मैया, भक्त करता है वंदन।
शरण आए हैं हम तुम्हारी, दया की रखना तुम आस,
महाकाली की कृपा से ही, मिले ईश्वरीय वास।
🕊� 🙏 📿 😊

अर्थ: माँ काली जन्म-मरण के बंधन से मुक्त करती हैं। उनकी शरण में आने से ही परम शांति और मोक्ष मिलता है।

सारांश (Summary)
इमोजी सारांश (Emoji Summary):
🌑 🔥 👁� 🌋 🗡� 💀 🩸 👅 ⚔️ ⚡ 💥 🌪� 🕉� 👣 🧘�♂️ 🤫 🕯� 🛡� ✨ 🌸 📣 🦁 💪 🌊 🕊� 🙏 📿 😊

शब्द सारांश (Word Summary):
रौद्ररूप, संहार, रक्तबीज, खड्ग, शिव-साधना, निर्भयता, विजय, मुक्ति, अटूट श्रद्धा, शांति।

भक्तीमय चित्र संकल्पना (Visual Concept)
मध्य भाग: उग्र महाकाली मातेची उभी मूर्ती, जिचे केस मोकळे आहेत. एका हातात राक्षस रक्तबीजाचे कापलेले मुंडके आणि दुसऱ्या हातात रक्ताने माखलेले खड्ग (तलवार).

विशेषता: आईने जिभ बाहेर काढली आहे आणि ती भगवान शिवाच्या छातीवर पाय ठेवून उभी आहे (हे दृष्य रागातून शांततेकडे जाण्याचे प्रतीक आहे).

पार्श्वभूमी: रणभूमीचे दृश्य, जिथे आकाश गडद लाल आणि काळ्या रंगाचे दिसत आहे. विजा कडाडत आहेत.

खालील भाग: राक्षसांचे पडलेले ढिगारे आणि एका बाजूला घाबरलेले पण सुरक्षित असलेले भक्त मातेची प्रार्थना करत आहेत.

रंगसंगती: गडद निळा, काळा, लाल आणि सुवर्ण रंग.

--अतुल परब
--दिनांक-20.02.2026-शुक्रवार.
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