💍 विठू-रखुमाई का ब्याह: पंढरी का दिव्य विवाह सोहळा 💍🏛️ ✨ 💍 🌊 🙌 👑 👗 🌾

Started by Atul Kaviraje, February 22, 2026, 09:38:12 AM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

विठ्ठल रुक्मिणी विवाह सोहळा-पंढरपूर-

💍 विठू-रखुमाई का ब्याह: पंढरी का दिव्य विवाह सोहळा 💍

१. पंढरी की नगरी आज खुशियों से है सजी, विठू-रखुमाई के ब्याह की घड़ी है अब बजी। चंद्रभागा के तट पर भक्तों का ये मेला, आओ मिलकर देखें हम ये दिव्य सोहळा। (अर्थ: विठ्ठल-रुक्मिणी के विवाह के लिए पंढरपुर सज गया है। चंद्रभागा के किनारे भक्तों की भीड़ इस पावन उत्सव का आनंद ले रही है।) 🏛� ✨ 💍 🌊 🙌

२. विठू राय का मुकुट आज खूब है सजता, रुक्मिणी माँ के मुख पर शालू है फबता। मंगल अक्षत गिर रहे प्रभु के पावन शीश, भक्ति से गूँज उठी आज पंढरी की ये डगर। (अर्थ: विठ्ठल ने सुंदर मुकुट पहना है और माता रुक्मिणी रेशमी शालू में दिव्य लग रही हैं। अक्षत वर्षा के साथ पूरी पंढरी आनंदित है।) 👑 👗 🌾 🌸 🚩

३. ताल-मृदंग की थाप पर उठते हैं कदम, विठ्ठल के ब्याह में आए सारे संत और हम। सोने का ये दिन आज अमृत जैसी वाणी, मंगलमय हुई पंढरपुर की ये पावन धरनी। (अर्थ: संगीत की थाप पर भक्त झूम रहे हैं। सभी संतों की उपस्थिति में पंढरपुर की धरती आज स्वर्ग जैसी पावन हो गई है।) 🥁 🎶 🚶�♂️ 📜 ☀️

४. मन का सखा आज दूल्हा है बना, रुक्मिणी माँ के प्रेम में विठू है रँगा। साँवला ये रूप सबका मन मोह लेता, भक्ति का ये रिश्ता और गहरा है होता। (अर्थ: प्रभु विठ्ठल आज दूल्हे के रूप में सजे हैं। उनका सांवला और सलोना रूप भक्तों की श्रद्धा को और बढ़ा रहा है।) 💖 🥰 ✨ 🕸� 💎

५. गुलाल की उड़ान और फूलों की ये वर्षा, भक्तों के मन में छाई भक्ति की ही चर्चा। अखंड सौभाग्य मिले इस पावन जहाँ को, जगत के ये माता-पिता खड़े कल्याण को। (अर्थ: चारों ओर गुलाल और फूलों की वर्षा हो रही है। जगत के माता-पिता विठ्ठल-रुक्मिणी पूरे विश्व के कल्याण के लिए आशीर्वाद दे रहे हैं।) 🎨 💐 🌍 ❤️ 🙌

६. रुक्मिणी स्वयंवर की कथा याद आई, विठ्ठल के चरणों में खुशियों की खान आई। ब्याह का ये दृश्य देख जन्म सफल हुआ, पंढरी का ये राजा भक्तों के करीब हुआ। (अर्थ: रुक्मिणी स्वयंवर की यादें ताजा हो गई हैं। इस विवाह उत्सव को देखकर भक्तों का जीवन धन्य हो रहा है।) 📜 📖 ✨ 🛐 🚩

७. जय विठ्ठल रखुमाई गूँज रहा ये शोर, भक्तों की डोरी थामना तुम ही अपनी ओर। अगले बरस भी ऐसा ही उत्सव ये सजे, विठू-रुक्मिणी का प्रेम सबमें सदा रमे। (अर्थ: विठ्ठल-रखुमाई का जयघोष हर ओर है। प्रार्थना है कि प्रभु का प्रेम और आशीर्वाद हम पर सदा बना रहे।) 🚩 🙌 💍 🕊� 🔔

📊 इमोजी सारांश (Emoji Summary)
🏛� ✨ 💍 🌊 🙌 👑 👗 🌾 🌸 🚩 🥁 🎶 🚶�♂️ 📜 ☀️ 💖 🥰 🕸� 💎 🎨 💐 🌍 ❤️ 🙌 📜 📖 🛐 🚩 🙌 🕊� 🔔

🔠 शब्द सारांश (Word Summary)
विवाह सोहळा, विठ्ठल-रुक्मिणी, पंढरपुर, चंद्रभागा, अक्षत, ताल-मृदंग, सुअवसर, संत, सौभाग्य, भक्तिभाव, रुक्मिणी स्वयंवर, जयकार।

--अतुल परब
--दिनांक-23.01.2026-शुक्रवार.
===========================================