🌺 देहू के ज्ञानदीप: जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज जन्मोत्सव 🌺🏡 ✨ ☀️ 🚩 🙏 🌊 🥁

Started by Atul Kaviraje, February 22, 2026, 09:38:54 AM

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Atul Kaviraje

संत तुकाराम महाराज जन्मदिन-देहू-

🌺 देहू के ज्ञानदीप: जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज जन्मोत्सव 🌺

१. देहू की इस पावन भूमि पर, मंगल समय है आया, भक्ति का वो सूर्य तेजस्वी, नभ में आज है छाया। विट्ठल नाम के जयकारों से, गूँज उठी है धरती, तुकोबा के जन्म से हुई, धन्य देहू की ये मस्ती। (अर्थ: देहू की पवित्र भूमि पर भक्ति का सूर्य उगा है। तुकाराम महाराज के जन्म से पूरी पृथ्वी विट्ठल नाम के जयघोष से आनंदित है।) 🏡 ✨ ☀️ 🚩 🙏

२. इंद्रायणी का तट साक्षी है, अभंगवाणी के प्रवाह का, जन्म हुआ आज धरती पर, रक्षक रंजले-पीडितों का। ताल मृदंग बजने लगे, भक्ति के रंग में डूबा जग, सारी वारी गूँज उठी, विट्ठल नाम की लगी है लग। (अर्थ: दुखी लोगों की सेवा करने वाले तुकोबा का आज जन्म हुआ है। इंद्रायणी के तट पर वारकरी भक्ति में मगन हैं।) 🌊 🥁 📜 💎 ✨

३. अज्ञानी इस समाज को, ज्ञान का मार्ग दिखाया, वेदों का वो कठिन अर्थ, अभंगों में सरल बताया। अंधविश्वास का जाल तोड़कर, इंसानियत की दी शिक्षा, अखंड सुमिरन करें हम उनका, यही जीवन की दीक्षा। (अर्थ: तुकोबा ने वेदों का अर्थ सरल मराठी में बताया। उन्होंने अंधविश्वास मिटाकर मानवता का धर्म सिखाया।) 💡 📖 🔨 🕊� 🧘�♂️

४. वैराग्य की मूरत साक्षात, संसार का मोह त्यागा, पांडुरंग के दर्शन का, मन में विश्वास था जागा। शब्दों के इस शस्त्र से किया, अधर्म का पूर्ण संहार, तुकोबा के विचारों का, जग में हुआ जय-जयकार। (अर्थ: मोह त्यागकर उन्होंने केवल विट्ठल भक्ति की। उनके शब्दों ने अधर्म का नाश किया और सत्य की विजय हुई।) 🗡� 🛐 🚩 🗣� 🌍

५. कण-कण में विट्ठल दिखाया, चराचर में वही समाया, तुकोबा की हर पंक्ति में, प्रभु का सांवला रूप पाया। देहू की ये पावन रेती, भक्ति से आज है धन्य, जयंती का ये पर्व करे, भक्तों के मन को अनन्य। (अर्थ: तुकोबा ने सिखाया कि ईश्वर हर जगह है। आज देहू की भूमि पर भक्ति का उत्सव बड़े हर्ष के साथ मनाया जा रहा है।) 🕉� ✨ 💖 🏡 🎊

६. 'जो पीड़ित और दुखी हैं', यही मंत्र जग में महान, संतों की इस टोली में, तुकोबा हैं सबसे ऊंचे शान। जग के कल्याण हेतु आए, अवतारी ये महान पुरुष, तेरे चरणों में नमन है, ये सारा जहाँ और हर्ष। (अर्थ: पीड़ितों की सेवा ही सच्ची भक्ति है। विश्व कल्याण के लिए जन्मे इस महान संत को हम नमन करते हैं।) 🤝 ❤️ 🌍 🙌 🎖�

७. देहू के इस मंदिर में, गूँजता तुकोबा का नाम, विट्ठल भक्ति का ये स्वर, मिटाता मन के सब काम। अगली वारी फिर मिलेंगे, यही मन में हो भाव, तुकोबा के आशीष से, महके भक्तों का ये गाँव। (अर्थ: देहू के मंदिर में तुकोबा का जयघोष हो रहा है। उनकी कृपा से सभी भक्तों का जीवन सुखमय और मंगलमय हो।) 🚩 🔔 🕯� 😊 🙌

📊 इमोजी सारांश (Emoji Summary)
🏡 ✨ ☀️ 🚩 🙏 🌊 🥁 📜 💎 ✨ 💡 📖 🔨 🕊� 🧘�♂️ 🗡� 🛐 🚩 🗣� 🌍 🕉� ✨ 💖 🏡 🎊 🤝 ❤️ 🌍 🙌 🎖� 🚩 🔔 🕯� 😊 🙌

🔠 शब्द सारांश (Word Summary)
तुकाराम महाराज, देहू, जन्मोत्सव, भक्ति, विट्ठल, इंद्रायणी, अभंग, मानवता, वैराग्य, समाज सुधार, सत्य, वारकरी।

--अतुल परब
--दिनांक-23.01.2026-शुक्रवार.
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