🎭 मंडूर-डोंगरी शिमगोत्सव: गोमंतकीय संस्कृति का रंगीन प्रारंभ 🎭🏝️ 🎨 🥁 🚩 🎭

Started by Atul Kaviraje, February 22, 2026, 09:40:31 AM

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Atul Kaviraje

मंडूर-डोंगरी शिमगोत्सव प्रIरंभ-गोवा-

🎭 मंडूर-डोंगरी शिमगोत्सव: गोमंतकीय संस्कृति का रंगीन प्रारंभ  🎭

१. मंडूर-डोंगरी की पावन भूमि पर, गुलाल उड़ा है आज, शिमगोत्सव के आगमन से, सजा है भक्ति का साज। परंपरा की ये पालकी, निकली गाँव के द्वार, ढोल-ताशों की गूँज में, झूमे सारा संसार। (अर्थ: मंडूर और डोंगरी गाँवों में शिमगोत्सव का उत्साह शुरू हो गया है। पारंपरिक वाद्यों के साथ यह त्यौहार बड़े हर्ष के साथ मनाया जा रहा है।) 🏝� 🎨 🥁 🚩 🎭

२. लोककला की ये धरोहर, गोवा की है शान, नृत्य और संगीत यहाँ, बढ़ाते इसका मान। रंगीन छतरियों और तरंगों से, सजा है ये दरबार, भक्तों की इस भीड़ में, बरसे सुख अपार। (अर्थ: गोवा की लोक संस्कृति इस त्यौहार में झलकती है। पारंपरिक नृत्यों और देव-पूजन के साथ चारों ओर खुशहाली छाई है।) 💃 🎶 ☂️ ✨ 🙌

३. प्रकृति के इस साथ में, पर्व रँगा है खास, हर गोमंतकी हृदय में, संस्कृति का है वास। कई दिनों का ये उत्सव, खुशियों की मेजबानी, मंडूर की इस मिट्टी में, गूँजे भक्ति की वाणी। (अर्थ: प्रकृति और संस्कृति का मिलन इस उत्सव में दिखता है। यह पर्व गोवा की पहचान और भक्ति का प्रतीक है।) 🌿 💖 🎊 🗣� 🏡

४. छोटे-बड़े सब साथ मिलें, भूलकर सारे भेद, शिमगोत्सव के गीतों से, मिट जाए सब खेद। हाथों में हाथ थामकर, बढ़ाएं हम सद्भाव, किस्मत का ये त्यौहार दे, खुशियों का बहाव। (अर्थ: सभी लोग मिलकर भेदभाव भुलाकर यह पर्व मनाते हैं। इसके गीत दुखों को दूर कर समाज में भाईचारा बढ़ाते हैं।) 👫 👬 🤝 🌈 😊

५. देवालय के भीतर माँ, जलता श्रद्धा का दीप, ग्रामदेवता के आशीष से, चमके जीवन का सीप। थकान भूलकर किसान भी, नाचे आज उमंग में, भूले न कोई अपनी जड़ें, इस भक्ति के रंग में। (अर्थ: मंदिर में जलता श्रद्धा का दीपक सबको प्रकाशित करता है। किसान और श्रमिक अपनी मेहनत भूलकर इस पावन परंपरा में शामिल होते हैं।) 🕯� 🕉� 🌾 💃 🎖�

६. घुमट की उस थाप पर, कदमों का है खेल, नए और पुराने ख्यालों का, यहाँ होता है मेल। शिमगा मतलब चेतना, शिमगा प्रगति का नाम, तेरे ही सुमिरन से मिले, शांति और विश्राम। (अर्थ: 'घुमट' वाद्य की थाप पर लोग नृत्य करते हैं। यह पर्व नई ऊर्जा और उन्नति का संदेश देता है।) 🥁 👣 📈 🔓 ✨

७. मंडूर-डोंगरी का ये पर्व, जग में हो मशहूर, लोककला का ये विरसा, रहे सदा भरपूर। अगले बरस फिर आएंगे, यही मन में हो भाव, शिमगोत्सव के रंगों में, भीगे अपना गाँव। (अर्थ: इस उत्सव की प्रसिद्धि पूरे विश्व में हो। हमारी लोककला अमर रहे और हम अगले वर्ष भी इसे इसी तरह मनाएं।) 🚩 🌍 💎 🎨 🔔

📊 इमोजी सारांश (Emoji Summary)
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🔠 शब्द सारांश (Word Summary)
मंडूर, डोंगरी, शिमगोत्सव, गोवा, लोककला, गुलाल, परंपरा, एकता, घुमट, चेतना, प्रकृति, प्रगति, आनंद।

--अतुल परब
--दिनांक-23.01.2026-शुक्रवार.
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