🌺 पांगारे की विष्णाईदेवी: यात्रोत्सव और भक्ति का जागरण 🌺🏡 ✨ 🚩 🎨 🙏 ⛰️ 🛡️ ❤

Started by Atul Kaviraje, February 22, 2026, 09:43:23 AM

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Atul Kaviraje

विष्णाईदेवी यात्रा-पांगारे, जिल्हा-पुणे-

🌺 पांगारे की विष्णाईदेवी: यात्रोत्सव और भक्ति का जागरण 🌺

१. पांगारे की पावन भूमि पर, यात्रा का सोहळा सजा, विष्णाईदेवी के जयघोष से, सारा अंबर है गूँजा। भक्ति का ये गुलाल उड़ा, मंदिर के इस आँगन में, दर्शन की है आस लगी, हर भक्त के इस मन में। (अर्थ: पुणे जिले के पांगारे गाँव में विष्णाईदेवी की यात्रा शुरू हुई है। माता के जयकारों और गुलाल की उड़ाने से सारा वातावरण भक्तिमय है।) 🏡 ✨ 🚩 🎨 🙏

२. पर्वत की गोद में बसी, मैया तू हमारी है, पुकार पर दौड़ी आए, रक्षक तू हमारी है। ममता का आंचल तेरा, हम पर सदा बना रहे, तेरे ही सुमिरन से, सुख की धारा बहा करे। (अर्थ: प्रकृति के बीच विष्णाईदेवी का मंदिर है। वे अपने भक्तों की पुकार सुनती हैं। उनकी कृपा हम पर सदैव बनी रहे, यही प्रार्थना है।) ⛰️ 🛡� ❤️ 🌬� 😊

३. वाद्यों की उस गूँज में, पालकी तेरी निकलती, भक्तों की इस भीड़ में, पांगारे नगरी खिलती। पुरनपोली का भोग लगे और, भक्ति की ये छाया, तेरे दर्शन पाकर माँ, शीतल हुई ये काया। (अर्थ: पारंपरिक वाद्यों के साथ देवी की पालकी निकलती है। भक्त बड़े प्रेम से भोग लगाते हैं और माता के दर्शन पाकर धन्य होते हैं।) 🥁 🎊 🍮 🌸 🙌

४. श्रद्धा का ये पर्वत बड़ा, तू मन्नतें पूरी करती, संकट के अँधेरे में, तू उन्नति का दीप धरती। पांगारे की इस मिट्टी का, तू ही असली गौरव है, तेरे चरणों में अर्पित, भक्तों का ये अनुभव है। (अर्थ: विष्णाईदेवी भक्तों की मुरादें पूरी करती हैं। पांगारे गाँव के लिए माता ही सबसे बड़ा गौरव और शक्ति हैं।) ⛰️ 🕯� 📈 💎 ✨

५. कुल की ये देवी और, श्रद्धा का ही आधार, तेरी कृपा से खुलते हैं, खुशियों के सब द्वार। नारियल-ओटी से सजती, तेरी ये पावन सेवा, भक्ति के इस मार्ग पर, मिले सुख का मेवा। (अर्थ: कुलदेवी माँ की कृपा से जीवन के दुख दूर होते हैं। भक्त नारियल और चुनरी अर्पित कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।) 🥥 👗 🔓 💰 🎁

६. एकता का ये उत्सव बड़ा, भूलकर सब भेदभाव, यात्रा की इस खुशी में, मिट जाए हर तनाव। गाँववाले साथ मिलें, बढ़ाने को आपसी भाईचारा, विष्णाईदेवी दे हमें, खुशियों का सुंदर किनारा। (अर्थ: यात्रा सबको जोड़ने का माध्यम है। इस उत्सव से आपसी प्रेम बढ़ता है और मन की सारी चिंताएं मिट जाती हैं।) 🤝 🌈 🎊 😊 ✅

७. जय विष्णाईदेवी माता, तू ही मंगल की खान, पांगारे की भूमि का, तू ही सबसे बड़ा मान। अखंड रहे तेरा आशीष, यही चरणों में प्रार्थना, पूर्ण हो हर भक्त की, मंगल शुभ कामना। (अर्थ: विष्णाईदेवी मंगलकारी हैं और पांगारे का अभिमान हैं। प्रार्थना है कि सबकी मनोकामनाएं पूर्ण हों और माँ का आशीष बना रहे।) 🚩 🙌 🕊� 🔔 🔱

📊 इमोजी सारांश (Emoji Summary)
🏡 ✨ 🚩 🎨 🙏 ⛰️ 🛡� ❤️ 🌬� 😊 🥁 🎊 🍮 🌸 🙌 ⛰️ 🕯� 📈 💎 ✨ 🥥 👗 🔓 💰 🎁 🤝 🌈 🎊 😊 ✅ 🚩 🙌 🕊� 🔔 🔱

🔠 शब्द सारांश (Word Summary)
विष्णाईदेवी, पांगारे, यात्रा, पुणे जिला, रक्षक, पालकी, भक्ति, श्रद्धा, परंपरा, एकता, सफलता, उत्सव।

--अतुल परब
--दिनांक-23.01.2026-शुक्रवार.
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