शिवतीर्थ का शेर: वंदनीय बाळासाहेब 🐅🚩🚩 🐅 🔥 ✨ | 🖌️ 🚩 👊 🧡 | 📢 🇮🇳 🏛️ 🤝

Started by Atul Kaviraje, February 22, 2026, 10:01:39 AM

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Atul Kaviraje

हिंदुहृदयसम्राट बाळासाहेब ठाकरे जयंती-

कविता शीर्षक: शिवतीर्थ का शेर: वंदनीय बाळासाहेब 🐅🚩

१. माघ महीने की बेला आई, तेज की वो मशाल जली, शिवतीर्थ की इस पावन मिट्टी, शेर की गर्जना यहाँ चली। बाळासाहेब नाम है जिनका, मराठी मन का वो हुंकार, अदभुत उनका व्यक्तित्व था, जिनका जग में है दरार। (अर्थ: माघ महीने में जन्मे बाळासाहेब की गर्जना से पूरा महाराष्ट्र जाग उठा, उनका व्यक्तित्व बहुत प्रभावशाली था।) 🚩 🐅 🔥 ✨

२. भगवा ध्वज हाथ में लेकर, हिंदुत्व का विचार रखा, मराठी मानुष के हक़ के लिए, न्याय का मार्ग चखा। तुलिका से निकले व्यंग्यचित्र, और शब्दों से यह आग, अन्याय के विरुद्ध लड़ने वाला, वही था असली बाघ। (अर्थ: उन्होंने भगवा झंडा थामकर मराठी लोगों को न्याय दिलाया और अपने कार्टून्स से अन्याय पर प्रहार किया।) 🖌� 🚩 👊 🧡

३. "हाँ मैं हिंदू हूँ", ऐसी गर्जना जिनकी खास, राष्ट्रभक्ति का मन में उनके, था एक बड़ा विश्वास। शब्दों को मिली धार बड़ी, जनसैलाब भी उमड़ पड़ा, लोकतंत्र के आँगन में, इतिहास नया एक खड़ा हुआ। (अर्थ: उन्होंने हमेशा गर्व से हिंदू होने की बात कही और उनके एक आह्वान पर लाखों लोग एकजुट हो जाते थे।) 📢 🇮🇳 🏛� 🤝

४. सीधी सादी भक्ति हमारी, बाळासाहेब के चरणों में अर्पण, आपके विचारों का यह गहना, हमें मिला जैसे दर्पण। तुकांत मिले यादों के, और आदर का यह गान, स्वाभिमान से जीना कैसे, यही थी आपकी पहचान। (अर्थ: हम अपनी भक्ति उन्हें अर्पित करते हैं। स्वाभिमान से जीने की सीख उन्होंने ही हमें दी है।) 🙏 📜 🌟 🦁

५. शुक्रवार की यह पवित्र सुबह, याद करते हैं हम आज आपको, आपके कार्यों की यह विरासत, प्रेरणा देती हर मन को। घर-घर में गूंजती आज भी, आपकी वो करारी आवाज, महाराष्ट्र की इस मिट्टी का, आप ही थे असली साज। (अर्थ: आज के दिन हम उनके कार्यों को याद करते हैं, उनकी आवाज आज भी हमें प्रेरणा देती है।) ⏰ 🏠 🗣� 👑

६. रुद्राक्ष की माला गले में, और माथे पर तिलक भगवा, आपके रूप में महाराष्ट्र को, मिला यह अनमोल ठेवा। अटूट श्रद्धा और जिद्द बड़ी, यही थी आपकी ताकत, आपके बिन यह शिवतीर्थ, लगता है जैसे सूना पथ। (अर्थ: रुद्राक्ष और भगवा तिलक उनकी पहचान थी। उनकी दृढ़ता से महाराष्ट्र को नई शक्ति मिली।) 📿 🧡 💎 🏯

७. रसपूर्ण यह कविता मेरी, श्रद्धा से आज पूर्ण हुई, बाळासाहेब की यादों में, एक नई ज्योत प्रज्वलित हुई। सदा रहे आशीर्वाद आपका, यही हमारी एक आस, मराठी संस्कृति का जग में, हो सबसे ऊँचा प्रवास। (अर्थ: यह कविता उन्हें समर्पित है। उनकी कृपा और आशीर्वाद हमेशा बना रहे, यही कामना है।) 📜 🕯� 🚩 🙌

EMOJI SARANSH (HINDI):
🚩 🐅 🔥 ✨ | 🖌� 🚩 👊 🧡 | 📢 🇮🇳 🏛� 🤝 | 🙏 📜 🌟 🦁 | ⏰ 🏠 🗣� 👑 | 📿 🧡 💎 🏯 | 📜 🕯� 🚩 🙌

WORD SUMMARY (HINDI):
बाळासाहेब, शिवतीर्थ, शेर, भगवा, हिंदुत्व, मराठी, स्वाभिमान, जयंती, व्यंगचित्र, आशीर्वाद।

--अतुल परब
--दिनांक-23.01.2026-शुक्रवार.
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