॥ भव्य सूर्य वंदना ॥ 🌅🐎🌳💪⏰🕉️🌇✨🌇🌅🙇‍♂️♾️

Started by Atul Kaviraje, March 20, 2026, 12:48:40 PM

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Atul Kaviraje

सूर्य देव का संपूर्ण ब्रह्मांड पर प्रभाव-
सूर्य देव और 'पूरे ब्रह्मांड पर प्रभाव'-
(सूर्य देव का पूरे ब्रह्मांड पर प्रभाव)
(संपूर्ण ब्रह्मांड पर सूर्य देव का प्रभाव)
(Surya Dev's Influence on the Entire Universe)
Sun God and 'Entire Universal Effect'-

॥ भव्य सूर्य वंदना ॥

नभ में चमके तेज सुनहरा, महक रहा यह उपवन,
अंधियारे को दूर भगाकर, महका देता जीवन।
चराचर के तुम ही विधाता, तुम ही प्राण हमारे,
तुम्ही से मिटते देवा, दुःख के बंधन सारे।
🌅✨🙏🌞

सप्त अश्व के रथ पर होकर, तुम आते हो देवा,
नित नई उस भोर को, तुम ही जगाते देवा।
किरणें तेरी धरा पर जैसे, अमृत की ही धार,
तुम्ही से मिलता हमको, प्रकृति का उपहार।
🐎🌈⛲🌞

पशु-पक्षी और वृक्ष-लताएं, राह तुम्हारी तकते,
एक किरण के स्पर्श से ही, सोए भाग हैं जगते।
अन्न देकर तृप्त करते, तुम ही हो जगदाता,
ब्रह्मांड के नायक तुम, तुम ही भाग्य विधाता।
🐦🌳🍎🌏

आरोग्य का वरदान देते, उस कच्ची सी धूप में,
चैतन्य का संचार होता, तेरे पावन रूप में।
रोग व्याधि सब मिट जाते, देखकर तेरी कांति,
ज्ञान का दीप जलाते तुम, देते मन को शांति।
💪🧘�♂️☀️🧠

अनुशासन तेरा अनोखा, कभी न होता विलंब,
कर्तव्य पथ दिखाते तुम, बनकर मुख्य अवलंब।
चंद्र-तारे फीके लगते, तेरे एक तेज से,
नतमस्तक है सृष्टि सारी, तेरे ही नाम से।
⏰👣🌙🙌

मकर संक्रांति हो या हो, पावन रथसप्तमी,
तुम्हारी भक्ति रंगती है, हमारे अंतर्यामी।
गायत्री के मंत्रों से, गाते तुम्हारी गाथा,
शक्ति और धैर्य का, वर दो हमें विधाता।
🪁🪔🕉�🎼

अस्त तुम्हारा कहता है, कल फिर मैं आऊंगा,
नई आस और नई उमंग से, जग को चमकाऊंगा।
भास्कर तुमको नमन हमारा, साष्टांग ये प्रणाम,
तुम्ही से चलती जीवन की, ये सुबह और ये शाम।
🌇🌅🙇�♂️♾️

कविता हिंदी सारांश: 🌅🐎🌳💪⏰🕉�🌇✨

शब्द सारांश: तेज, स्वास्थ्य, अनुशासन, भक्ति, और शाश्वत प्रकाश।

--अतुल परब
--दिनांक-15.03.2026-रविवार.
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