बोर्डवे की कालिका: संकटनाशिनी माऊली-🚩 🙏 ✨ 🎭 ☀️ 🎊 🎉 🛶 🌸 🥥 ⚔️ 🛡️ 🌳 🌊 ⛰️

Started by Atul Kaviraje, March 21, 2026, 11:36:56 AM

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Atul Kaviraje

📜 कालिका उत्सव-बोर्डवे, तालुका-कणकवली-

शीर्षक: बोर्डवे की कालिका: संकटनाशिनी माऊली

पद १: कणकवली के बोर्डवे गाँव में, गूँजा माँ का जयजयकार, कालिका माता के दर्शन को, उमड़ा भक्तों का परिवार। तेजस्वी रूप सिंदूरी तेरा, आँखों में भरती है माया, भक्ति के इस उत्सव में, धन्य हुई है हमारी काया। 🚩🙏✨🎭

पद २: रविवार को आया मंगल दिन, उत्सव का है बड़ा ठाट, माँ की इस पालकी की, न्यारी है यह पावन वाट। गुलाल उड़ा है अंबर में, हर्ष का कोई पार नहीं, बोर्डवे की नगरी में आज, खुशियों की अब कमी नहीं। ☀️🎊🎉🛶

पद ३: हल्दी कुमकुम की सजावट, सुहागिनें भरती हैं झोली, अन्याय का नाश करने को, तूने ही तलवार खोली। संकट जब भी आए गाँव पे, तू ही दौड़कर आती है, तेरे ही आशीष से माँ, हर बाधा टल जाती है। 🌸🥥⚔️🛡�

पद ४: निसर्गमयी इस कोंकण में, मंदिर तेरा है सुंदर, तेरी एक ही पुकार से, चमक उठे हैं सब डोंगर। मानवता का धर्म निभाएं, यही हमारा निश्चय है, तेरे चरणों में अर्पित, हमारे जीवन का संचय है। 🌳🌊⛰️🙌

पद ५: आरती का मधुर स्वर गूँजे, घंटों की है गूंज महान, भक्तों की इस अर्जी पर, रखना माँ अपना ध्यान। दीपों की इन मालाओं से, मंदिर आज सजा है, अंधकार सब मिट गया, मन भक्ति में रमा है। 🔔🕯�🔥⛪

पद ६: आरोग्य और सुख मिले सबको, खुशहाल हो हमारा गाँव, तेरे नाम सुमिरन से, पार लगे जीवन की नाव। दुःख और सारी व्याधियों को, तू ही दूर भगाना माँ, प्रगति के इस मार्ग पर, सफलता हमें दिलाना माँ। 🏥🌾🕊�🍀

पद ७: वंदन करते बारंबार, हे बोर्डवे की कालिका माता, तेरे ही पावन चरणों से, जुड़ा हमारा जन्मों का नाता। उत्सव तेरा यह सदा, युगों-युगों तक चलता रहे, सत्य की इस पावन राह पर, भक्ति का दीप जलता रहे। 🚩🙇�♀️🤴🎊

📝 कविता भावार्थ (हिंदी):
यह कविता सिंधुदुर्ग के बोर्डवे स्थित कालिका देवी के वार्षिक उत्सव का वर्णन करती है। देवी को शक्ति और ममता का प्रतीक माना गया है। रविवार के दिन पालकी सोहळा और भक्तों की अपार श्रद्धा के साथ गाँव की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की गई है।

🎨 हिंदी ईमोजी सारांश (Emoji Summary):
🚩 🙏 ✨ 🎭 ☀️ 🎊 🎉 🛶 🌸 🥥 ⚔️ 🛡� 🌳 🌊 ⛰️ 🙌 🔔 🕯� 🔥 ⛪ 🏥 🌾 🕊� 🍀 🚩 🙇�♀️ 🤴 🎊

🔡 हिंदी शब्द सारांश (Word Summary):
कालिका देवी, बोर्डवे, कणकवली, उत्सव, पालकी, कोंकण, भक्ति, शक्ति, आरोग्य, वंदन, श्रद्धा, सिंधुदुर्ग।

--अतुल परब
--दिनांक-25.01.2026-रविवार.
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