पािरहर की सोमजाई: भक्तों की जननी-🚩 🙏 ✨ 🎭 ☀️ 🎊 🎉 🛶 🌸 🥥 📿 🛡️ 🌾 🌊 🌳 🏠

Started by Atul Kaviraje, March 21, 2026, 11:38:55 AM

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Atul Kaviraje

📜 सोमजाईदेवी यात्रा-पIरहर बुद्रुक-२, तालुका-फलटण-

शीर्षक: पािरहर की सोमजाई: भक्तों की जननी

पद १: फलटण की पावन भूमि पर, पािरहर की शान निराली, सोमजाईदेवी की यात्रा में, भक्ति की छाई है लाली। माँ तुम्हारी यह मूरत सुंदर, आँखों में बसी है माया, तुम्हारे एक दर्शन मात्र से, धन्य हुई यह काया। 🚩🙏✨🎭

पद २: रविवार को लगा है मेला, खुशियों का है आज दिन, भक्तों की इस भीड़ में, हर्षित है मन प्रतिछिन। पालकी सोहळा निकला तुम्हारा, गुलाल की है बौछार, सोमजाई के इस जयकारे से, गूँज रहा सारा संसार। ☀️🎊🎉🛶

पद ३: हल्दी कुमकुम की सजावट, सुहागिनों की है ये ओटी, तुम्हारे ही आशीष से माँ, कभी न खुशियाँ होंगी छोटी। संकट जब भी आए गाँव पे, तुम ही दौड़कर आती हो, जीवन हमारा चमक उठा, जब तुम नाम की ज्योति जलाती हो। 🌸🥥📿🛡�

पद ४: माणदेश की माटी तुम्हारी, प्रकृति का है सुंदर गहना, तुम्हारे ही पावन चरणों में, हमें है सदा ही रहना। गाँव की इस एकता का, तुम ही हो असली आधार, दुःख हमें कभी न छू सके, ऐसा है तुम्हारा प्यार। 🌾🌊🌳🏠

पद ५: नगाड़ों की गूँज उठी, ढोल-ताशों का कड़ाका है, अंबर में लहराता देखो, तुम्हारी भक्ति का पताका है। खिलौने और मिठाई की, दुकानें खूब सजी हैं, बच्चों की टोलियाँ देखो, मेले में खूब रमी हैं। 🥁🚩🍭🎡

पद ६: निरोगी काया मिले सबको, सुख का हो ये पावन काल, पािरहर के इन बच्चों का, तू ही रखना माँ ख्याल। खेती और फसलों पर माँ, तेरी कृपा सदा बनी रहे, तेरे नाम के सुमिरन से, विपदा की धारा भी ठहरे। 🏥🌾📈🍀

पद ७: वंदन करते बारंबार, माँ सोमजाई हम तुमको, तुम्हारी ममता की छाया, मिलती रहे सदा हमको। यात्रा का यह पर्व हमारा, मंगलमय अब होवे, सत्य की इस राह पर, भक्ति का ही दीप होवे। 🙌🚩👸🎊

📝 कविता भावार्थ (हिंदी):
यह कविता सातारा जिले के फलटण तहसील स्थित पािरहर बुद्रुक की सोमजाईदेवी यात्रा के धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह को समर्पित है। रविवार के दिन पालकी उत्सव और भक्तों की अगाध श्रद्धा के साथ गाँव की खुशहाली और फसलों की बरकत की प्रार्थना की गई है।

🎨 हिंदी ईमोजी सारांश (Emoji Summary):
🚩 🙏 ✨ 🎭 ☀️ 🎊 🎉 🛶 🌸 🥥 📿 🛡� 🌾 🌊 🌳 🏠 🥁 🚩 🍭 🎡 🏥 🌾 📈 🍀 🙌 🚩 👸 🎊

🔡 हिंदी शब्द सारांश (Word Summary):
सोमजाईदेवी, पािरहर बुद्रुक, फलटण, यात्रा, पालकी, गुलाल, माणदेश, भक्ति, आरोग्य, वंदन, श्रद्धा, मेला।

--अतुल परब
--दिनांक-25.01.2026-रविवार.
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