भीष्म अष्टमी पुण्यस्मरण 📿 शीर्षक: 'भीष्म प्रतिज्ञा के महामेरु'-📿 📜 🏔️ 🙏 ⚔️

Started by Atul Kaviraje, March 22, 2026, 12:19:47 PM

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Atul Kaviraje

भीष्माष्टमी-
भीष्म अष्टमी (भीष्म अष्टमी) 📿
भीष्म अष्टमी - महाभारत के भीष्म पितामह की स्मृति में व्रत/पूजा
भीष्म अष्टमी: यह दिन महाभारत के पितामह भीष्म द्वारा उत्तरायण में अपने शरीर का त्याग करने की याद में मनाया जाता है। यह दिन पितृ पापों के निवारण और पितरों के स्मरण के लिए शुभ माना जाता है।
भीष्म अष्टमी (भीष्म अष्टमी) - भीष्म पितामह की पुण्य तिथि तिथि 📿
भीष्म अष्टमी
अष्टमी तिथि को महाभारत में भीष्म पितामह की स्मृति में माना जाता है
भक्त इस दिन भीष्म पितामह को श्रद्धांजलि देते हैं और (स्थानीय मंदिरों में) धार्मिक पूजा, अभिषेक और पाठ करते हैं।
माघ शुक्ल अष्टमी (भीष्म अष्टमी): धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन को 'भीष्म अष्टमी' के नाम से जाना जाता है। इसी दिन महाभारत के पितामह भीष्म ने अपने प्राण त्यागे थे। इस दिन कई भक्त उनके नाम पर तर्पण करते हैं।

दीर्घ हिंदी कविता: भीष्म अष्टमी पुण्यस्मरण 📿

शीर्षक: 'भीष्म प्रतिज्ञा के महामेरु'

पद १: माघ मास की अष्टमी आई, याद उस महापुरुष की, भीष्म पितामह के त्याग और अटल उस निष्ठा की। उत्तरायण की बाट जोहकर देह त्यागा धैर्य से, नमन करें हम आज उन्हें सब सच्चे भक्ति भाव से।

📿📜🏔�🙏 (अर्थ: माघ अष्टमी को भीष्म पितामह के त्याग की याद आती है, जिन्होंने उत्तरायण की प्रतीक्षा कर प्राण त्यागे।)

पद २: भीष्म प्रतिज्ञा की थी अटल, सिंहासन की रक्षा की, कठोर ब्रह्मचर्य का पालन कर, स्वधर्म की रक्षा की। इच्छा मृत्यु का वरदान मिला था, शक्ति जिनकी बाहों में, ऐसा वीर न हुआ दूसरा, इस जग की राहों में।

⚔️🛡�💎🤴 (अर्थ: उनकी प्रतिज्ञा अडिग थी। इच्छा मृत्यु के वरदान से सुसज्जित वे विश्व के अद्वितीय योद्धा थे।)

पद ३: शरशैया पर लेटे थे वो, बाणों का था बिछौना, वेदना का स्पर्श न होता, ऐसा था उनका व्यक्तित्व सोना। पांडव-कौरव सबको ही, दिए ज्ञान के अनमोल पाठ, उनके चरणों में झुके थे, जग के सारे ठाठ-बाट।

🏹🩸📖💡 (अर्थ: बाणों की शय्या पर रहते हुए भी उन्होंने ज्ञान का दान दिया, जिससे सारा संसार प्रभावित था।)

पद ४: गंगापुत्र वो महान तपस्वी, पितृभक्ति के सागर, वचन के लिए प्राण न्यौछावर, ऐसे योद्धा जानकर। अखंड भारत की माटी को, अर्पित किया अपना जीवन, उनकी स्मृति से पावन हो, हमारा ये तन और मन।

🌊🔱🇮🇳🌟 (अर्थ: गंगापुत्र भीष्म पितृभक्ति के आदर्श थे, जिन्होंने देश और वचन के लिए सर्वस्व अर्पण कर दिया।)

पद ५: तर्पण करें आज हम उनका, पूर्वजों का करें स्मरण, पितृदोष को दूर भगाकर, करें ईश्वरीय चिंतन। शांतनु सुत की जय-जयकार हो, ऐसा गूंजे नाद, भीष्म अष्टमी के शुभ दिन, बढ़े भक्ति का संवाद।

💧🧘�♂️🕉�📢 (अर्थ: इस दिन तर्पण करने से पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है और पितृदोष से मुक्ति मिलती है।)

पद ६: मर्यादा और संयम के, भीष्म ही हैं आदर्श खरे, अनुभवों का झरना जिनके, जीवन में सदा बहे। सत्य के लिए लड़े सदा, कर्तव्य का था पूरा ज्ञान, इतिहास के पन्नों में आज भी, बढ़ता उनका मान।

🕯�📜🛡�✅ (अर्थ: संयम और मर्यादा के प्रतीक भीष्म का नाम इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।)

पद ७: आज के इस मंगल दिन, अभिषेक और पूजन करें, भीष्म पितामह के गुणों को, अपने मन में भरें। अखंड रहे धर्म हमारा, यही देव से आस है, भीष्म अष्टमी का ये उत्सव, बढ़ाता अटूट विश्वास है।

🌸🍯✨🚩 (अर्थ: उनके गुणों को अपनाकर हम धर्म के मार्ग पर चलें, यही आज के दिन का सच्चा संकल्प है।)

ईमोजी सारांश (Emoji Summary):
📿 📜 🏔� 🙏 ⚔️ 🛡� 💎 🤴 🏹 🩸 📖 💡 🌊 🔱 🇮🇳 🌟 💧 🧘�♂️ 🕉� 📢 🕯� ✅ 🌸 🚩

शब्द सारांश (Word Summary):
भीष्म, प्रतिज्ञा, उत्तरायण, शरशैया, गंगापुत्र, तर्पण, त्याग, निष्ठा, पुण्यस्मरण, महाभारत।

--अतुल परब
--दिनांक-26.01.2026-सोमवार.
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