श्री सिमरेश्वर देवस्थान जत्रा (हरमल) 🙏🌊शीर्षक: 'हरमल के रक्षक: श्री सिमरेश्वर'

Started by Atul Kaviraje, March 22, 2026, 12:24:02 PM

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Atul Kaviraje

श्री सिमरेश्वर देवस्थान जत्रा-हरमल, तालुका-पेडणे-गोवा-

हिंदी कविता: श्री सिमरेश्वर देवस्थान जत्रा (हरमल) 🙏🌊

शीर्षक: 'हरमल के रक्षक: श्री सिमरेश्वर'

पद १: गोवा की इस सुंदर भूमि में, हरमल गाँव ये पावन हुआ, सिमरेश्वर देव की जत्रा को, भक्तों का जनसैलाब जुड़ा। सागर के तट पर बसा है, प्रभु तुम्हारा ये दिव्य स्थान, तुम्हारे दर्शन से ही मिलता, मन को अनुपम समाधान।

🙏🌊✨🏢 (अर्थ: गोवा के हरमल में सिमरेश्वर देव की जत्रा पर भक्त उमड़े हैं; सागर किनारे इस मंदिर में बहुत शांति मिलती है।)

पद २: शिव शंकर का रूप तुम्हारा, शांत और गंभीर सदा, तुम्हारी कृपा से हरमल की, रक्षा होती है सर्वदा। जत्रा का ये दिवस आज, भाग्य और आनंद का है, भक्ति में डूबा ये उत्सव, सिमरेश्वर भगवान का है।

🔱🛡�🚩🌴 (अर्थ: सिमरेश्वर भगवान शिव का ही स्वरूप हैं जो गाँव की रक्षा करते हैं। आज का दिन खुशियों से भरा है।)

पद ३: ढोल-ताशों की गूँज में, सजी तुम्हारी ये पालकी, गुलाल-फूलों की वर्षा से, चमक उठी छवि झाँकी की। भक्तों के इस घेरे में, तुम ही दिखते हो राजा, सिमरेश्वर के नाम से, गूँजे भक्ति का बाजा।

🥁🌸🌈🙌 (अर्थ: वाद्ययंत्रों और फूलों के बीच देव की पालकी शोभायमान है और चारों ओर जयकारे गूँज रहे हैं।)

पद ४: पेडणे की इस पावन माटी को, मिला तुम्हारा ही आधार, संकट में तुम ही देते हो, मदद का हाथ अपार। चरणों में तुम्हारे आज, नतमस्तक हुए हैं हम, तुम्हारी ही आशीष से, मिट जाते हैं सारे गम।

🤲🛡�💡🚩 (अर्थ: पेडणे क्षेत्र के लोगों का प्रभु पर अटूट विश्वास है; उनके आशीर्वाद से जीवन के कष्ट दूर होते हैं।)

पद ५: पारंपरिक दीपों की ज्योति में, नहाया ये पावन मंदिर, पुरानी रीतियों को देख, भक्त हुए यहाँ स्थिर। अभिषेक और महानैवेद्य, अर्पित करें हम मन से, तुम्हारे पावन दर्शन पाकर, हम निखरते हैं तन-मन से।

🕯�🪔🥘🔔 (अर्थ: मंदिर की दीपमाला और पारंपरिक अनुष्ठान मन मोह लेते हैं। प्रभु को भोग लगाकर भक्त धन्य होते हैं।)

पद ६: जत्रा के इस बहाने से, मेला ये लगा है बड़ा, रिश्तों की ये डोर कभी, न टूटे भक्ति का घड़ा। मिलजुलकर रहें हम सब, तेरा ही नाम पुकारें, परंपरा की इस ज्योति को, हम कभी न हारें।

👨�👩�👧�👦🤝🚩✨ (अर्थ: जत्रा आपसी प्रेम और एकता बढ़ाती है। इस प्राचीन विरासत को हम सबको मिलकर सहेजना चाहिए।)

पद ७: सिमरेश्वर स्वामी मेरे, तुम्हारा आशीष बना रहे, भक्तों के इस जीवन में, सुख-शांति सदा रहे। हरमल की इस जत्रा की, आस रहे सदा मन में, तुम्हारी ही कृपा बरसे, हमारे इस जीवन में।

🙏🌹👑🚩 (अर्थ: प्रभु का आशीर्वाद सदा बना रहे और हरमल की जत्रा की याद हमारे हृदय में बनी रहे।)

ईमोजी सारांश (Emoji Summary):
🙏 🌊 ✨ 🏢 🔱 🛡� 🚩 🌴 🥁 🌸 🌈 🙌 🤲 💡 🕯� 🪔 🥘 🔔 👨�👩�👧�👦 🤝 🌹 👑

शब्द सारांश (Word Summary):
सिमरेश्वर, हरमल, पेडणे, गोवा, जत्रा, पालकी, सागरतट, भक्ति, परंपरा, आशीर्वाद।

--अतुल परब
--दिनांक-26.01.2026-सोमवार.
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