शाकंभरी नवरात्र समापन 🥬🙏 शीर्षक: 'शाकंभरी माता: प्रकृति की जननी'-🥬 🙏 ✨ 🌸

Started by Atul Kaviraje, March 22, 2026, 12:28:49 PM

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Atul Kaviraje

शाकंभरी नवरात्रि का अंत: कई स्थानों पर माघ शुद्ध अष्टमी को शाकंभरी देवी की नवरात्रि का अंत होता है।

हिंदी कविता: शाकंभरी नवरात्र समापन 🥬🙏

शीर्षक: 'शाकंभरी माता: प्रकृति की जननी'

पद १: माघ शुद्ध अष्टमी आई, नवरात्र का हुआ समापन, शाकंभरी देवी के चरणों में, झुका भक्तों का ये मन। अन्नपूर्णा रूप तुम्हारा, सृष्टि को दे नवजीवन, तृप्त हुए हैं आज हम सब, करके तुम्हारा ये पूजन।

🥬🙏✨🌸 (अर्थ: माघ अष्टमी को शाकंभरी नवरात्र की समाप्ति होती है। सृष्टि को पालने वाली माँ के पूजन से भक्त धन्य होते हैं।)

पद २: हरियाली की ओढ़ के चुनर, सजी है मेरी वनदेवी, फल-सब्जियों के रूप में माँ, तुम ही हमारी संजीवनी। अकाल का अंत किया तुमने, आँखों से जल बहाकर, सजीव सृष्टि की रक्षा की, ममता का हाथ बढ़ाकर।

🍏🥦🌿🌾 (अर्थ: माँ ने वनस्पतियों को उत्पन्न कर जगत की भूख मिटाई और करुणा से अकाल का अंत किया।)

पद ३: भाँति-भाँति की सब्जियों से, सजा तुम्हारा ये द्वार, महानैवेद्य के इस उत्सव से, मिलता सबको आधार। शाकंभरी के इस रूप से, हरी-भरी हुई ये धरा, तेरे दर्शन से ही मिटता, मन का सब अँधेरा सारा।

🌽🍅🥕🥗 (अर्थ: मंदिर का द्वार सब्जियों से सजाया जाता है। माँ के प्राकृतिक रूप के दर्शन से मन शांत होता है।)

पद ४: अष्ट दिशा में गूँज उठा, जय शाकंभरी माँ का नारा, उत्सव है ये आज का पावन, मानव कल्याण का प्यारा। कुलधर्म और कुलाचार से, पावन हुआ हमारा घर, तुम्हारी आशीष से रोशन, हुआ हमारा ये नगर।

🔔🔱🕯�🚩 (अर्थ: माँ के जयकारों से मंगल वातावरण बना है। उनकी कृपा से परिवार और समाज का कल्याण होता है।)

पद ५: नौ दिनों की इस भक्ति से, चैतन्य आया अंतर्मन में, समापन के इस समारोह से, कृपा बरसी हर आँगन में। वाद्यों की वो मधुर गूँज और, धूप-आरती की महक, माता के इस प्रेम से देखो, खिली भक्ति की चहक।

🥁🕯�🔥🙌 (अर्थ: नौ दिनों की साधना की आज पूर्णाहुति है। धूप और आरती के साथ माँ का आशीर्वाद मिलता है।)

पद ६: वनस्पतियों की तुम हो स्वामी, तुम ही विश्व का प्राण, तुम्हारी कृपा से मिलता है, सुखी जीवन का दान। पर्यावरण और प्रकृति का, तुम ही हो असली आधार, तेरे चरणों में अर्पित है, कृतज्ञता का ये हार।

🌳🌍💧💎 (अर्थ: माँ ही प्रकृति की शक्ति हैं। पर्यावरण की रक्षा करने वाली माँ के प्रति हम आभार प्रकट करते हैं।)

पद ७: शाकंभरी माता तेरी, सदा ही हो जय-जयकार, अगले वर्ष फिर आएंगे, लेकर भक्ति का उपहार। अखंड रहे ये अन्न-धान्य, यही तुझसे है विनती, तेरी कृपा से सुखी रहे, ये धरा और सबकी हस्ती।

🙏🌹👑✨ (अर्थ: माँ शाकंभरी सबको धन-धान्य से पूर्ण रखें और पूरी पृथ्वी पर सुख-शांति बनाए रखें।)

ईमोजी सारांश (Emoji Summary):
🥬 🙏 ✨ 🌸 🍏 🥦 🌿 🌾 🌽 🍅 🥕 🥗 🔔 🔱 🕯� 🚩 🥁 🔥 🙌 🌳 🌍 💧 💎 🌹 👑

शब्द सारांश (Word Summary):
शाकंभरी, नवरात्र समापन, प्रकृति, वनस्पति, अन्नपूर्णा, माघ अष्टमी, सांगता, भक्ति, नैवेद्य, आशीर्वाद।

--अतुल परब
--दिनांक-26.01.2026-सोमवार.
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