।। विरण की मैया: श्री शांतादुर्गा जत्रोत्सव ।।-🌸 🛕 🔱 🙏 ✨ 👁️ ✨ 👑 💎 🧡 👗

Started by Atul Kaviraje, March 24, 2026, 12:19:35 PM

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Atul Kaviraje

श्री शांतादुर्गा जत्रा-विरण-

।। विरण की मैया: श्री शांतादुर्गा जत्रोत्सव ।।

१. विरण की इस नगरी में, माँ तेरा यह दरबार, शांतादुर्गा मैया का, जत्रोत्सव यह महान। भक्तों की पुकार पर, दौड़ी आती तू माँ, तेरे चरणों में शीश झुकाए, सारा विरण यहाँ।। (अर्थ: विरण नगरी में माँ शांतादुर्गा का दरबार सजा है। भक्तों की पुकार सुनने वाली माँ के चरणों में पूरा गाँव श्रद्धा से झुकता है।) 🌸🛕🔱🙏✨

२. शांत और सुंदर रूप तेरा, नैनों में हम बसा लें, तेरे एक दर्शन से माँ, सारे दुःख भुला दें। माथे पर स्वर्ण आभूषण, शोभा देते हैं भारी, भक्तों के जीवन की तू ही, रक्षक है सबसे प्यारी।। (अर्थ: देवी का रूप बहुत ही शांत है, जो मन को सुकून देता है। उनके स्वर्ण अलंकार उनकी शोभा बढ़ा रहे हैं और वे ही जीवन का आधार हैं।) 👁�✨👑💎🧡

३. जरी का शालू पहन कर, पालकी में माँ बैठी, भक्तों के इस प्रेम को देख, मंद-मंद माँ हंसी। अबीर और गुलाल उड़ा, रंग गई यह जत्रा, जयकारों से गूँज उठा, विरण का हर कोना।। (अर्थ: रेशमी शालू पहनकर माँ पालकी में विराजमान हैं। जत्रे में गुलाल उड़ रहा है और चारों तरफ माँ के नाम की गूँज है।) 👗🎊🔴🛶🙌

४. गोंधळ और जागरण ये, तेरे ही हैं सोहले, भक्ति के इस अमृत में, हम सब तो हैं भीगे। दीपों की इस रोशनी से, चमका है यह मंदिर, तेरी शीतल छाया में, मिलता मन को धीर।। (अर्थ: जत्रे में भक्ति गीतों और दीपों की जगमगाहट है। मंदिर की इस शांति में भक्तों को नया हौसला और धैर्य मिलता है।) 🕯�🪔🥁🔥😇

५. मन्नत पूरी करने वाली, विरण की यह शक्ति, संकट सारे दूर करेगी, माँ की अटूट भक्ति। ओटी भरने को महिलाएँ, खड़ी कतार में यहाँ, रूप तुम्हारा सात्विक माँ, सबसे प्यारा जहाँ।। (अर्थ: माँ सबकी मुरादें पूरी करती है। महिलाएँ पारंपरिक विधि से पूजा कर रही हैं और माँ का आशीर्वाद प्राप्त कर रही हैं।) 🥥🌾👐🛡�💖

६. मिठाई और खिलौनों से, सजी है सारी जत्रा, खुशियों की है बारिश देखो, महक रहा है अंगना। रिश्तेदार सब साथ मिले, घर-घर में है हर्ष, शांतादुर्गा के दर्शन से, सफल हुआ यह वर्ष।। (अर्थ: मेले की रौनक निराली है जहाँ खिलौने और मिठाइयाँ हैं। सभी सगे-संबंधी साथ मिलकर इस उत्सव का आनंद ले रहे हैं।) 🎡🍭🎁🤝😊

७. आशीष दे दो माँ हमें, सुखी रहे संसार, अगले बरस फिर आएँगे, लेकर प्रेम अपार। विरण की इस मिट्टी का, तू ही है सम्मान, तेरे नाम में माँ छिपा, हमारा सारा गौरव गान।। (अर्थ: माँ से प्रार्थना है कि सबको सुखी रखे। विरण का गौरव बढ़ाने वाली माँ के चरणों में हम अगले वर्ष फिर लौटेंगे।) 🌍🙌🚩🔔🌺

EMOJI SUMMARY (HINDI)
🌸 🛕 🔱 🙏 ✨ 👁� ✨ 👑 💎 🧡 👗 🎊 🔴 🛶 🙌 🕯� 🪔 🥁 🔥 😇 🥥 🌾 👐 🛡� 💖 🎡 🍭 🎁 🤝 😊 🌍 🙌 🚩 🔔 🌺

WORD SUMMARY (HINDI)
शांतादुर्गा, विरण, मेला, मैया, दर्शन, पालकी, गुलाल, ओटी, जागरण, रोशनी, आशीर्वाद, भक्ति, आनंद, गौरव।

--अतुल परब
--दिनांक-28.01.2026-बुधवार.
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