।। महाप्रतापी भीष्म: धर्मवीर भीष्म अष्टमी ।।-🏹 🌊 📜 🙏 ✨ 🏰 📿 🛡️ 💎 🏛️ 🏹

Started by Atul Kaviraje, March 24, 2026, 12:22:05 PM

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Atul Kaviraje

📌 भीष्म अष्टमी - 28/29 जनवरी
– धर्मवीर भीष्म की स्मृति में पूजा 🛕
📿 भीष्म अष्टमी - भगवान भीष्म की पवित्रता और अष्टमी तिथि पर उपवास के महत्व को दर्शाती है

।। महाप्रतापी भीष्म: धर्मवीर भीष्म अष्टमी ।।

१. अष्टमी की पावन तिथि, भीष्म अष्टमी का त्यौहार, गंगापुत्र के त्याग से, महका है यह संसार। धर्म का रक्षक वीर बड़ा, प्रतिज्ञा का जो धनी, याद करें उस महापुरुष को, आज अपने मन ही मनी।। (अर्थ: आज भीष्म अष्टमी है। प्रतिज्ञा के पक्के और धर्म के रक्षक गंगापुत्र भीष्म का आज हम अपने हृदय से स्मरण करते हैं।) 🏹 🌊 📜 🙏 ✨

२. अखंड ब्रह्मचर्य का व्रत, भीष्म पिता ने पाला, हस्तिनापुर की सेवा में, खुद को झोंक डाला। अटल निष्ठा और अटूट भक्ति, यही उनकी पहचान, इतिहास के पन्नों पर अंकित, उनका ऊँचा नाम।। (अर्थ: हस्तिनापुर के सिंहासन की रक्षा के लिए उन्होंने विवाह न करने की कठिन प्रतिज्ञा की। उनकी निष्ठा आज भी सबके लिए उदाहरण है।) 🏰 📿 🛡� 💎 🏛�

३. बाणों की शय्या पर लेटे, धर्म का साथ निभाया, सूर्य के उत्तरायण तक, प्राणों को रोक दिखाया। इच्छा मृत्यु का वर मिला, शक्ति की थी वो खान, कर्तव्य पथ पर अड़े रहे, तज कर अपना मान।। (अर्थ: तीरों की शय्या पर लेटे होने के बावजूद उन्होंने उत्तरायण की प्रतीक्षा की। उन्हें इच्छा मृत्यु का वरदान प्राप्त था, जो उनकी आंतरिक शक्ति को दर्शाता है।) 🏹 🛌 ☀️ 🧘�♂️ 🚩

४. गंगा तट पर तर्पण करके, मिलती मन को शांति, भीष्म अष्टमी के व्रत से, जीवन में आती क्रांति। पितृभक्ति का शिखर है, भीष्म पितामह का नाम, हृदय में बसता है उनके, सत्य का पावन धाम।। (अर्थ: इस दिन गंगा किनारे तर्पण करने से पितरों को मुक्ति मिलती है। पितामह भीष्म पितृभक्ति के सर्वश्रेष्ठ प्रतीक माने जाते हैं।) 🌊 💧 🕯� 🙌 🛐

५. कुरुक्षेत्र के युद्ध क्षेत्र में, दिखाया अतुलित शौर्य, शस्त्रों के संग खेल रचा, रखा गजब का धैर्य। विपक्ष में रहकर भी सदा, पांडव हित को चाहा, अंतिम क्षण में माधव की, सुंदर छवि को सराहा।। (अर्थ: कुरुक्षेत्र में महान पराक्रम दिखाने वाले भीष्म ने अंत में भगवान कृष्ण के दर्शन किए और अपने जीवन को धन्य बनाया।) ⚔️ 🥁 👁� 🔱 🕉�

६. धर्म और नीति की राह, भीष्म ने जग को सिखाई, शांतनु के इस सुपुत्र ने, अमर कीर्ति है पाई। अष्टमी का यह व्रत करें, शुद्ध भाव के साथ, आशीष सदा उनका रहे, हमारे सिर पर हाथ।। (अर्थ: राजा शांतनु के पुत्र भीष्म ने अमर कीर्ति प्राप्त की। शुद्ध भाव से उनकी पूजा करने से जीवन में मार्गदर्शन मिलता है।) 👑 📜 🚶�♂️ 🌈 💫

७. अगले बरस फिर आएगा, यह पुण्य स्मरण का दिन, भीष्म पितामह के चरणों में, शीश झुकाएँ हम सब जन। तर्पण से पावन हो जाए, यह हमारी पावन धरती, भक्ति भाव की ज्योत जले, मिट जाए सब दुर्गति।। (अर्थ: यह पावन दिन हर साल हमें त्याग की याद दिलाता है। हम सब उस महान आत्मा को नमन करें और उनके आदर्शों को अपनाएँ।) 📅 🌸 🙇�♂️ 🌍 🏵�

EMOJI SUMMARY (HINDI)
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WORD SUMMARY (HINDI)
भीष्म, अष्टमी, गंगापुत्र, प्रतिज्ञा, धर्मवीर, शरशय्या, तर्पण, ब्रह्मचर्य, शौर्य, कुरुक्षेत्र, पितृभक्ति, आशीर्वाद, स्मृति, निष्ठा।

--अतुल परब
--दिनांक-28.01.2026-बुधवार.
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