॥ गंगापुत्र भीष्म: त्याग की गाथा ॥ -🏹 ✨ 🌊 🙏 🧘‍♂️ 🛡️ ☀️ 🕉️ 🕯️ 🔥 🚶‍♂️ 🚩

Started by Atul Kaviraje, March 27, 2026, 02:06:54 PM

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Atul Kaviraje

माघ शुक्ल द्वादशी (भीष्म द्वादशी): इस दिन कुछ जगहों पर भीष्म पितामह के निधन की याद में खास पूजा की जाती है। इसे 'भीष्म द्वादशी' के नाम से भी जाना जाता है।

भीष्म द्वादशी: आज माघ की शुद्ध द्वादशी है, यानी 'भीष्म द्वादशी'। माना जाता है कि इसी दिन पांडवों ने अपने पितामह भीष्म का यज्ञ किया था। इस दिन पूर्वजों के पापों को दूर करने और बच्चों की सेहत के लिए भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।

॥ गंगापुत्र भीष्म: त्याग की गाथा ॥

माघ शुक्ल की द्वादशी आई, मंगल पर्व है महान, भीष्म पितामह की स्मृति में, भक्ति का गान। इच्छा मृत्यु से देह त्यागा, गंगापुत्र ने आज, धर्म के लिए जीवन अर्पण, रखा कुल का मान। 🏹 ✨ 🌊 🙏

सत्य और त्याग की मूरत, भीष्म नाम है गूंजा, अखंड ब्रह्मचर्य के व्रत से, सूर्य मंडल भी सजा। बाणों की शय्या पर रहकर, किया श्रीहरि का ध्यान, ऐसे महान महात्मा को, कोटि-कोटि प्रणाम। 🧘�♂️ 🛡� ☀️ 🕉�

भीष्म द्वादशी पुण्य पर्व है, स्मरण करें उनका त्याग, मन से अब जल जाने दो, क्रोध की काली आग। संयम का हम पाठ पढ़कर, चलें सत्य की राह, कृपा रहे पितामह की, यही हृदय की चाह। 🕯� 🔥 🚶�♂️ 🚩

गंगाजल से तर्पण देकर, शांत करें उस आत्मा को, पितृऋण से मुक्त होकर, पूजें इस परमात्मा को। मुक्ति और मोक्ष प्राप्ति का, यही श्रेष्ठ है द्वार, सदाचार से जीना ही, स्वर्ग है धरती पर यार। 💧 🐚 🕊� ✨

कौरव-पांडव युद्ध भूमि पर, जो रहा अटल, शस्त्रों से भी श्रेष्ठ जिसका, शब्दों का था बल। अपनी प्रतिज्ञा पर रहा, हिमालय सा स्थिर, काल को भी जीतने वाला, वह था एक महावीर। ⚔️ 🏔� 🗣� 💪

आज के दिन विशेष पूजा, विष्णु स्मरण में होती, भीष्म देव के आशीष से, चमकती जीवन की मोती। शांति और समृद्धि मिले, यही मन की आस, शुक्रवार की इस घड़ी में, भक्ति का है वास। 🌸 🪔 💰 🙌

भीष्म द्वादशी पर्व न भूलें, मन में रखें यह भाव, सत्य के इस पथ पर सदा, चलाएं अपनी नाव। भक्ति और शक्ति का यह, संगम है अति सुंदर, पितामह के स्मरण से, पावन होगा अंतर। 🌊 🛶 ☸️ ✨

Emoji Summary (चिन्ह सारांश)
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Word Summary (शब्द सारांश)
भीष्म-द्वादशी, गंगापुत्र, त्याग, प्रतिज्ञा, इच्छा-मृत्यु, तर्पण, मुक्ति, मोक्ष, ब्रह्मचर्य, धर्म।

--अतुल परब
--दिनांक-30.01.2026-शुक्रवार.
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