॥ कोंकण के रक्षक: देव तांबळेश्वर मेला ॥ -🌴 🥥 ⛩️ 🙏 🌊 🚩 ✨ 🔱 🥁 🎺 🎊 👣 🎡

Started by Atul Kaviraje, March 27, 2026, 02:08:14 PM

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Atul Kaviraje

देव तांबळेश्वर जत्रा-वेंगुर्ला-

॥ कोंकण के रक्षक: देव तांबळेश्वर मेला ॥

वेंगुर्ला की इस धरती पर, मेला लगा है भारी, देव तांबळेश्वर प्रसन्न हुए, भक्तों की आई बारी। नारियल-सुपारी लेकर हाथ, अर्जी हम लगाएंगे, कोंकण के इस देवराज को, श्रद्धा से पूजेंगे। 🌴 🥥 ⛩️ 🙏

हरी चुनर ओढ़ी है वन ने, सागर तट है पास, भक्तों की इस भीड़ में देखो, भक्ति का विश्वास। तांबळेश्वर के चरणों में, मिटती सबकी चिंता, अगाध तेरी महिमा देवा, अगाध तेरी गाथा। 🌊 🚩 ✨ 🔱

ढोल-नगाड़े और शहनाई, गूंज रही है आज, भक्ति के इस रंग में डूबा, सारा जग महाराज। पालकी सोहळा निकला देव का, शोभा बड़ी है प्यारी, तांबळेश्वर के जयकारों से, झूम उठी दुनिया सारी। 🥁 🎺 🎊 👣

मन्नत पूरी करने वाला, देवों का यह ठाठ, श्रद्धा की हम पकड़ के डोरी, चलें सत्य की बाट। मेले में खेल और खिलौने, खुशियों की बौछार, भक्तों की एक पुकार पे, दौड़े आएं करतार। 🎡 🍭 🤝 😊

कोंकण की यह परंपरा, नाता यह अनमोल, देव और भक्तों के रिश्ते का, नहीं कोई मोल। तांबळेश्वर के मेले में, उमड़ा सारा गाँव, शिवशंभू के चरणों में, मिली शीतल छाँव। 🏡 👨�👩�👧�👦 🕉� 💖

शुक्रवार का सुयोग है, मेले की है धूम, तांबळेश्वर की कृपा से, शांति रही है झूम। अँधेरा दूर भगाकर देते, ज्योति का प्रकाश, तेरे बिन ओ देव हमारे, कौन बुझाए प्यास। 🪔 🕯� ☀️ 🚩

अगले बरस फिर आएँगे, लेकर यही आस, तांबळेश्वर के चरणों में, सदा हमारा वास। वीणा-मंजीरा और भजन, गाएँ तेरी तान, सफल हुआ यह जीवन अपना, पाकर तेरा ध्यान। 🪕 🎤 🙌 ✨

Emoji Summary (चिन्ह सारांश)
🌴 🥥 ⛩️ 🙏 🌊 🚩 ✨ 🔱 🥁 🎺 🎊 👣 🎡 🍭 🤝 😊 🏡 👨�👩�👧�👦 🕉� 💖 🪔 🕯� ☀️ 🪕 🎤 🙌

Word Summary (शब्द सारांश)
तांबळेश्वर-मेला, वेंगुर्ला, कोंकण, पालकी, भक्ति, मन्नत, उत्सव, श्रद्धा, शिवशंभू, परंपरा।

--अतुल परब
--दिनांक-30.01.2026-शुक्रवार.
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