॥ पितृस्मरण: द्वादशी श्राद्ध महिमा ॥-🙏 ✨ 🌳 📜 🕯️ 🌊 📿 🐚 💧 🍚 🍲 🤝 🕉️ 👣

Started by Atul Kaviraje, March 27, 2026, 02:12:06 PM

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Atul Kaviraje

श्राद्ध तिथि: आज द्वादशी का श्राद्ध है।

॥ पितृस्मरण: द्वादशी श्राद्ध महिमा ॥

माघ शुक्ल की द्वादशी आई, पितृ स्मरण का दिन, पूर्वजों के चरणों में झुककर, हो जाएँ आज लीन। जिनके कारण मिला जन्म यह, मिली हमें यह काया, उनके ऋण को याद करें हम, याद करें वह माया। 🙏 ✨ 🌳 📜

शुक्रवार का शुभ सुयोग है, तिथि बड़ी महान, श्रद्धा के इस धागे से, जुड़ा है रिश्ता महान। द्वादशी का श्राद्ध कर हम, शांत करें उस आत्मा को, शुद्ध भाव और भक्ति से, पूजें पितृ परमात्मा को। 🕯� 🌊 📿 🐚

काले तिल और दर्भ हाथ ले, दें हम जलांजलि, तृप्त हों पितर देव हमारे, यही प्रार्थना अंजलि। अन्नदान की महिमा भारी, भूखों को दें घास, उनकी तृप्त मुस्कान में, प्रभु का होता वास। 💧 🍚 🍲 🤝

कुलधर्म और कुलाचार यह, सदियों से है चलता, पूर्वजों के आशीष से ही, परिवार है फलता। विष्णु चरणों में शीश झुकाकर, मांगें यह वरदान, पितृलोक में सुख मिले, बढ़े उनका सम्मान। 🕉� 👣 🌸 🚩

अहंकार को दूर भगाकर, नम्र बनें हम आज, पितृऋण को उतारना ही, है असली साज़। शुक्रवार की इस घड़ी में, मन में जागी भक्ति, पूर्वजों के सुमिरन से ही, मिले जीने की शक्ति। 🧠 🙌 🔋 ✨

जिन्होंने दिए संस्कार हमें, दिखाई नेक राह, उनके बिना अपूर्ण लगे, जीवन की यह चाह। दीप जलाएँ स्मृतियों का, हृदय के मंदिर में, शांति मिले पितृदेवों को, इस चराचर में। 🪔 🛤� 💖 🕊�

३० जनवरी का यह दिन, श्राद्ध विधि का काल, पावन होकर करें आज हम, पितृदेव प्रतिपाल। भक्तिभाव हो मन में बसता, पूर्वज हों प्रसन्न, उनकी कृपा से होगा फिर, सफल यह जीवन। 🌈 🎶 🛐 🌟

Emoji Summary (चिन्ह सारांश)
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Word Summary (शब्द सारांश)
द्वादशी-श्राद्ध, पितृ-स्मरण, जलांजलि, अन्नदान, आशीर्वाद, पूर्वज, श्रद्धा, शांति, ऋणमुक्ति, शुक्रवार।

--अतुल परब
--दिनांक-30.01.2026-शुक्रवार.
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