।। रसाती की रक्षक: माँ नवलाईदेवी ।।⛰️ 🌳 🕍 🙏 🚩 🎊 🟠 🥥 🙌 💖 👣 🔔 💡 🔱 ✨

Started by Atul Kaviraje, March 28, 2026, 11:19:16 AM

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Atul Kaviraje

नवलाईदेवी यात्रा-रसाती, तालुका-पाटण-

।। रसाती की रक्षक: माँ नवलाईदेवी ।।

१. पाटण की उन सह्य वादियों में, रसाती गाँव है बसा, नवलाईदेवी की जत्रा में, भक्ति का रंग है कसा। प्रकृति की हरी चादर में, मंदिर तेरा ये सजा है, तेरे दर्शन को मैया, भक्त द्वारे पे खड़ा है। ⛰️ 🌳 🕍 🙏 🚩

२. हाथ में लेकर पालकी तेरी, भक्त नाचते हैं आनंद में, गुलाल और नारियल बरसे, महक उठी तू सुगंध में। माँ तू ही नवलाई हमारी, रसाती की तू माऊली, संकट की कड़ी धूप में, तेरी ममता की सावली। 🎊 🟠 🥥 🙌 💖

३. पाँवों में तेरे घुँघरू बाजे, छम-छम नाद ये आता है, भक्तों की पुकार पर मैया, तू ही हाथ बढ़ाता है। माँ तेरे उस तेज से देखो, पर्वत सारे ये चमक उठे, दुष्ट शक्तियों के जाले भी, तेरी कृपा से हैं छटे। 👣 🔔 💡 🔱 ✨

४. गोद भरें हम श्रद्धा से माँ, आँचल तेरा हम थामते, संसार के सुखों के लिए, मन्नत तुझसे हम माँगते। परंपरा का ये वसा हमारा, युगों-युगों का गहना है, रसाती गाँव की मिट्टी में, सेवा तेरी ही करना है। 💐 🥣 🏠 📜 🧿

५. इस साल की इस जत्रा में, लगा भक्तों का ये मेला, तेरे रूप का ओ माँ, हमने प्रेम है झेला। नारंगी उस साड़ी में, रूप तेरा ये मनभावन, भक्तों के इस जीवन का, तू ही आधार है पावन। 🧡 👗 😍 🏮 🛐

६. डफ और तुतारी की ताल पर, जयजयकार तुम्हारा होता, उदो-उदो के नारों से, सारा अंबर है सोता। पलकों के पीछे सुख के, सपने तुम ही बोती हो, रसाती गाँव के बच्चों की, माँ तुम रक्षक होती हो। 🎺 🗣� 🌾 🤱 📈

७. अगले बरस फिर इसी आस में, दर्शन को हम आएँगे, नवलाईदेवी तेरे चरणों में, भक्ति गीत हम गाएँगे। जत्रा का ये उत्सव हमारा, यादों में सदा रहेगा, तेरी कृपा से हर भक्त, सुख के दिन ही देखेगा। 🎊 🌸 🍯 🚩 ♾️

EMOJI SUMMARY (HINDI):
⛰️ 🌳 🕍 🙏 🚩 🎊 🟠 🥥 🙌 💖 👣 🔔 💡 🔱 ✨ 💐 🥣 🏠 📜 🧿 🧡 👗 😍 🏮 🛐 🎺 🗣� 🌾 🤱 📈 🌸 🍯 ♾️

WORD SUMMARY (HINDI):
नवलाईदेवी, रसाती, पाटण, यात्रा, पालकी, भक्ति, माऊली, परंपरा, आशीर्वाद, उदो-उदो, उत्सव, रक्षक।

आई नवलाईदेवीची कृपा आपल्यावर सदैव राहो!

--अतुल परब
--दिनांक-31.01.2026-शनिवार.
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