।। मालोंड की ग्रामदेवी: माँ सतीमाता जत्रोत्सव ।। 🌴 🌊 🕍 🙏 🚩 🌸 🥣 🏠 🙌 💖

Started by Atul Kaviraje, March 28, 2026, 11:19:54 AM

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Atul Kaviraje

सतीमाता यात्रा-मालोंड, तालुका-मालवण-

।। मालोंड की ग्रामदेवी: माँ सतीमाता जत्रोत्सव ।।

१. कोंकण के इन हरे वनों में, मालोंड गाँव है बसा, सतीमाता की जत्रा में, भक्ति का रंग है कसा। सागर की उन लहरों जैसी, भीड़ भक्तों की उमड़े, माँ तेरे दर्शन पाकर ही, मन के सब बादल छँटे। 🌴 🌊 🕍 🙏 🚩

२. सतीमाता का रूप निराला, साड़ी-खण में वो सजी, तेरे चरणों में झुकते ही, दुख की हर घड़ी थमी। मायके आती बेटियाँ सब, गोद भरने को हर्ष से, सारा गाँव निहाल हुआ है, तेरे नाम के स्पर्श से। 🌸 🥣 🏠 🙌 💖

३. ढोल-ताशों की गूँज में, पालकी तेरी है निकलती, भक्तों की इस भीड़ में, भक्ति की गंगा बहती। नारियल-पान अर्पण कर, फरियाद हम सुनाते हैं, तेरी ही बस कृपा से माँ, जीवन नाव चलाते हैं। 🥁 🥥 🍃 🔱 ✨

४. इतिहास की विरासत बड़ी, परंपरा का ये गहना, मालोंड की इस माटी में, तेरा ही बस रहना। सतीत्व का वो तेज तेरा, दसों दिशा में फैला है, तेरी कृपा से ही बच्चा, प्रगति पथ पर चला है। 🏗� 📜 💎 🏮 🧿

५. जत्रा का ये ठाट निराला, खिलौनों की ये दुकानें, बाल-गोपाल सब मगन हुए, खुशियों के तराने। रात के उस उजाले में, मंदिर तेरा ये चमकता, भक्तों के इस दिल में माँ, रूप तेरा ही धड़कता। 🎡 🍭 😍 🌙 🕯�

६. पलकों के पीछे सुख के, सपने तुम ही बोती हो, मालोंड के इन बच्चों की, तुम ही मैया होती हो। अखंड रहे आशीर्वाद, यही चरणों में विनती है, तेरे बिना ओ माँ हमारी, फीकी हर कहानी है। 🤱 🌾 🤝 ❤️ 📈

७. अगले बरस फिर आएँगे, इसी आस में झुकते हैं, सतीमाता तेरे चरणों में, भक्ति पुष्प हम रखते हैं। जत्रा का ये उत्सव प्यारा, यादों में सदा रहेगा, तेरी कृपा से मालोंड का, हर भक्त सुख में जिएगा। 🎊 🌸 🚩 ♾️ 🛐

EMOJI SUMMARY (HINDI):
🌴 🌊 🕍 🙏 🚩 🌸 🥣 🏠 🙌 💖 🥁 🥥 🍃 🔱 ✨ 🏗� 📜 💎 🏮 🧿 🎡 🍭 😍 🌙 🕯� 🤱 🌾 🤝 ❤️ 📈 🎊 🚩 ♾️ 🛐

WORD SUMMARY (HINDI):
सतीमाता, मालोंड, मालवण, जत्रा, पालकी, भक्ति, कोंकण, परंपरा, आशीर्वाद, श्रद्धा, उत्सव, रक्षक।

सतीमातेचा आशीर्वाद आपल्यावर आणि आपल्या कुटुंबावर सदैव राहो!

--अतुल परब
--दिनांक-31.01.2026-शनिवार.
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