।। दुर्लभ योग: मंगलकारी शनि प्रदोष ।।🕉️ ✨ 🗓️ 🛐 🔱 👣 💧 🍃 🕋 🕯️ 🛢️ 🌑 🤲 ⚖

Started by Atul Kaviraje, March 28, 2026, 11:20:37 AM

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Atul Kaviraje

प्रदोष व्रत (शनि प्रदोष): आज शनिवार है, इसलिए 'शनि प्रदोष' है। हिंदू धर्म में, इस योग को बेटे की प्राप्ति और शनि दोष दूर करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है।
शनि प्रदोष पूजा: आज शाम (प्रदोष के समय) महाराष्ट्र के शिव मंदिरों में खास भीड़ रहेगी। खासकर, "शनि शिंगणापुर" में दर्शन के लिए एक बड़ी लाइन देखी जाएगी। भक्तों का मानना ��है कि भगवान शिव की पूजा करने से साढ़े साती का कष्ट कम होता है।
आज शनिवार है, इसलिए शाम 6 से 8 बजे के बीच शिव मंदिर जाकर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करना या महादेव की पिंडी पर घंटी चढ़ाना बहुत फलदायी होगा।
शनि प्रदोष व्रत: आज शनिवार और त्रयोदशी तिथि एक साथ होने से, एक बहुत ही दुर्लभ और शुभ योग 'शनि प्रदोष' एक साथ आया है। आज का दिन उन लोगों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है जो शनि की साढ़े साती या ढैय्या से गुज़र रहे हैं। प्रदोष पूजा (शिव पूजा): महाराष्ट्र भर के शिव मंदिरों में प्रदोष (शाम को सूरज डूबने के लगभग 1.5 घंटे बाद) के समय भगवान शिव की खास पूजा और अभिषेक किया जाएगा।
शनि मंदिर दर्शन: शनिवार को प्रदोष आने पर भक्त शनि मंदिर जाकर तिल का तेल चढ़ाएंगे। शनि शिंगणापुर (अहमदनगर) में आज खास भीड़ और धार्मिक अनुष्ठान होंगे।
कालनिर्णय कैलेंडर के अनुसार, आज 'प्रदोष' है। इस दिन शाम को शिव मंदिर में दीपक जलाना और 'शिवकवच' पढ़ना शुभ माना जाता है।

।। दुर्लभ योग: मंगलकारी शनि प्रदोष ।।

१. त्रयोदशी तिथि और वार शनिवार, आया ये दुर्लभ शुभ योग, शनि प्रदोष के पावन दिन पर, मिट जाएँगे सारे रोग। शंकर की भक्ति में डूब जाएँ, प्रदोष के उस मंगल क्षण, पुत्रप्राप्ति और सुख-समृद्धि से, महक उठेगा सबका मन। 🕉� ✨ 🗓� 🛐 🔱

२. साडेसाती का कष्ट मिटे अब, शनि देव के इस वार पर, महादेव की पावन पिंडी, बेल चढ़ाएँगे हम द्वार पर। शनि शिंगणापुर के पावन स्थल, भक्तों का है ताँता लगा, 'ॐ नमः शिवाय' के जाप से, सोया हुआ है भाग्य जगा। 🔱 👣 💧 🍃 🕋

३. सायंकाल का प्रदोष काल ये, शिव पूजा का है आधार, दीप जलाकर शिवालयों में, करें शिव का हम जयकार। तिल का तेल और काले उड़द, शनि चरणों में अर्पण हों, कर्मफल के दाता के सम्मुख, श्रद्धा भरे ये दर्पण हों। 🕯� 🛢� 🌑 🤲 ⚖️

४. शिवकवच का पाठ करें हम, मन अब होगा परम शांत, संकट में जो साथ निभाए, वही भोलानाथ अनंत। त्रिशूलधारी डमरूवाला, संहार का वो अधिपती, शनि प्रदोष के इस प्रकाश में, चमक उठी जीवन ज्योति। 📜 🔱 🥁 🔥 🛡�

५. ढय्या हो या साडेसाती, डर न रहेगा अब मन में, महाकाल की छाया के नीचे, खुशियाँ होंगी इस जन में। बेल की ये तीन पत्तियाँ, त्रिगुणों का प्रतीक बनीं, शिव शंभू के आशीर्वाद से, किस्मत भक्तों की तनी। 🍃 🕉� 😊 🌍 💎

६. शनि देव की न्यायप्रियता, शिव का वो अगाध प्रेम, दो शक्तियों के मिलन से अब, जग में होगा कुशल-क्षेम। पापों के वो पर्वत ढहेंगे, पुण्यों से ये हृदय भरे, शनि प्रदोष के इस व्रत से, भवसागर को भक्त तरे। ⚖️ ❤️ 🏔� 🌟 📈

७. भक्ति भाव से जागर करें हम, प्रदोष समय में मन लगाकर, सद्बुद्धि और कर्म की शुद्धि, दे दो वरदान प्रभु आकर। शनि प्रदोष ये पर्व मंगल, भक्तों के लिए एक धन है, शिव और शनि के चरणों में, अर्पित अपना ये तन-मन है। 🎊 🙌 🧡 🚩 ♾️

EMOJI SUMMARY (HINDI):
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WORD SUMMARY (HINDI):
शनि प्रदोष, शिवपूजा, त्रयोदशी, साडेसाती, शनि शिंगणापुर, बेलपत्र, मंत्रजाप, साथी, पुण्य, शांति, न्याय, वरदान।

शनि प्रदोषाच्या या पावन मुहूर्तावर भगवान शंकर आणि शनिदेव आपल्या सर्व बाधा दूर करोत!

--अतुल परब
--दिनांक-31.01.2026-शनिवार.
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