।। यावत के राजा: श्री लक्ष्मी भैरवनाथ ।।-🚩 🥁 🟠 🤼‍♂️ 🌸 👑 🍽️ 🙏 👋 ✨

Started by Atul Kaviraje, March 29, 2026, 11:16:58 AM

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Atul Kaviraje

श्री लक्ष्मी भैरवनाथ यात्रा-यावत, तालुका-दौंड-

।। यावत के राजा: श्री लक्ष्मी भैरवनाथ ।।

दिनांक: ०१.०२.२०२६ - रविवार

पद १: यात्रा का मंगल आरंभ पुणे के पास यावत गाँव, दौंड की ये ऊँची शान, भैरवनाथ की यात्रा में, झूम रहा है सारा जहान। लक्ष्मी माता संग विराजे, भक्तों के ये देव महान, दर्शन को है भीड़ उमड़ी, भूल गए सब भूख-थकान। ( अर्थ: दौंड के यावत गाँव में आज लक्ष्मी भैरवनाथ की भव्य यात्रा शुरू हुई है। ) 🚩 🏛� 🙏 ✨ 🏘�

पद २: काठी उत्सव और भक्ति श्रद्धा की वो काठी नाचे, गगन चूमने को तैयार, भैरवनाथ के जयकारों से, गूँज रहा है सारा संसार। ढोल-ताशों की थाप पर, उमड़ा भक्ति का ये ज्वार, यावत की इस पावन नगरी, मिला सुखों का ये उपहार। ( अर्थ: ढोल-ताशों के साथ पवित्र काठी का नृत्य भक्तों में नया उत्साह भर देता है। ) 🥁 🎶 🚩 💃 🙌

पद ३: गुलाल की बौछार गुलाल उड़ा है आसमान में, लाल हुआ सारा नज़ारा, भैरवनाथ के चरणों में, झुका आज जग ये सारा। संकटहारी देव मेरे, भक्तों का हैं वही सहारा, यावत नगरी सजी है ऐसी, जैसे स्वर्ग का कोई किनारा। ( अर्थ: चारों तरफ उड़े गुलाल से पूरा वातावरण देवमय हो गया है। ) 🟠 ✨ 🛡� 👑 😍

पद ४: पालखी और छबिना सोहळा फूलों से पालखी सजी है, देव निकले नगर भ्रमण, भक्तों के इस शोर में, गूँज उठा है कोना-कोन। अबीर-गुलाल उड़ाते सब, भजन में डूबा सबका मन, सुख-शांति का आशीष मिले, धन्य हुआ ये पावन क्षण। ( अर्थ: भगवान की सजी हुई पालखी के दर्शन कर भक्त भक्ति में लीन हो जाते हैं। ) 🌸 🎊 🎤 👣 😇

पद ५: कुश्ती का दंगल और उत्साह मैदान में कुश्ती सजी है, पहलवानों का खेल निराला, दाँव-पेच और ताकत की, ये हिम्मत वाली है माला। यात्रा की ये खुशी बड़ी, मेलों का है रंग निराला, भैरवनाथ की कृपा से, रोशन यावत का हर उजाला। ( अर्थ: यात्रा में कुश्ती का दंगल आकर्षण का केंद्र होता है, जहाँ वीर अपना कौशल दिखाते हैं। ) 💪 🤼�♂️ 🏟� 🍬 🚩

पद ६: नैवेद्य और आशीष पूरनपोली का भोग लगा, श्रद्धा का है मधुर ग्रास, सच्चे मन से जो आए, उसका मिटे दुखों का वास। सुख-समृद्धि बनी रहे, यही प्रभु से एक आस, तेरे चरणों में झुककर, मिलता मन को सुखद आभास। ( अर्थ: भगवान को भोग लगाकर भक्त सुख-शांति की कामना करते हैं। ) 🍽� 🙏 💰 🕯� 😊

पद ७: विदाई और अटूट विश्वास अगले बरस फिर आएँगे, इसी उम्मीद में विदा लें, हृदय में बसी मूरत तेरी, साथ अपने हम ले चलें। भक्ति की ये ज्योत जले, मिटें सारे दुख के साये, लक्ष्मी भैरवनाथ की कृपा, हम सब पर सदा बनी रहे। ( अर्थ: भक्त इस सुंदर उत्सव की यादें लेकर अगले साल फिर मिलने का वादा करते हैं। ) 👋 ❤️ 🕯� 🌸 🚩

शब्द सारांश (Word Summary - Hindi)
यावत, दौंड, भैरवनाथ, यात्रा, गुलाल, पालखी, कुश्ती, भक्ति, श्रद्धा, आशीर्वाद।

चिन्ह सारांश (Emoji Summary - Hindi)
🚩 🥁 🟠 🤼�♂️ 🌸 👑 🍽� 🙏 👋 ✨

--अतुल परब
--दिनांक-01.02.2026-रविवार. 
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