।। दौंड की पावन माता: माँ तुकाई ।।-🚩 🙏 👸 🥁 💃 🟠 🤼‍♂️ 🎡 🍽️ 👋

Started by Atul Kaviraje, March 29, 2026, 11:17:45 AM

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Atul Kaviraje

तुकाईदेवी यात्रा-पIरगIव, साळू-माळू, तालुका-दौंड-

।। दौंड की पावन माता: माँ तुकाई ।।

दिनांक: ०१.०२.२०२६ - रविवार

पद १: यात्रा का मंगल स्वरूप पारगाव की धरती पर, बसी तुकाई माँ, साळू-माळू के संग में, पावन है ये ठाँव। रविवार का दिन सजा, यात्रा की है शान, भक्तों की टोली खड़ी, लेकर मन में ध्यान। ( अर्थ: दौंड के पारगाव में माँ तुकाईदेवी की यात्रा का भव्य आयोजन हुआ है। ) 🚩 ⛰️ 🙏 ✨ 🌺

पद २: देवी का दिव्य श्रृंगार साड़ी और खण-नारियल, सजा तुम्हारा रूप, माथे पर चंद्रकोर है, जैसे स्वर्णिम धूप। स्वर्ण आभूषण चमकते, नथ सजी है प्यारी, दर्शन पाकर धन्य हुए, नर और नारी। ( अर्थ: देवी माँ का श्रृंगार अत्यंत मनमोहक है, जिसे देख भक्त मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। ) 👸 💍 🌙 🌸 😍

पद ३: पालखी और जयकार बाजे-गाजे के साथ निकली, माँ की ये पालखी, भक्त नाचते झूम के, छवि देख के अनोखी। गुलाल और भण्डारा उड़ा, अंबर हुआ लाल, तुका मैया के नाम से, गूँजा गाँव का हाल। ( अर्थ: ढोल-नगाड़ों के साथ देवी की पालखी निकलती है और चारों तरफ गुलाल की बौछार होती है। ) 🥁 💃 🟠 ✨ 🙌

पद ४: मन्नत और अटूट विश्वास कोई आए नंगे पाँव, कोई मन्नत माँगे, तेरे चरणों में झुककर, सोई किस्मत जागे। संकट में तुम साथ हो, ऐसा है विश्वास, तेरी कृपा से महके, खुशियों का मधुमास। ( अर्थ: माँ तुकाई हर संकट में भक्तों की रक्षा करती हैं और उनकी मन्नतें पूरी करती हैं। ) 👣 🛐 🛡� 😊 🕯�

पद ५: उत्सव और दंगल मैदानों में कुश्ती सजी, पहलवानों का जोर, खेल-खिलौने देख के, मचता चहुँओर शोर। लोककला की महक यहाँ, संस्कृति का है मेल, साळू-माळू पर्वत पर, भक्ति का है खेल। ( अर्थ: यात्रा में कुश्ती का दंगल और बच्चों के लिए मेले का आनंद अविस्मरणीय होता है। ) 🤼�♂️ 🎡 🍭 ⛰️ 🎭

पद ६: भोग और आशीर्वाद पूरनपोली का भोग लगा, मैया को है प्यारा, भक्ति के इस ग्रास से, चमके भाग्य सितारा। सुख-समृद्धि बनी रहे, यही मन में है आस, अगले बरस फिर आएँगे, यही प्रेम की प्यास। ( अर्थ: माँ को पूरनपोली का भोग लगाकर भक्त सुख-शांति का वरदान माँगते हैं। ) 🍽� 🙏 💰 🌾 😇

पद ७: विदाई और श्रद्धा अगले बरस फिर मिलेंगे, लेकर तेरा आशीष, हृदय में बस गई माँ, झुकाते हम ये शीश। तुकाई माँ के नाम से, गूँजा सारा गाँव, भक्ति की इस नैया को, देना अपनी छाँव। ( अर्थ: भक्त भावपूर्ण हृदय से देवी से विदा लेते हैं और अगले वर्ष आने का वादा करते हैं। ) 👋 ❤️ 🚩 🌸 ✨

शब्द सारांश (Word Summary - Hindi)
तुकाईदेवी, पारगाव, साळू-माळू, यात्रा, पालखी, गुलाल, मन्नत, श्रद्धा, आशीर्वाद, उत्सव।

चिन्ह सारांश (Emoji Summary - Hindi)
🚩 🙏 👸 🥁 💃 🟠 🤼�♂️ 🎡 🍽� 👋

--अतुल परब
--दिनांक-01.02.2026-रविवार. 
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