।। पोफळी का पावन उत्सव: सय्यदवाड़ी उरूस ।।-🕌 🥁 🤝 🕊️ 🤲 💡 🎡 👋 ✨ 🌿

Started by Atul Kaviraje, March 29, 2026, 11:19:46 AM

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Atul Kaviraje

सय्यदवाडी उरूस-पोफळी, चिपळूण-

।। पोफळी का पावन उत्सव: सय्यदवाड़ी उरूस ।।

दिनांक: ०१.०२.२०२६ - रविवार

पद १: उरूस का मंगल आगमन चिपळूण की गोद में पोफळी, प्रकृति का सुंदर गाँव, सय्यदवाड़ी के उरूस की, छाई है शीतल छाँव। रविवार का मुहूर्त आया, भक्ति का है ठाठ, श्रद्धा से महक उठी, दर्गाह की पावन वाट। ( अर्थ: चिपळूण के पोफळी में सय्यदवाड़ी उरूस का शुभारंभ बड़े ही हर्षोल्लास के साथ हुआ है। ) 🕌 🌿 ✨ 🙏 🚩

पद २: संदल और भक्ति की महक बाजे-गाजे संग संदल निकले, फूलों की पावन चादर, वली के इस दरबार में, झुकता है सबका आदर। लोबान और अत्तर की खुशबू, महकी है चहुँ ओर, भक्तों के मन में लगी है, श्रद्धा की कच्ची डोर। ( अर्थ: संदल के जुलूस और फूलों की चादर के साथ बाबा के प्रति सम्मान प्रकट किया जाता है। ) 🥁 🌸 🕯� 🌬� 🤝

पद ३: सामाजिक सलोखा और एकता जाति-पाति को भूलकर, जुटे हैं सारे लोग, सय्यद बाबा के चरणों में, मिटते हैं सारे शोक। हिंदू-मुस्लिम भाईचारा, यहाँ की है पहचान, मानवता का धर्म यहाँ, पाता है ऊँचा मान। ( अर्थ: यह उरूस सांप्रदायिक एकता का प्रतीक है, जहाँ सभी धर्मों के लोग भाईचारे के साथ मिलते हैं। ) 👫 🤝 🕊� ❤️ ✨

पद ४: मन्नत और आशीर्वाद कठिन समय में साथ निभाए, बाबा का ये हाथ, दुखों के इस अंधेरे में, जलाते हैं ये ज्योति की पाँत। कोई माँगे सुख-शांति, कोई माँगे पावन दुआ, भक्तों के इस जीवन में, सुख का है ये खज़ाना हुआ। ( अर्थ: बाबा अपने भक्तों के संकट दूर करते हैं और उनकी हर दुआ कबूल करते हैं। ) 🤲 🛡� 🕯� 😊 💎

पद ५: रोशनी का दिव्य उत्सव दीयों की इस झिलमिल में, दरगाह नहाई है, भक्ति की ये दिव्य आभा, मन में छाई है। लंगर और प्रसाद का, मिलता सबको भाग, तृप्त हुए सब भक्तजन, मिटे भूख की आग। ( अर्थ: दरगाह की सजावट और रोशनी मन मोह लेती है और लंगर में सभी को प्रसाद मिलता है। ) 💡 ✨ 🌙 🍽� 😇

पद ६: मेले का आनंद और उत्साह मेला लगा है भारी यहाँ, खुशियाँ उमड़ रही हैं, बच्चों की ये नन्हीं टोलियाँ, खिलौने पकड़ रही हैं। चिपळूण की इस नगरी में, गूँज रहा है शोर, प्रकृति भी दे रही साथ, भक्ति की है जोर। ( अर्थ: मेले में बच्चों की रौनक और उत्सव का शोर पूरे पोफळी गाँव को आनंदित कर देता है। ) 🎡 🍭 🥁 🎈 🌿

पद ७: विदाई और कृतज्ञता अगले बरस फिर आएँगे, इसी आस में विदा, हृदय में बस गई बाबा, आपकी ये दिव्य अदा। पोफळी की इस पावन मिट्टी में, रहे आपकी माया, भक्तों पर सदा बनी रहे, बाबा आपकी छाया। ( अर्थ: भक्त बाबा का आशीष लेकर अगले वर्ष पुनः मिलने के वादे के साथ विदा लेते हैं। ) 👋 ❤️ 🕌 🌸 ✨

शब्द सारांश (Word Summary - Hindi)
पोफळी, चिपळूण, सय्यदवाड़ी, उरूस, संदल, एकता, श्रद्धा, मानवता, आशीर्वाद, मेला।

चिन्ह सारांश (Emoji Summary - Hindi)
🕌 🥁 🤝 🕊� 🤲 💡 🎡 👋 ✨ 🌿

--अतुल परब
--दिनांक-01.02.2026-रविवार. 
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