।। मावळ की रक्षक: माँ वाघजाई देवी ।।-🚩 🐅 👸 🥁 💃 🟠 🤼‍♂️ 🎡 🍽️ 👋

Started by Atul Kaviraje, March 29, 2026, 11:21:46 AM

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Atul Kaviraje

श्री वाघजाई देवी यात्रा-हिंडोशी मावळ, तालुका-भोर, जिल्हा-पुणे-

।। मावळ की रक्षक: माँ वाघजाई देवी ।।

दिनांक: ०१.०२.२०२६ - रविवार

पद १: यात्रा का मंगल आगमन भोर के हिंडोशी मावल में, प्रकृति का सुंदर वास, वाघजाई देवी की यात्रा का, सबको है विश्वास। रविवार का मुहूर्त सजा, भक्ति का है ठाठ, दर्शन को आतुर हुए, सजी है पावन वाट। ( अर्थ: भोर के हिंडोशी मावल गाँव में माँ वाघजाई देवी की भव्य यात्रा का आयोजन हुआ है। ) 🚩 🏔� 🙏 ✨ 🏘�

पद २: देवी का दिव्य रूप बाघ पर सवार माता, तेजपुंज है रूप, भक्तों के इस जीवन में, खिला ज्ञान का धूप। माथे पर चंदा चमके, हाथों में हथियार, रक्षा करती भक्तों की, मैया बड़ी उदार। ( अर्थ: बाघ पर सवार देवी माँ का रूप अत्यंत तेजस्वी है। वे अपने शस्त्रों से भक्तों की रक्षा करती हैं। ) 🐅 👸 🌙 ⚔️ 😍

पद ३: पालखी और छबिना उत्सव बाजे-गाजे संग चली, माँ की पावन पालखी, भक्त नाचते झूम के, महिमा देख अनोखी। गुलाल-भंडारा उड़ा है, अंबर हुआ निहाल, वाघजाई मैया का, बढ़ा है आज गुलाल। ( अर्थ: ढोल-नगाड़ों के साथ माँ की पालखी निकलती है और चारों ओर गुलाल की वर्षा होती है। ) 🥁 💃 🟠 ✨ 🙌

पद ४: मन्नत और मनोकामना कोई आए नंगे पाँव, कोई मन्नत माने, तेरे चरणों में झुककर, सोई किस्मत जागे। संकट में तुम साथ हो, मावल की हो रानी, तेरी कृपा से सफल हो, भक्तों की हर वाणी। ( अर्थ: भक्त अपनी मन्नतें लेकर माँ के दरबार में आते हैं। मावल की रानी माँ वाघजाई सबकी पुकार सुनती हैं। ) 👣 🛐 🛡� 😊 🕯�

पद ५: कुश्ती का दंगल और आनंद मैदान में कुश्ती सजी, पहलवानों का जोर, यात्रा के इस पर्व में, मचा है चहुँओर शोर। खेल-खिलौने देखकर, बच्चे हुए हैं दंग, हिंडोशी की मिट्टी में, चढ़ा भक्ति का रंग। ( अर्थ: यात्रा में कुश्ती का दंगल आकर्षण का केंद्र है और बच्चे मेले का भरपूर आनंद ले रहे हैं। ) 💪 🤼�♂️ 🎡 🍭 🚩

पद ६: भोग और आशीर्वाद पूरनपोली का भोग लगा, मैया को है प्यारा, भक्ति के इस ग्रास से, चमके भाग्य सितारा। सुख-समृद्धि बनी रहे, यही मन में है आस, अगले बरस फिर आएँगे, यही प्रेम की प्यास। ( अर्थ: माँ को पूरनपोली का भोग लगाकर सुख-शांति की प्रार्थना की जाती है और अगले वर्ष आने का वादा किया जाता है। ) 🍽� 🙏 💰 🌾 😇

पद ७: विदाई और अटूट श्रद्धा अगले बरस फिर मिलेंगे, लेकर तेरा आशीष, हृदय में बस गई माँ, झुकाते हम ये शीश। वाघजाई माँ के नाम से, गूँजा सारा गाँव, भक्ति की इस नैया को, देना अपनी छाँव। ( अर्थ: उत्सव के अंत में भक्त माँ का आशीर्वाद लेकर और मधुर यादें समेटकर विदा लेते हैं। ) 👋 ❤️ 🚩 🌸 ✨

शब्द सारांश (Word Summary - Hindi)
हिंडोशी, मावल, भोर, वाघजाई देवी, यात्रा, पालखी, गुलाल, कुश्ती, भक्ति, आशीर्वाद।

चिन्ह सारांश (Emoji Summary - Hindi)
🚩 🐅 👸 🥁 💃 🟠 🤼�♂️ 🎡 🍽� 👋

--अतुल परब
--दिनांक-01.02.2026-रविवार. 
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