।। शिरवली की कुलस्वामिनी: माँ वाघजाई देवी ।।-🚩 🏔️ 👸 🥁 💃 🟠 🤼‍♂️ 🎡 🍽️ 👋

Started by Atul Kaviraje, March 29, 2026, 11:23:14 AM

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Atul Kaviraje

श्री वाघजाई देवी यात्रा-शिरवली, तालुका-भोर, जिल्हा-पुणे-

।। शिरवली की कुलस्वामिनी: माँ वाघजाई देवी ।।

दिनांक: ०१.०२.२०२६ - रविवार

पद १: यात्रा का मंगल आरंभ भोर के शिरवली गाँव में, प्रकृति का सुंदर वास, वाघजाई देवी की यात्रा का, हर्ष है मन में खास। रविवार का शुभ दिन आया, भक्ति का है ठाठ, श्रद्धा से महक उठी, मंदिर की पावन वाट। ( अर्थ: शिरवली गाँव में आज माँ वाघजाई की यात्रा है, जहाँ भक्त बड़े उत्साह से दर्शन के लिए उमड़ पड़े हैं। ) 🚩 🏔� 🙏 ✨ 🏘�

पद २: देवी का दिव्य रूप बाघ पर सवार माता, तेजोमय उनकी मूरत, शिरवली की इस धरती पर, गाएँ उनकी कीरत। हाथ में शस्त्र और माथे पर, चमके चंद्रकोर, संकट में दौड़ के आए, मैया है चितचोर। ( अर्थ: बाघ पर सवार देवी माँ का रूप अत्यंत दिव्य है। वे अपने शस्त्रों से भक्तों की रक्षा करती हैं। ) 🐅 👸 🌙 ⚔️ 😍

पद ३: पालखी और गुलाल वर्षा बाजे-गाजे संग चली, माँ की पावन पालखी, भक्त नाचते झूम के, महिमा देख अनोखी। भंडारा और गुलाल से, भीगा सारा गाँव, वाघजाई के जयघोष में, मिला सुखों का पाँव। ( अर्थ: ढोल-नगाड़ों के साथ माँ की पालखी निकलती है और चारों ओर गुलाल की वर्षा से गाँव रंगीन हो जाता है। ) 🥁 💃 🟠 🎊 🙌

पद ४: मन्नत और भक्ति कोई आए नंगे पाँव, कोई मन्नत माने, तेरे चरणों में झुककर, सोई किस्मत जागे। शिरवली की रक्षक तुम, भक्तों का विश्वास, तेरी कृपा से महके, खुशियों का मधुमास। ( अर्थ: भक्त अपनी मन्नतें लेकर माँ के दरबार में आते हैं। शिरवली की रक्षक माँ सबका कल्याण करती हैं। ) 👣 🛐 🛡� 😊 🕯�

पद ५: कुश्ती का दंगल मैदान में कुश्ती सजी, गूँजा शड्डू का नाद, पहलवानों के खेल को, मिली भक्तों की दाद। खेल-खिलौने देखकर, बच्चे हुए हैं दंग, यात्रा के इस पर्व में, चढ़ा भक्ति का रंग। ( अर्थ: यात्रा में कुश्ती का दंगल आकर्षण का केंद्र है और बच्चे मेले का भरपूर आनंद ले रहे हैं। ) 💪 🤼�♂️ 🎡 🍭 🚩

पद ६: भोग और आशीर्वाद पूरनपोली का भोग लगा, मैया को है अर्पण, भक्ति के इस प्रसाद से, शुद्ध हुआ हर मन। सुख-समृद्धि बनी रहे, यही मन में है आस, अगले बरस फिर आएँगे, यही प्रेम की प्यास। ( अर्थ: माँ को पूरनपोली का भोग लगाकर सुख-शांति की प्रार्थना की जाती है और अगले वर्ष आने का वादा किया जाता है। ) 🍽� 🙏 💰 🌾 😇

पद ७: विदाई और अटूट श्रद्धा अगले बरस फिर मिलेंगे, लेकर तेरा आशीष, हृदय में बस गई माँ, झुकाते हम ये शीश। शिरवली की मिट्टी पर, रहे सदा आपकी छाया, भक्तों पर बनी रहे, माँ आपकी ये माया। ( अर्थ: उत्सव के अंत में भक्त माँ का आशीर्वाद लेकर और मधुर यादें समेटकर विदा लेते हैं। ) 👋 ❤️ 🚩 🌸 ✨

शब्द सारांश (Word Summary - Hindi)
शिरवली, भोर, वाघजाई, यात्रा, पालखी, गुलाल, कुश्ती, भक्ति, आशीर्वाद, समाधान।

चिन्ह सारांश (Emoji Summary - Hindi)
🚩 🏔� 👸 🥁 💃 🟠 🤼�♂️ 🎡 🍽� 👋

--अतुल परब
--दिनांक-01.02.2026-रविवार. 
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