।। काळज के राजा: मल्हारी मार्तंड खंडोबा ।।-🚩 🙏 🐎 ⚔️ 🟡 🥁 💪 🍽️ 👋

Started by Atul Kaviraje, March 29, 2026, 11:26:10 AM

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Atul Kaviraje

श्री खंडोबा यात्रा-काळज, तालुका-फलटण-

।। काळज के राजा: मल्हारी मार्तंड खंडोबा ।।

दिनांक: ०१.०२.२०२६ - रविवार

पद १: यात्रा का मंगल आरंभ काळज की नगरी में हर्ष छाया, भक्ति का उत्सव आया, खंडेराया के दर्शन को, भक्तों का रेला उमड़ आया। रविवार का शुभ मुहूर्त, खंडोबा का है खास वार, येळकोट येळकोट के जयघोष से, गूँजा है ये संसार। ( अर्थ: फलटण के काळज गाँव में आज खंडोबा की यात्रा है, जहाँ 'येळकोट' के नारों से उत्सव शुरू हुआ है। ) 🚩 🏰 🙏 ✨ 🏘�

पद २: देव का दिव्य रूप हाथ में खंडा माथे भंडारा, देव की मूरत है प्यारी, मल्हारी के दर्शन से, खुश हुए भक्त नर-नारी। म्हाळसा-बाणाई संग सोहे, अश्वारूढ़ ये रूप महान, काळज की इस माटी का, आप ही हो ऊँचा मान। ( अर्थ: घोड़े पर सवार खंडोबा का तेजस्वी रूप और माथे पर लगा पीला भंडारा भक्तों का मन मोह लेता है। ) 🐎 🤴 ⚔️ 🟡 😍

पद ३: भंडारा और गुलाल की वर्षा भंडारे से भीगा है, काळज गाँव का ये आँगन, सोनिया की जेजुरी जैसे, उतरी हो इस पावन बन। अबीर-गुलाल उड़ाते भक्त, भक्ति में हैं मगन, खंडोबा की पालखी का, सुंदर हुआ है आगमन। ( अर्थ: चारों ओर पीला भंडारा उड़ने से पूरा गाँव सोने जैसा चमक रहा है और भक्त पालखी के रंग में रंगे हैं। ) 🟡 ✨ 🚩 🎊 🙌

पद ४: पालखी और छबिना उत्सव बाजे-गाजे संग चली पालखी, भंडारा गिरा वादियों में, भक्तों की इस भीड़ में, खुशी मिली सदियों में। नगाड़ा और शहनाई बजे, गूँजी है ये पावन रात, मल्हारी का जयकारा, लाता है सुखों की सौगात। ( अर्थ: नगाड़ों और शहनाई की धुन पर जब पालखी निकलती है, तो पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता है। ) 🥁 🎺 🟡 🚶�♂️ 😇

पद ५: कुश्ती का दंगल मैदान में कुश्ती सजी, गूँजा शड्डू का नाद भारी, पहलवानों के खेल को, मिली दाद ये सबसे न्यारी। यात्रा का ये शोर बड़ा, खेल-खिलौने गली-गली, खंडेराया की कृपा से, काळज की हर कली खिली। ( अर्थ: यात्रा में कुश्ती का दंगल और बच्चों के लिए मेले की रौनक काळज की शोभा बढ़ाती है। ) 💪 🤼�♂️ 🎡 🍭 🚩

पद ६: भोग और आशीर्वाद पूरनपोली और बैंगन भर्ता, मैया को है अर्पण, भक्ति भाव से जो आए, उसका सफल हुआ जीवन। सुख-समृद्धि बनी रहे, यही मल्हारी से आस, तेरी कृपा से महके, खुशियों का मधुर सुवास। ( अर्थ: भगवान को भोग लगाकर भक्त सुख-शांति की कामना करते हैं और कष्ट हरने की प्रार्थना करते हैं। ) 🍽� 🙏 🍆 🍯 😋

पद ७: विदाई और कृतज्ञता अगले बरस फिर आएँगे, इसी उम्मीद में विदा लें, तेरी ये सूरत खंडेराया, अपने दिल में बसा लें। काळज की इस नगरी पर, रहे सदा आपकी माया, येळकोट येळकोट जय मल्हार, बनी रहे ये छाया। ( अर्थ: भक्त आशीर्वाद लेकर और अगले साल फिर मिलने का वादा कर खंडोबा से विदा लेते हैं। ) 👋 ❤️ 🟡 🌸 ✨

शब्द सारांश (Word Summary - Hindi)
काळज, फलटण, खंडोबा, यात्रा, भंडारा, पालखी, कुश्ती, येळकोट, मल्हार, भक्ति।

चिन्ह सारांश (Emoji Summary - Hindi)
🚩 🙏 🐎 ⚔️ 🟡 🥁 💪 🍽� 👋

--अतुल परब
--दिनांक-01.02.2026-रविवार. 
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