।। संत शिरोमणी गुरु रविदास जयंती: समता का महामंत्र ।।-🚩 ✨ 🙏 🌊 🤝 ⚖️ 👞 📜 👋

Started by Atul Kaviraje, March 29, 2026, 12:18:49 PM

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Atul Kaviraje

गुरु रविदास जयंती-

।। संत शिरोमणी गुरु रविदास जयंती: समता का महामंत्र ।।

दिनांक: ०१.०२.२०२६ - रविवार

पद १: जयंती का मंगल उत्सव आज खिली है पावन नगरी, भक्ति का सूर्योदय हुआ, गुरु रविदास जयंती का, मंगल ये उत्सव शुरू हुआ। रविवार का ये शुभ दिन, संतों के स्मरण में रंगा, समता का ये महामंत्र, हर हृदय में है पहुँचा। ( अर्थ: आज संत गुरु रविदास जी की जयंती है और सारा वातावरण उनकी भक्ति के आनंद से सराबोर है। ) 🚩 ✨ 🙏 ☀️ 🎊

पद २: 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' "मन चंगा तो कठौती में गंगा", यही तुम्हारा महान विचार, शुद्ध हृदय से ही होता है, मानव का ये बेड़ा पार। कर्म में ही ईश्वर को देखा, श्रद्धा की यही सच्ची रीत, तुम्हारी ही शिक्षा से मिली, जीवन को नई उम्मीद। ( अर्थ: यदि मन शुद्ध है तो गंगा आपके पास ही है, गुरु रविदास जी का यह विचार सदाचार का मार्ग प्रशस्त करता है। ) 🌊 🧘�♂️ ✨ ❤️ 😊

पद ३: समता और भाईचारा जाति-पाति का भेद मिटाया, दिया समता का संदेश, मानवता ही धर्म श्रेष्ठ है, चमका अपना भारत देश। अमीर हो या गरीब कोई, तेरे दर पर सब समान, भक्ति के इस सागर में, सबको मिला यहाँ सम्मान। ( अर्थ: गुरु रविदास जी ने भेदभाव दूर कर सभी को समानता का संदेश दिया और मानवता का महत्व समझाया। ) 🤝 🌍 ⚖️ 🙌 🕊�

पद ४: ईश्वर भक्ति और साधना काबा-काशी कहाँ ढूँढते, विट्ठल बसते तेरे भीतर, भक्ति की इस पावन धारा से, तृप्त हुए सबके मन-मन्दिर। निर्गुण निराकार ईश्वर का, किया तुमने अखंड चिंतन, तुम्हारे शब्दों ने किया, समाज का ये नूतन मनन। ( अर्थ: ईश्वर को बाहर खोजने की आवश्यकता नहीं, वह हमारे हृदय में ही वास करता है, यही उनकी शिक्षा थी। ) 🔱 🛐 🕯� 🧘 ✨

पद ५: कर्म की महिमा महान चर्मकार कुल में जन्म लेकर, कर्म को ही माना देव, हाथों की उस सुई-तागे में, रखा भक्ति का भाव। मेहनत करने वाला हर हाथ, ईश्वर का ही रूप है, तुम्हारे इन विचारों की ही, समाज को आज भूख है। ( अर्थ: उन्होंने अपने काम को ही पूजा माना और श्रम को ईश्वर का दर्जा देकर श्रमिकों का गौरव बढ़ाया। ) 👞 🧵 🪡 💪 😇

पद ६: मानवता के मार्गदर्शक तुम्हारे पदों से मिलती है, शांति और समाधान, दुखी और पीड़ित जीवों को, मिला एक नया वरदान। अंधकार सारा दूर हुआ, ज्ञान का ये दीप जला, गुरु रविदास की कृपा से, मानवता का फूल खिला। ( अर्थ: उनकी वाणी से समाज को ज्ञान और शांति मिली, जिससे अज्ञानता दूर हुई और इंसानियत बढ़ी। ) 📜 🕯� 💡 🌻 😌

पद ७: वंदन और कृतज्ञता कोटि-कोटि वंदन तुमको, हे संतों के शिरोमणि, तुम्हारी ही शिक्षा रहे, हमारे इस सदैव मन में। समता, ममता और भक्ति का, अखंड बहे यहाँ झरना, गुरु रविदास का मार्ग ही, जग का है सुखद ठिकाना। ( अर्थ: संत रविदास जी के चरणों में नमन करते हुए हम उनके समतावादी विचारों पर चलने का संकल्प लेते हैं। ) 👋 ❤️ 🌸 🚩 ✨

शब्द सारांश (Word Summary - Hindi)
रविदास, जयंती, समता, मानवता, भक्ति, कर्म, मन चंगा, शांति, उत्सव, वंदन।

चिन्ह सारांश (Emoji Summary - Hindi)
🚩 ✨ 🙏 🌊 🤝 ⚖️ 👞 📜 👋

--अतुल परब
--दिनांक-01.02.2026-रविवार. 
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