।। सौंदत्ती की जगदंबा: माँ रेणुका यात्रा ।।-🚩 ⛰️ 🙏 👸 🟡 ✨ 🥁 🌊 🍽️ 👋

Started by Atul Kaviraje, March 29, 2026, 12:22:28 PM

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Atul Kaviraje

रेणुका यात्रा सौंदत्ती-

।। सौंदत्ती की जगदंबा: माँ रेणुका यात्रा ।।

दिनांक: ०१.०२.२०२६ - रविवार

पद १: सौंदत्ती गढ़ की महिमा सौंदत्ती के इस पावन गढ़ पर, भक्ति का है ठाठ, रेणुका माँ के दर्शन को, खुली ये पावन वाट। रविवार का शुभ मुहूर्त, उमड़ा जनसागर, यल्लम्मा के जयघोष से, गूँजे हैं ये डोंगर। ( अर्थ: सौंदत्ती पर्वत पर माँ रेणुका की यात्रा सजी है, जहाँ रविवार के दिन भक्तों का भारी सैलाब उमड़ा है। ) 🚩 ⛰️ 🙏 ✨ 🏘�

पद २: देवी का दिव्य रूप हाथ में परशु माथे भंडारा, रूप तुम्हारा प्यारा, भक्तों के इस जीवन का, तुम ही हो एक सहारा। जगदंबा तुम रेणुका माता, सारे जग की जननी, तुम्हारे दर्शन से पावन, हुई ये पावन धरनी। ( अर्थ: माँ रेणुका का परशुधारी रूप और माथे पर पीला भंडारा भक्तों को असीम शांति और शक्ति प्रदान करता है। ) 👸 कु 🟡 🌸 😍

पद ३: जोगवा और भंडारे की वर्षा 'उदे गं उदे' के जयघोष से, उड़ा भंडारा अंबर में, भक्ति के इस रंग में, डूबे भक्त हर घर में। झोली फैलाकर जोगवा माँगें, तेरे नाम से आज, सौंदत्ती की नगरी में, यात्रा का है पावन साज। ( अर्थ: भक्त 'उदे गं उदे' पुकारते हुए पीला भंडारा उड़ाते हैं और माँ के नाम की झोली फैलाकर भक्ति का दान माँगते हैं। ) 🟡 ✨ 🚩 🎊 🙌

पद ४: मळगंगा और पवित्र स्नान मळगंगा के पावन तीर्थ में, स्नान कर सब आए, शुद्ध हृदय से मैया के, चरणों में शीश नवाए। परशुराम और जमदग्नि का, लेकर पावन नाम, रेणुका के चरणों में, पाया सबने सुखद धाम। ( अर्थ: पवित्र मळगंगा कुंड में स्नान के पश्चात भक्त माँ के दर्शन करते हैं और पितृ-शक्ति का स्मरण करते हैं। ) 🌊 🚿 🧘�♂️ 🕯� 😇

पद ५: पालखी और छबिना उत्सव बाजे-गाजे संग चली माँ, पावन पालखी में, भक्त झूमते श्रद्धा से, मैया की इस भक्ति में। हलगी और ढोल की थाप, गूँजती है वादियों में, रेणुका का ये उत्सव, बसा है सबकी यादों में। ( अर्थ: ढोल और हलगी के साथ जब माँ की पालखी निकलती है, तो पूरे पर्वत पर उल्लास छा जाता है। ) 🥁 🎺 💃 🎊 🚩

पद ६: भोग और आशीर्वाद पूरनपोली और बैंगन भर्ता, मैया को है अर्पण, भक्ति भाव से जो आए, सफल हुआ उसका जीवन। सुख-समृद्धि बनी रहे, यही चरणों में है आस, तेरी कृपा से ही महके, खुशियों का मधुमास। ( अर्थ: माँ को भोग लगाकर भक्त सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं और मंगलमय जीवन का वरदान पाते हैं। ) 🍽� 🙏 🍆 🍯 😋

पद ७: विदाई और अटूट श्रद्धा अगले बरस फिर आएँगे, चरणों में नवाते शीश, हृदय में ले चले हम, मैया तेरा पावन आशीष। सौंदत्ती के इस गढ़ पर, रहे सदा आपकी माया, भक्तों पर सदा बनी रहे, माँ आपकी ये छाया। ( अर्थ: यात्रा के समापन पर भक्त आशीर्वाद लेकर विदा होते हैं और अगले वर्ष पुनः आने का संकल्प लेते हैं। ) 👋 ❤️ 🚩 🌸 ✨

शब्द सारांश (Word Summary - Hindi)
सौंदत्ती, रेणुका माता, यल्लम्मा, यात्रा, भंडारा, जोगवा, पालखी, मळगंगा, भक्ति, उत्सव।

चिन्ह सारांश (Emoji Summary - Hindi)
🚩 ⛰️ 🙏 👸 🟡 ✨ 🥁 🌊 🍽� 👋

--अतुल परब
--दिनांक-01.02.2026-रविवार. 
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