।। जान्हवीदेवी का उत्सव: एरंडोली का पावन मेला ।।-🌸 🛕 👸 🥁 🔴 🎡 🕉️ 👋👋 ❤️

Started by Atul Kaviraje, March 30, 2026, 11:28:31 AM

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Atul Kaviraje

जान्हवीदेवी यात्रा-एरंडोली, तालुका-मिरज-

।। जान्हवीदेवी का उत्सव: एरंडोली का पावन मेला ।।

दिनांक: ०२.०२.२०२६ - सोमवार

पद १: मेले का मंगल उत्सव माघ मास का स्वर्ण समय, सोमवार की आई ये भोर, एरंडोली नगरी सजी, पावन हुआ ये समय चहुँओर। जान्हवीदेवी के मेले का आज, उत्साह है गाँव-गाँव, भक्तों की इस भीड़ में, भक्ति की हो सुखद छाँव। ( अर्थ: माघ महीने के इस शुभ सोमवार को एरंडोली में जान्हवीदेवी की यात्रा का मंगल उत्साह है और चारों ओर भक्ति का माहौल है। ) 🌸 ✨ 🛕 🙏 🚩

पद २: देवी का दिव्य रूप गर्भगृह में सजी मैया, तेज चमकता मुखमंडल पर, भक्तों की पुकार पर आए, कृपा उसकी हर एक घर। जान्हवीदेवी का रूप सलोना, सिंदूरी आभा और मुस्कान, उनके दर्शन मात्र से, मिले मन को बड़ा ही सम्मान। ( अर्थ: देवी की प्रतिमा अत्यंत तेजस्वी है; उनके दर्शन से भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और शांति मिलती है। ) 👸 🔱 🕯� 🏮 😍

पद ३: पालकी और छबिना बजते-गाजते निकले पालकी, गुलाल और सूखे मेवे की बौछार, 'जान्हवीदेवी के नाम का जयकार', गूँज रहा है ये संसार। छबिना की इस रोशनी से, जगमगा उठा है ये आकाश, भक्ति के इस प्रवाह में, मिला खुशियों का नया प्रकाश। ( अर्थ: ढोल-ताशों के साथ देवी की पालकी निकलती है, गुलाल उड़ता है और भक्तों के जयघोष से सारा परिसर गूँज उठता है। ) 🥁 🔴 🎊 🚶�♂️ 🙌

पद ४: नैवेद्य और मन्नत पूरनपोली का मीठा भोग, मैया के चरणों में अर्पण, श्रद्धा से माँगी मन्नत, आज हुई पूरी पूर्णतः समर्पण। कुलाचार की ये रीत बड़ी, पीढ़ियों का है ये साथ, माँ के आशीर्वाद से मिले, संकटों में भी थामने को हाथ। ( अर्थ: देवी को मीठा भोग चढ़ाकर भक्त अपनी मन्नतें पूरी करते हैं; माँ की कृपा से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। ) 🍽� 🍯 🥥 💐 😇

पद ५: मेले की ये मस्ती झूले, मिठाई और खिलौने, बच्चों की ये धमा-चौकड़ी, मेले के इस बाजार में, जमी भक्तों की ये टोली। रिश्तेदार और मेहमान आए, खुशियों का है ये बहार, एरंडोली के इस मेले की, फैली है ये मधुर पुकार। ( अर्थ: मेले के बाजार में खिलौने, झूले और मेहमानों के आने से गाँव में एक नया चैतन्य और आनंद छा गया है। ) 🎡 🍬 🧸 👨�👩�👧�👦 🍭

पद ६: भक्ति और शक्ति का संगम सोमवार का पावन दिन, शिव का भी मिला है साथ, शक्ति और भक्ति का यहाँ, जुड़ गया है आज हाथ। जान्हवीदेवी की कृपा से ही, खेतों में उपजे सोना, सुखी और समृद्ध रहे, हर एक मनुष्य का कोना। ( अर्थ: सोमवार होने के कारण शिव-शक्ति का मिलन हुआ है; प्रार्थना है कि माँ की कृपा से खेतों में हरियाली और जीवन में सुख आए। ) 🌿 🌾 🕉� 🔱 ✨

पद ७: विदाई और कृतज्ञता संध्या की उस आरती से, भर उठा है ये अंतर्मन, तेरा ही साथ रहे मैया, हमें सदा ही जीवन भर। अगले बरस फिर आएँगे, इसी श्रद्धा से तेरे पास, जान्हवीदेवी की ये यात्रा, मन में बसी है बनके खास। ( अर्थ: आरती के बाद भक्त कृतज्ञता प्रकट करते हुए विदा लेते हैं और अगले वर्ष पुनः आने का संकल्प करते हैं। ) 👋 ❤️ 🚩 💮 🕯�

शब्द सारांश (Word Summary - Hindi)
जान्हवीदेवी, एरंडोली, यात्रा, मिरज, पालकी, गुलाल, नैवेद्य, उत्सव, भक्ति, सोमवार।

चिन्ह सारांश (Emoji Summary - Hindi)
🌸 🛕 👸 🥁 🔴 🎡 🕉� 👋

--अतुल परब
--दिनांक-02.02.2026-सोमवार.
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