।। निवृत्तीनाथ का जयजयकार: आदिगुरु का पावन स्मरण ।।-✨ 🚩 🧘‍♂️ 📜 🛕 👨‍👩‍👧‍👦

Started by Atul Kaviraje, March 30, 2026, 11:33:59 AM

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Atul Kaviraje

संत निवृत्तीनाथ जयंती-

।। निवृत्तीनाथ का जयजयकार: आदिगुरु का पावन स्मरण ।।

दिनांक: ०२.०२.२०२६ - सोमवार (माघ शुद्ध प्रतिपदा)

पद १: जयंती का मंगल उदय माघ मास की पहली तिथि, भाग्य का ये सोमवार, निवृत्तीनाथ के जन्म से, हुआ रोशन महाराष्ट्र सारा। ज्ञान का ये मूल झरना, भक्ति का पहला दीप है, आपके पावन स्पर्श से, धन्य त्र्यंबक के समीप है। ( अर्थ: माघ शुद्ध प्रतिपदा को संत निवृत्तीनाथ का जन्म हुआ; उनके रूप में महाराष्ट्र को ज्ञान और भक्ति का मूल स्रोत प्राप्त हुआ। ) ✨ 🚩 🧘�♂️ 🌅 🙏

पद २: आदिगुरु की श्रेष्ठता ज्ञानदेव के बड़े भाई, और माऊली के तुम गुरुराय, विठ्ठल भक्ति की राह पर, दिखाए पावन ये पाय। गहिनीनाथ का प्रसाद लेकर, दीनों का किया उद्धार, आपके ही शब्दों से गूँजता, इस विश्व में ओंकार। ( अर्थ: निवृत्तीनाथ संत ज्ञानेश्वर के गुरु थे; उन्होंने गहिनीनाथ से प्राप्त नाथ संप्रदाय की दीक्षा को वारकरी पंथ में प्रवाहित किया। ) 📜 🎓 👣 🕉� 🙌

पद ३: अभंगवाणी की मिठास 'निवृत्तीदेवी' नाम तुम्हारा, रसीली तुम्हारी ये वाणी, भक्ति के इस सागर में, भरा है अमृत का पानी। अद्वैत तत्वज्ञान का, दिया सरल ये पाठ, आपके ही विचारों से, सजी भक्ति की ये घाट। ( अर्थ: निवृत्तीनाथ के अभंगों में अद्वैत ज्ञान और भक्ति का सुंदर संगम है, जो आम आदमी के लिए बहुत ही सहज और सुलभ है। ) 🖋� 📖 🌊 🍯 ✨

पद ४: त्र्यंबकेश्वर की पावन भूमि ब्रह्मगिरी की छाया में, बीता तुम्हारा ये बचपन, प्रकृति के सानिध्य में, हुआ ईश्वरीय अर्पण। त्र्यंबकेश्वर की ये वारी, निवृत्तीनाथ के इस नाम, भक्तों के इस मन में, बसे तुम्हारा ही पावन धाम। ( अर्थ: त्र्यंबकेश्वर निवृत्तीनाथ की तपोभूमि है; वहां की वारी में आज भी भक्तों को उनकी असीम शक्ति का अनुभव होता है। ) ⛰️ 🛕 🌿 🧘�♂️ 🚩

पद ५: निवृत्ती, ज्ञान, सोपान, मुक्ता चार युगों के ये अवतार, तुम चार भाई-बहन हो, अज्ञान का नाश करके, तुम भक्ति के मधुर चैन हो। भाई-बहनों के इस प्रेम में, भक्ति का आदर्श महान, आपके पावन चरणों में, मिलता खुशियों का दान। ( अर्थ: निवृत्ती, ज्ञानदेव, सोपान और मुक्ताबाई ने मिलकर महाराष्ट्र में भागवत धर्म का ध्वज लहराया और एक महान आदर्श प्रस्तुत किया। ) 👨�👩�👧�👦 🤝 🚩 ❤️ 😊

पद ६: वैराग्य की मूरत मन में नहीं कोई मोह, निवृत्ती ही तुम्हारा लक्षण, विठ्ठल के इस नाम से, किया जीवन का रक्षण। अहंकार का त्याग करके, विनम्रता से जीना सिखाया, आपके ही पाठ ने, इंसानियत का दीपक जलाया। ( अर्थ: निवृत्ती का अर्थ है सांसारिक मोह से दूर होना; महाराज ने वैराग्य का आदर्श रख सबको नम्रता का मार्ग दिखाया। ) 🕯� 🧘�♂️ 💎 🚫 ✨

पद ७: वंदन और कृतज्ञता पुण्यवान है ये धरा आज, जयंती का ये उत्सव भारी, निवृत्तीनाथ के चरणों में, शीश झुकाए दुनिया सारी। वारकरी इस पंथ के, तुम ही हो असली आधार, तुम्हारे नाम से रोशन रहे, हमारा ये सारा संसार। ( अर्थ: संत निवृत्तीनाथ की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए उनकी शिक्षाओं से अपने जीवन को कृतार्थ करने का संकल्प लें। ) 👋 ❤️ 🌸 🚩 🙏

शब्द सारांश (Word Summary - Hindi)
निवृत्तीनाथ, जयंती, आदिगुरु, त्र्यंबकेश्वर, ज्ञानेश्वर, वैराग्य, भक्ति, वारकरी, सोमवार, वंदन।

चिन्ह सारांश (Emoji Summary - Hindi)
✨ 🚩 🧘�♂️ 📜 🛕 👨�👩�👧�👦 👋

--अतुल परब
--दिनांक-02.02.2026-सोमवार.
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